Bhandara News: 45 विद्यार्थियों वाले अनुदानित स्कूल की संख्या शून्य दर्शाने पर उठे सवाल

45 विद्यार्थियों वाले अनुदानित स्कूल की संख्या शून्य दर्शाने पर उठे सवाल
  • माकडे स्कूल को बंद करने का आरोप
  • शिक्षा राज्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर की उच्च स्तरीय जांच की मांग
  • शिक्षकों को छह महीने से नहीं मिला वेतन

Bhandara News तुमसर के शत-प्रतिशत अनुदानित ऐतिहासिक नगर परिषद माकडे विद्यालय को आधिकारिक अनुमति या शासनादेश के बिना बंद किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। स्वराज्य युवा एकता फाउंडेशन ने मामले की उच्चस्तरीय जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। बताया है कि शैक्षणिक सत्र 2025-26 में विद्यालय में 45 विद्यार्थी अध्यनरत थे, लेकिन कथित तौर पर उनके स्कूल छोड़ने के प्रमाणपत्र जारी कर संख्या शून्य दर्शा दी गई।

इस बारे में फाउंडेशन के अध्यक्ष अमित मेश्राम ने रविवार, 25 अक्टूबर को शिक्षा राज्यमंत्री तथा भंडारा जिले के पालकमंत्री डॉ. पंकज भोयर को ज्ञापन सौंपकर इस प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। आरोप लगाया है कि, जुलाई 2026 में नेहरू विद्यालय में चार शिक्षकों का समायोजन किया गया, लेकिन माकडे विद्यालय के शिक्षक सतीश मलेवार का समायोजन नहीं किया गया। इसके कारण वे पिछले छह महीने से वेतन से वंचित हैं और आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं।

इसके अलावा, माकडे, नेहरू और कस्तूरबा विद्यालयों में प्रधानाध्यापक पदों पर नियुक्तियों के दौरान आरक्षण रोस्टर और सेवा ज्येष्ठता नियमों की अनदेखी किए जाने का आरोप भी लगाया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए फाउंडेशन ने शिक्षक मलेवार का बकाया वेतन देने, उनका नेहरू विद्यालय में नियमानुसार समायोजन करने, संदिग्ध नियुक्तियों की पुनः जांच करने और नियमविरुद्ध नियुक्तियां रद्द करने की मांग की है।

साथ ही, विद्यार्थियों के हित में माकडे विद्यालय दोबारा शुरू करने की मांग की है। ज्ञापन की प्रतियां मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और भंडारा जिला परिषद के माध्यमिक शिक्षा अधिकारी रवींद्र सोनटक्के को भेजी गई हैं। शिक्षा राज्यमंत्री डॉ. पंकज भोयर को ज्ञापन सौंपते समय पूर्व सांसद मधुकर कुकड़े, पूर्व नगराध्यक्ष प्रदीप पडोले, नप उपाध्यक्ष सचिन बोपचे, नगरसेवक पंकज बालपांडे, अमरीश सानेकर और सामाजिक कार्यकर्ता सलमान पठान आदि उपस्थित थे।

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