Bhandara News: राशन में मिल रहा फफूंद लगा अनाज, लाभार्थी लेने से कर रहे इनकार

Bhandara News गरीब परिवारों को सस्ती दरों पर खाद्यान्न उपलब्ध कराने वाली सार्वजनिक वितरण प्रणाली की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। लाखांदुर तहसील के ग्राम मासल स्थित सरकारी राशन दुकान में लाभार्थियों को फफूंद लगा अनाज वितरित किए जाने का आरोप है। यहां बांटे जा रहे चावल और मक्का में कीड़े, गांठें, नमी तथा सड़ा हुआ अनाज होने का आरोप लगाते हुए लाभार्थी सुनील मनोहर लांजेवार ने राशन लेने से इनकार कर दिया। उन्होंने जिला आपूर्ति अधिकारी से शिकायत कर दुकान का प्रत्यक्ष निरीक्षण करने, अनाज के नमूने अधिकृत प्रयोगशाला में भेजने और वितरण की मात्रा की जांच कराने की मांग की है।
खराब मक्का लौटाने के निर्देश : शिकायतकर्ता सुनील लांजेवार का आरोप है कि निर्धारित यूनिट के अनुसार राशन की पर्ची बनाए जाने के बावजूद परिवार के किसी सदस्य की अनुपस्थिति या मृत्यु का कारण बताकर वास्तविक वितरण में कटौती की जाती है। शिकायत का संज्ञान लेते हुए आपूर्ति निरीक्षक ने खराब मक्का लौटाने और लाभार्थी को नया अनाज देने के निर्देश दिए हैं।
चावल और मक्का खाने योग्य नहीं होने का आरोप : प्राप्त जानकारी के अनुसार, लाखांदुर तहसील के ग्राम मासल स्थित राशन दुकान के लाइसेंस क्रमांक 91348 और दुकान क्रमांक 70 के संचालक शालिकराम चुटे की दुकान पर लाभार्थी राशन लेने पहुंचे थे। राशन की पर्ची निकालने के बाद अनाज की स्थिति देखकर उन्होंने उसे लेने से इनकार कर दिया। आरोप है कि चावल और मक्का में कीड़े, गांठें और नमी है तथा कुछ अनाज सड़ा हुआ है, जिसके कारण वह खाने योग्य नहीं है।
ई-पॉस रिकॉर्ड और स्टॉक रजिस्टर की जांच की मांग : लाभार्थियों ने निर्धारित यूनिट के अनुसार बनाई गई राशन की पर्ची, ई-पॉस मशीन के रिकॉर्ड, स्टॉक रजिस्टर और वास्तव में वितरित किए गए अनाज की मात्रा की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत मिलने वाला राशन साफ, सुरक्षित और खाने योग्य होना चाहिए। अब यह देखना होगा कि प्रशासन शिकायत की जांच कर दोषियों के खिलाफ क्या कार्रवाई करता है और लाभार्थियों को गुणवत्तापूर्ण अनाज उपलब्ध कराने के लिए क्या कदम उठाता है। इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।
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