Bhandara News: धान खरीदी का भुगतान अब डिजिटल प्रणाली से सीधे किसानों के खातों में जमा होगी रकम

Bhandara News न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) योजना के तहत धान और मोटे अनाज की बिक्री करने वाले किसानों को भुगतान करने के लिए राज्य सरकार ने नई डिजिटल कार्यप्रणाली तय की है। बीईएएम पोर्टल और सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली (पीएफएमएस) के माध्यम से किसानों के बैंक खातों में सीधे राशि जमा करने की व्यवस्था प्रस्तावित है। इससे दोहरी एंट्री और गलत भुगतान पर रोक लगाने के साथ ही निधि वितरण पर नियंत्रण रखना आसान होगा। हालांकि, यह नई व्यवस्था लागू करने से पहले इसकी तकनीकी जांच और सफल सत्यापन पूरा करना आवश्यक होगा।
इस संदर्भ में मुंबई मंत्रालय में हुई उच्च स्तरीय बैठक में इस प्रणाली की तकनीकी कार्यप्रणाली तय की गई। निर्धारित कार्यप्रणाली के अनुसार, खरीदी के दिन को "डी' माना जाएगा। खरीदी केंद्र से एजेंट संस्था के मुख्यालय तक आवश्यक सत्यापन पूरा करने के बाद "डी+2' दिनों के भीतर अंतिम प्रमाणित भुगतान की मांग वित्तीय सलाहकार एवं उपसचिव कार्यालय को भेजने की योजना है। इसके बाद उपलब्ध निधि के अनुसार पीएफएमएस के माध्यम से किसानों के बैंक खातों में राशि जमा की जाएगी। हालांकि, भुगतान की मांग भेजने और वास्तविक राशि खाते में जमा होने की प्रक्रिया अलग-अलग होने के कारण निर्धारित समय में भुगतान मिलने की गारंटी फिलहाल नहीं मानी जा सकती।
किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए अनुमानित खर्च का 20 प्रतिशत या अगले 10 दिनों के लिए आवश्यक निधि अग्रिम रूप से उपलब्ध कराने का प्रावधान कार्यप्रणाली में किया गया है। प्रत्येक खरीदी लेन-देन को अलग ट्रांजैक्शन आईडी दी जाएगी। जिन लेन-देन में राशि सफलतापूर्वक जमा हो चुकी है, उन्हें दोबारा भुगतान के लिए भेजे जाने से रोकने के लिए "अलर्ट एंड होल्ड' सुविधा उपलब्ध होगी। बैंक खाते के विवरण या तकनीकी गड़बड़ी के कारण विफल होने वाले लेन-देन के लिए अलग सेक्शन बनाया जाएगा। त्रुटि सुधारने और दोबारा प्रमाणीकरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही संबंधित भुगतान फिर से भेजा जा सकेगा। नई व्यवस्था लागू होने से धान खरीदी के भुगतान की प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने और दोहरे भुगतान की आशंका कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
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