Bhandara News: दिवाली को एक माह शेष फिर भी शुरू नहीं हुई सरकारी धान खरीदी

दिवाली को एक माह शेष फिर भी शुरू नहीं हुई सरकारी धान खरीदी
  • किसानों की बढ़ी चिंता
  • खरीफ की धान खरीदी के लिए आदेश का इंतजार

Bhandara News दिवाली में करीब एक माह शेष है, लेकिन पूर्व विदर्भ में खरीफ धान की सरकारी खरीदी शुरू नहीं होने से किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। सरकार की ओर से खरीदी केंद्र शुरू करने के आदेश जारी नहीं किए गए हैं। इसके चलते आदिवासी विकास महामंडल और जिला मार्केटिंग फेडरेशन की खरीदी प्रक्रिया अटकी हुई है। ऐसे में दिवाली से पहले सरकारी खरीदी केंद्र शुरू होने की किसानों की उम्मीद कमजोर पड़ती जा रही है।

गोंदिया, भंडारा, गडचिरोली और चंद्रपुर सहित क्षेत्र के अन्य जिलों में करीब 17 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में खरीफ धान की खेती होती है। प्राकृतिक आपदाओं और कम बारिश जैसी परिस्थितियों का सामना करते हुए किसानों ने हल्के धान की कटाई और मड़ाई पूरी कर ली है। अब वे अपनी उपज बाजार में लाने लगे हैं लेकिन सरकारी खरीदी केंद्र बंद होने का फायदा निजी व्यापारी उठा रहे हैं।

सरकारी केंद्रों पर धान बेचने के लिए किसानों को एनएमएल पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीयन कराना होता है। हालांकि, पंजीयन के लिए आदेश जारी नहीं होने से पूरी प्रक्रिया रुकी हुई है। आमतौर पर अक्टूबर में शुरू होने वाली सरकारी खरीदी में इस बार देरी होने से किसानों की परेशानी बढ़ गई है। किसानों का कहना है कि इस साल बारिश की बेरुखी के कारण खेती की लागत निकालना भी मुश्किल हो रहा है। ऐसे में सरकारी खरीदी में देरी से उनका आर्थिक नुकसान और बढ़ रहा है। किसानों ने जल्द से जल्द खरीदी केंद्र शुरू करने की मांग की है।

समर्थन मूल्य से 481 रुपये कम मिल रहा भाव : खरीफ सीजन 2026-27 के लिए शासन ने धान का समर्थन मूल्य 2,481 रुपये प्रति क्विंटल घोषित किया है। सरकारी खरीदी शुरू नहीं होने के कारण निजी व्यापारी किसानों से करीब 2,000 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीद रहे हैं। इस तरह किसानों को प्रत्येक क्विंटल पर 481 रुपये कम मिल रहे हैं। दिवाली के दौरान होने वाले खर्च और पुराने कर्ज चुकाने की जरूरत के चलते किसानों को मजबूरी में कम कीमत पर अपनी उपज बेचनी पड़ रही है।



Created On :   15 Oct 2026 12:45 PM IST

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