Bhandara News: कृषकों को बिजली बिल, कर्ज और राजस्व में मिलेगी छूट, बच्चों की स्कूल फीस भी होगी माफ

Bhandara News कम बारिश और सूखे के हालातों से जूझ रहे भंडारा जिले के किसानों के लिए शासन-प्रशासन ने बुधवार, 14 अक्टूबर को दो बड़े फैसले लिए। राज्य सरकार ने नया आदेश जारी कर जिले की तुमसर और मोहाड़ी तहसीलों को सूखाग्रस्त घोषित कर दिया। इसके साथ ही जिले की कुल पांच तहसीलें सूखाग्रस्त घोषित हो गई हैं।
इससे पहले भंडारा, पवनी और लाखांदुर तहसीलों को सूखाग्रस्त घोषित किया जा चुका हैं। जिले की पांच तहसीलों को सूखाग्रस्त घोषित किए जाने से किसानों को कई सरकारी रियायतों का लाभ मिलेगा। किसानों को भूमि राजस्व नहीं देना पड़ेगा। कृषि कर्ज का पुनर्गठन किया जाएगा, जिससे उन्हें कर्ज चुकाने के लिए अतिरिक्त समय मिल सकेगा। किसानों के बच्चों की स्कूल और कॉलेज की फीस माफ की जाएगी। बिजली बिल की वसूली पर रोक लगेगी और कर्ज वसूली में भी राहत मिलेगी। इसके अलावा पेयजल योजनाओं, जलापूर्ति तथा पशुओं के लिए चारा-पानी की विशेष व्यवस्था के लिए अलग से निधि उपलब्ध कराई जाएगी। कर्ज चुकाने में सहूलियत मिलने से आर्थिक संकट से जूझ रहे किसानों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
जिले में इस वर्ष औसत से 25 प्रतिशत कम बारिश हुई है। बढ़ते जलसंकट को देखते हुए जिलाधिकारी ने नई बोरवेल खोदने और पुरानी बोरवेल को गहरा करने पर अगले आदेश तक पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की कड़ी चेतावनी दी है।
बोरवेल व्यवसाय से जुड़े ठेकेदारों-मजदूरों पर पड़ेगा असर : जिलाधिकारी के इस फैसले से बोरवेल व्यवसाय से जुड़े सैकड़ों लोगों का काम प्रभावित होगा। हर साल मानसून समाप्त होने के बाद दक्षिण भारत, विशेषकर तेलंगाना और आंध्र प्रदेश से बड़ी संख्या में बोरवेल रिग मशीनें भंडारा जिले में आती हैं। यहां रोजाना कई बोरवेल खोदी जाती हैं और इन मशीनों पर टेक्नीशियन तथा मजदूर काम करते हैं। खुदाई पर रोक लगने से उनका काम ठप होने की आशंका है। इससे बोरवेल व्यवसाय से जुड़े लोगों को बड़े पैमाने पर आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
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