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Bhandara News: बारिश रूठी, सूखने लगे खेत; भंडारा में अब तक 25% कम बरसा पानी

Bhandara News जिले में इस वर्ष मानसून की बारिश औसत से काफी कम रही है। 8 सितंबर तक जिले में औसतन 1012.2 मिमी बारिश होने का अनुमान था, लेकिन अब तक केवल 755 मिमी बारिश दर्ज हुई है। यह औसत की तुलना में महज 74.6 प्रतिशत है। बारिश की कमी का असर जलाशयों के साथ-साथ खेती और भविष्य की पेयजल व्यवस्था पर भी पड़ने की आशंका है। बता दें कि, पवनी तहसील में स्थिति सबसे चिंताजनक है। यहां 981.8 मिमी बारिश अपेक्षित थी, जबकि अब तक केवल 586.2 मिमी बारिश हुई है। यह 59.7 प्रतिशत है। बारिश कम होने से खेतों में नमी तेजी से घट रही है और किसानों को फसलों की सिंचाई के लिए कृषि पंपों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। जून में मानसून कमजोर रहा। जुलाई और अगस्त में बारिश ने कुछ जोर पकड़ा, जिससे धान समेत अन्य खरीफ फसलों की रोपाई पूरी हो सकी।
हालांकि, सितंबर में बारिश कमजोर पड़ गई है। पिछले तीन दिनों से जिले में मौसम साफ है और तेज धूप के कारण खेत सूखने लगे हैं। इससे आने वाले दिनों में सिंचाई की समस्या बढ़ सकती है। भंडारा तहसील में 749.2 मिमी, मोहाड़ी में 805 मिमी, तुमसर में 741.7 मिमी, लाखांदूर में 727.3 मिमी और लाखनी में 804 मिमी बारिश हुई है। साकोली में सर्वाधिक 1042.8 मिमी बारिश दर्ज हुई, फिर भी कोई भी तहसील शत-प्रतिशत बारिश का लक्ष्य पूरा नहीं कर सकी है। पवनी तहसील में अब तक केवल 586.2 मिमी बारिश हुई है, जबकि 981.8 मिमी बारिश अपेक्षित थी। बारिश की कमी के कारण किसानों की सिंचाई लागत बढ़ रही है। कई क्षेत्रों में कृषि पंपों के माध्यम से फसलों को पानी देना पड़ रहा है।
लंबे समय तक दिखेगा बारिश की कमी का असर : बारिश की कमी का असर लंबे समय तक दिखाई दे सकता है। कई तहसीलों में 20 से 30 प्रतिशत तक कम बारिश हुई है। प्रकल्पों में जलसंचय कम रहने पर पेयजल आपूर्ति योजनाओं पर भी संकट खड़ा हो सकता है। मानसून अब वापसी की ओर बढ़ रहा है, ऐसे में अत्यधिक बारिश होने की संभावना कम है। -अभिषेक नामदास, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी, भंडारा
जलाशयों में भी पानी की कमी : जिले के प्रमुख जलाशयों में भी अपेक्षाकृत कम पानी उपलब्ध है। बावनथड़ी प्रकल्प में केवल 32.98 प्रतिशत जलसंचय है। वहीं गोसीखुर्द प्रकल्प में 74.52 प्रतिशत पानी उपलब्ध है। आगे अच्छी बारिश की संभावना कम होने से जलाशयों के जलस्तर में अपेक्षित सुधार की उम्मीद भी कम नजर आ रही है।
Created On :   9 Sept 2026 1:12 PM IST















