Bhandara News: दो बार गुणवत्ता जांच में पास चावल, दूसरे जिले में पहुंचते ही निकला खराब

दो बार गुणवत्ता जांच में पास चावल, दूसरे जिले में पहुंचते ही निकला खराब
  • सातारा-सोलापुर भेजे गए 1,000 से 1,200 बोरे सीएमआर चावल रिजेक्ट होने से हड़कंप
  • नमूना, भंडारण या परिवहन में कहां हुई गड़बड़ी? पूरी सप्लाई चेन की जांच की मांग
  • सिर्फ मिलर्स पर कार्रवाई नहीं, गुणवत्ता जांच व्यवस्था की उच्चस्तरीय जांच की उठी मांग

Bhandara News सरकारी धान खरीदी केंद्रों से खरीदे गए धान की मिलिंग के बाद तैयार होने वाले कस्टम मिल्ड राइस (सीएमआर) की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सरकारी गोदाम में जमा करने से पहले और दूसरे जिले में भेजने से पूर्व गुणवत्ता जांच में योग्य घोषित किया गया चावल संबंधित जिले में पहुंचने के बाद खराब और खाने योग्य नहीं पाया गया। जानकारी के अनुसार, सातारा और सोलापुर जिले में भेजे गए करीब 1,000 से 1,200 बोरे चावल रिजेक्ट किए गए हैं।

सरकारी केंद्रों पर किसानों से धान खरीदने के बाद अनुबंधित राइस मिलर्स के माध्यम से उसकी मिलिंग कराई जाती है। तैयार चावल को सरकारी गोदाम में जमा करने से पहले गुणवत्ता नियंत्रकों द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार जांच की जाती है। जांच में योग्य पाए जाने पर ही चावल गोदाम में स्वीकार किया जाता है। इसके बाद दूसरे जिले में राशन दुकानों के वितरण के लिए भेजे जाने से पहले भी उसकी दोबारा जांच की जाती है।

ऐसे में दोनों स्तरों पर गुणवत्ता जांच में योग्य पाए गए चावल का दूसरे जिले में पहुंचने के बाद खराब निकलना पूरी गुणवत्ता नियंत्रण व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है।

कहां बिगड़ी चावल की गुणवत्ता?

चावल की गुणवत्ता केवल मिलिंग प्रक्रिया पर निर्भर नहीं होती। मिलिंग के बाद भंडारण, नमूना संकलन, गोदाम में रखरखाव, हैंडलिंग और परिवहन समेत कई चरणों से गुजरने के बाद चावल राशन दुकानों तक पहुंचता है। इसलिए चावल खराब होने के पीछे इनमें से किस स्तर पर चूक हुई, यह जांच का विषय है।

सवाल उठ रहा है कि यदि संबंधित लॉट की गुणवत्ता दो बार जांच के बाद सही पाई गई थी तो बाद में उसमें खराबी कैसे सामने आई? क्या नमूना लेने में चूक हुई? क्या गोदाम में भंडारण के दौरान चावल प्रभावित हुआ या फिर परिवहन के दौरान उसकी गुणवत्ता खराब हुई? इन सभी पहलुओं की जांच जरूरी बताई जा रही है।

रिपोर्ट और रिकॉर्ड की जांच जरूरी

मामले में केवल संबंधित मिलर्स के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय पूरी आपूर्ति शृंखला और गुणवत्ता जांच प्रक्रिया की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग उठ रही है। संबंधित लॉट की गुणवत्ता परीक्षण रिपोर्ट, नमूना संकलन का रिकॉर्ड, गोदाम रजिस्टर, भंडारण से जुड़े दस्तावेज और सातारा-सोलापुर में की गई पुनः जांच रिपोर्ट की भी जांच की मांग की जा रही है।

इन दस्तावेजों की जांच से यह स्पष्ट हो सकेगा कि चावल की गुणवत्ता में वास्तविक गड़बड़ी मिलिंग, नमूना जांच, भंडारण या परिवहन में से किस स्तर पर हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।


Created On :   9 Sept 2026 1:03 PM IST

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