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Bhandara News: भंडारा के 1 लाख 85 हजार हेक्टर में धान की बुआई का लक्ष्य

Bhandara News मौसम विभाग द्वारा इस वर्ष खरीफ सीजन में सामान्य से कम बारिश की संभावना जताए जाने के बाद कृषि विभाग ने जिले में फसल नियोजन की तैयारी शुरू कर दी है। वर्ष 2026-27 के खरीफ मौसम में जिले में कुल 1 लाख 98 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में फसलों की बुवाई का अनुमान लगाया गया है। इसमें सर्वाधिक 1 लाख 85 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में धान की खेती की जाएगी। बता दें कि, जिले का कुल कृषि योग्य क्षेत्र 2 लाख 19 हजार 147 हेक्टेयर है। अल नीनो के प्रभाव के कारण इस वर्ष बारिश प्रभावित होने की आशंका है, जिससे खरीफ क्षेत्र में कमी आ सकती है।
हालांकि कृषि विभाग ने धान उत्पादन पर विशेष जोर देते हुए प्रति हेक्टेयर 2500 किलोग्राम उपज का लक्ष्य निर्धारित किया है। पिछले वर्ष 2025-26 में जिले में 1 लाख 98 हजार 97 हेक्टेयर क्षेत्र में खरीफ फसलों की रोपाई हुई थी, जिसमें 1 लाख 83 हजार 714 हेक्टेयर क्षेत्र में धान की खेती की गई थी। इस वर्ष धान का रकबा बढ़ाकर 1 लाख 85 हजार हेक्टेयर करने का लक्ष्य रखा गया है। तुअर फसल का क्षेत्र भी बढ़ने की संभावना है। पिछले वर्ष 9 हजार 334 हेक्टेयर में तुअर की खेती हुई थी, जबकि इस वर्ष 11 हजार 200 हेक्टेयर क्षेत्र में इसकी बुवाई का अनुमान है। वहीं सोयाबीन का क्षेत्र 760 हेक्टेयर से घटकर 550 हेक्टेयर रहने की संभावना है।
गन्ने का क्षेत्र 953 हेक्टेयर से बढ़कर 1 हजार 143 हेक्टेयर तक पहुंच सकता है। उल्लेखनीय है कि पिछले खरीफ सीजन में जिले के किसानों को अतिवृष्टि का सामना करना पड़ा था। इससे 61 हजार 140 हेक्टेयर क्षेत्र में फसलों को नुकसान पहुंचा था और 1 लाख 55 हजार 516 किसान प्रभावित हुए थे। नुकसान की भरपाई के लिए किसानों को 105 करोड़ रुपये का मुआवजा वितरित किया गया था।
इस तरह होगी बीज की आवश्यकता : कृषि विभाग के अनुसार वर्ष 2026-27 में 1 लाख 85 हजार 550 हेक्टेयर क्षेत्र में धान की खेती के लिए 44 हजार 532 क्विंटल बीज की आवश्यकता होगी। इसमें 4 हजार क्विंटल बीज महाबीज तथा 40 हजार 532 क्विंटल बीज निजी कंपनियों के माध्यम से उपलब्ध कराया जाएगा। तुअर की खेती के लिए 9 हजार 470 हेक्टेयर क्षेत्र प्रस्तावित किया गया है, जिसके लिए 379 क्विंटल बीज की आवश्यकता होगी। इसमें 50 क्विंटल बीज महाबीज तथा 329 क्विंटल निजी आपूर्तिकर्ताओं से उपलब्ध कराया जाएगा। सोयाबीन के लिए 470 हेक्टेयर क्षेत्र का नियोजन किया गया है, जिसके लिए 123 क्विंटल बीज की जरूरत होगी। इसमें 10 क्विंटल बीज महाबीज और 113 क्विंटल निजी आपूर्तिकर्ताओं से उपलब्ध कराया जाएगा। वहीं कपास के लिए 960 हेक्टेयर क्षेत्र प्रस्तावित किया गया है, जिसके लिए 21.12 क्विंटल बीज की आवश्यकता होगी।
Created On :   4 Jun 2026 12:50 PM IST















