Bhandara News: लंबित मांगों को लेकर बावनथड़ी नदी पर आदिवासियों ने किया जलसमाधि आंदोलन

54 साल से अटकी मांगों को लेकर किया प्रदर्शन

Bhandara News वर्ष 1962 में राजीव सागर (बावनथड़ी) प्रकल्प के लिए अपनी उपजाऊ जमीन देने वाले आदिवासी बंधुओं को न्याय न मिलने के विरोध में बुधवार, 1 अप्रैल को कमकासुर, सितेकसा और सुसुरडोह गांवों के आदिवासी बंधुओं ने बावनथड़ी नदी के तट पर जलसमाधि आंदोलन किया।

आंदोलन से पहले 18 मार्च को ग्रामीणों ने चेतावनी भी दी थी। प्रदर्शन के दौरान आदिवासी बंधु नदी के पानी में बैठ गए और अपनी मांगों को जोर देकर रखा। उन्होंने बताया कि वर्ष 1972 में संपादित जमीन के बदले दिए गए आश्वासन अब तक पूरे नहीं किए गए हैं। उनकी प्रमुख मांगों में संपादित जमीन के बदले समान मूल्य की जमीन प्रदान करने, प्रकल्पग्रस्त परिवार के सदस्यों को सरकारी नौकरी में शामिल करने स्थानांतरित प्रकल्पग्रस्तों के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करने की मांग है।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कमकासुर, सितेकसा और सुसुरडोह गांवों का अब तक किसी भी ग्रामपंचायत में अधिकृत समायोजन नहीं हुआ है, जिससे उन्हें मूल नागरिक सुविधाओं से वंचित रहना पड़ रहा है। प्रदर्शन के दौरान जिला प्रशासन के अधिकारी और तहसीलदार मौके पर नहीं पहुंचे, जिससे प्रशासन की उदासीनता सामने आई। आंदोलनकारियों ने पानी में बैठकर जोरदार प्रदर्शन किया और तब तक अपनी भूमिका नहीं छोड़ी जब तक जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने लिखित आश्वासन नहीं दिया। अधिकारियों के आश्वासन मिलने के बाद ही आदिवासी बंधुओं ने आंदोलन समाप्त किया।

Created On :   2 April 2026 3:33 PM IST

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