Bhopal News: अधोसंरचना के लिए 227.97 करोड़, फिर भी 8 टाइगर रिजर्व ने तालाब निर्माण के लिए वनोपज संघ के लाभांश में से मांगे 19 करोड़

अधोसंरचना के लिए 227.97 करोड़, फिर भी 8 टाइगर रिजर्व ने तालाब निर्माण के लिए वनोपज संघ के लाभांश में से मांगे 19 करोड़
मप्र के 8 टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टरों और मंदसौर डीएफओ ने अपने-अपने क्षेत्र के वनों में (टाइगर रिजर्व क्षेत्र) तालाब निर्माण के लिए मप्र लघु वनोपज सहकारी संघ के लाभांश का पैसा मांगा है। जबकि फील्ड डायरेक्टरों को पता है कि संघ के लाभांश के पैसोें से निर्माण कार्य नहीं किया जा सकता है।

डिजिटल डेस्क, भोपाल। मप्र के 8 टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टरों और मंदसौर डीएफओ ने अपने-अपने क्षेत्र के वनों में (टाइगर रिजर्व क्षेत्र) तालाब निर्माण के लिए मप्र लघु वनोपज सहकारी संघ के लाभांश का पैसा मांगा है। जबकि फील्ड डायरेक्टरों को पता है कि संघ के लाभांश के पैसोें से निर्माण कार्य नहीं किया जा सकता है। टाइगर रिजर्व में तालाब सहित अन्य निर्माण के लिए 2026-27 के लिए 227.97 करोड़ और 2025-26 के लिए 99.91 करोड़ रुपए का बजट प्रावधान कर रखा है। यह प्रावधान कैंपा फंड के तहत वन्यजीव प्रबंधन, एनपीवी मद व अन्य योजनाओं के तहत किया गया है। 2026-27 में जंगली हाथियों का प्रबंधन नामक योजना के तहत भी 2.83 करोड़ रुपए स्वीकृत किया गया, लेकिन फील्ड डायरेक्टरों की नजर लघु वनोपज संघ के लाभांश पर है। बांधवगढ़-पेंच टाइगर रिजर्व सहित 8 फील्ड डायरेक्टरों ने लघु वनोपज संघ के लाभांश में से बजट देने के लिए 1 जुलाई को पैसा मांगा है। वन मुख्यालय के अिधकारयों ने इसके लिए अनुशंसा की है, हालांकि फिलहाल इस मद से बजट नहीं दिया गया है।

वन महकमें में चर्चा है कि 2026-27 में 227.97 करोड़ का प्रावधान होने के बावजूद फील्ड डायरेक्टरों ने लघु वनोपज संघ के लाभांश का पैसा क्यों मांगा है। फील्ड डायरेक्टरों और फील्ड के अफसरों के पास पर्याप्त बजट होने के बाद भी संघ के लाभांश की राशि की मांग किस नियम के तहत की गई है? वनोपज संघ के लाभ-लाभांश का उपयोग केवल वनोपज संग्राहकों के कल्याण/बोनस, वनों के पुनरूत्पादन और बुनियादी ढांचे के विकास पर ही खर्च करने का वैधानिक प्रावधान है। संघ के लाभांश का पैसा संग्राहकों के हक की लाभांश राशि है, जिसे तालाब निर्माण व अन्य विभागीय निर्माण कार्यों पर खर्च नहीं किया जा सकता। बताया जा रहा है कि फील्ड डायरेक्टरों द्वारा की गई मांग के आधार पर लाभांश की 19 करोड़ 80 लाख रुपए का अनुचित तरीके से डायवर्शन करने की तैयारी है, लेकिन विभाग में इस बारे में खबरे फैलने से अिधकारियों ने इसके डायवर्शन से हाथ खींच लिया। नियमानुसार संघ के लाभांश के पैसों से 75 प्रतिशत संग्राहकों को, 10 प्रतिशत वन एवं लघु वनोपज संरक्षण-संवर्धन, 5 प्रतिशत सामुदायिक वन प्रबंधन समितियों को और 10 प्रतिशत अधोसंरचना एवं कल्याणकारी योजनाओं पर ही खर्च करने का प्रावधान है।

तालाब निर्माण के लिए इन्होंने मांगे लाभांश के पैसे

- क्षेत्र संचालक, सतपुड़ा टाइगर रिजर्व ने 5 करोड़ 98 लाख 30 हजार की मांग की।

- क्षेत्र संचालक, पेंच टाइगर रिजर्व ने 97 लाख की मांग की।

- उप संचालक, बफर जोन, मण्डला ने 95 लाख की मांग की।

- क्षेत्र संचालक, बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व ने 1 करोड़ 63 लाख रुपए की मांग की।

- क्षेत्र संचालक, संजय टाइगर रिजर्व ने 3 करोड़ 80 लाख 30 हजार रुपए की मांग की।

- वनमण्डलाधिकारी, वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व ने 1 करोड़ 65 लाख रुपए की मांग की।

- क्षेत्र संचालक, पन्ना टाइगर रिजर्व ने 86 लाख 40 हजार रुपए की मांग की।

- वनमण्डलाधिकरी, रातापानी टाइगर रिजर्व ने 1 करोड़ 98 लाख 10 हजार रुपए की मांग की ।

- वनमण्डलाधिकरी, मंदसौर ने 1 करोड़ 97 लाख रुपए की मांग की।

Created On :   25 July 2026 12:56 AM IST

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