Bhopal News: स्लेट पेन्सिल कर्मकार कल्याण निधि अधिनियम खत्म करने विधेयक पेश हुआ

पिछले कुछ वर्षों में स्लेट पेन्सिल विनिर्माण कारखाने तथा उनमें कार्य करने वाले श्रमिकों की संख्या में बड़ी कमी आई है।

डिजिटल डेस्क,भोपाल। राज्य विधानसभा में गुरुवार को एक विधेयक को प्रस्तुत करने के कारण अलग से संशोधित कार्य सूची जारी की गई। कार्यसूची में शासकीय विधि विषयक कार्य के अंतर्गत मप्र श्रम कल्याण निधि संशोधन विधेयक 2026 पेश करने का उपबंध जोड़ा गया। इसे श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने प्रस्तुत किया। विधेयक के उद्देश्य में कहा गया है कि मध्यप्रदेश स्लेट पेन्सिल कर्मकार कल्याण मण्डल को मध्यप्रदेश स्लेट पेन्सिल कर्मकार कल्याण निधि अधिनियम 1982 के उपबंधों के अधीन गठित किया गया था।

पिछले कुछ वर्षों में स्लेट पेन्सिल विनिर्माण कारखाने तथा उनमें कार्य करने वाले श्रमिकों की संख्या में बड़ी कमी आई है। वर्तमान में केवल 700 हितग्राही मण्डल में पंजीकृत हैं और मण्डल का प्रशासकीय व्यय निरंतर बढ़ता जा रहा है।

ऐसी स्थिति में यह विनिश्चित किया गया है कि मध्यप्रदेश स्लेट पेन्सिल कर्मकार कल्याण मण्डल और मध्यप्रदेश स्लेट पेन्सिल कर्मकार कल्याण निधि अधिनियम, 1982 निरसित किया जाए और उसके सुसंगत उपबंधों को अधिक वृहत मध्यप्रदेश श्रम कल्याण निधि अधिनियम, 1982 में अंत:स्थापित किया जाए, ऐसा करने में, स्लेट पेन्सिल कर्मकारों के लिए उपबंधित पूर्व के हितों को ध्यान में रखा गया है और उन्हें इस संशोधन विधेयक में सम्मिलित किया गया है, जिससे कि स्लेट पेन्सिल कर्मकारों को मध्यप्रदेश श्रम कल्याण निधि अधिनियम, 1982 और मध्यप्रदेश स्लेट पेन्सिल कर्मकार कल्याण निधि अधिनियम, 1982 के भी समस्त लाभ प्राप्त हों।

इस संशोधन में, मध्यप्रदेश स्लेट पेन्सिल कर्मकारों के हितों को पूर्ण रूप से सुरक्षित रखा गया है और उन्हें उपलब्ध लाभों का और विस्तार भी किया गया है। वर्तमान में मध्यप्रदेश स्लेट पेन्सिल कर्मकार कल्याण मण्डल प्रभावी नहीं है। इसलिये इसे समाप्त करने का विनिश्चय किया गया है और भविष्य में इसकी समस्त कार्यवाहियां मध्यप्रदेश श्रम कल्याण बोर्ड द्वारा संपादित की जाएंगी।

इसके लिए, इस संशोधन विधेयक के माध्यम से, मध्यप्रदेश स्लेट पेन्सिल कर्मकार कल्याण निधि अधिनियम, 1982 निरसित किया जा रहा है और उसके प्रमुख उपबंध मध्यप्रदेश श्रम कल्याण निधि अधिनियम, 1982 में सम्मिलित किए जा रहे हैं।

Created On :   27 Feb 2026 3:02 PM IST

Tags

और पढ़ेंकम पढ़ें
Next Story