Bhopal News: विपक्ष ने कहा बिल्डिंग नहीं अस्पताल बनाएं, सरकार ने कहा इसलिए मेडिकल की सीट बढ़ा रहे

सीएम केयर योजना होगी लांच, हार्ट, कैंसर और ऑर्गन ट्रांसप्लांट होगा

डिजिटल डेस्क,भोपाल। विधानसभा सत्र में अनुदान मांग पर चर्चा के दौरान गुरुवार को नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा सीएजी की 2024 की रिपोर्ट में 6 हजार 467 डॉक्टरों की प्रदेश में कमी बताई है। अस्पतालों में चूहे दौड़ रहे, नवजात को खा रहे। पेस्ट कंट्रोल पर करोड़ों खर्च के बाद भी एमवाय अस्पताल की स्थिति ठीक नहीं। एयर एम्बुलेंस से 150 लोगों को लिफ्ट करने की बात कही जा रही , लेकिन समय पर 108 नहीं आती। स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक केंद्रों में डॉक्टर नहीं है।

पैसा नहीं तो पोस्टिंग नहीं चल रहा है। ड्रग के लिए, औषधि नियंत्रण के लिए 2025-26 में 18 करोड़ 37 लाख बजट था इस बार 15 करोड़ 99 लाख हो गया। जांच व्यवस्था को कमजोर किया जा रहा। छिंदवाड़ा से सीख सरकार ने नहीं ली। 26 मासूमों की मौत हुई थी, जांच व्यवस्था कमजोर कर दी है। भोपाल,इंदौर और जबलपुर में लेब स्थापित हैं।

प्रदेश में 79 ड्रग इंस्पेक्टर हैं, एक महीने में 40 निरीक्षण करना होते है। 5 से 10 सेम्पल लेना होता है। अवैध दवाओं का व्यापार हो रहा। बजट का 47 प्रतिशत अस्पतालों में खर्च किया जा रहा। पीएचसी में 9 प्रतिशत जो ग्रामीणों के साथ भेदभाव है। मानसिक स्वास्थ्य को लेकर इन्फ्रास्ट्रक्चर में कमी है। 42 आत्महत्या रोज हो रहीं।

2022 में एनएचएफ का 3111 करोड़ सरकार उपयोग नहीं कर पाई। अनाधिकृत ब्लड बैंक संचालित हो रहे। सतना में एचआईवी ब्लड चढ़ा दिया गया। सरकार सिर्फ बिल्डिंग बना रही है। देश मे 2 लाख करोड़ का फार्मास्यूटिकल बिजनेस है। क्या सरकार ने बड़ी कंपनियों के सामने घुटने टेक दिए हैं। पैरासिटामाल 50 पैसे 1 रुपए की है, क्या सरकार दवा नहीं दिला सकती।

आउटसोर्स को लेकर 100 करोड़ के टेंडर हो रहे, जिसमें सरकार की गाइड लाइन बदल दी गई। एक कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिए बदलाव किया गया। मप्र में आपको काम करने वाले नहीं मिल रहे। कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं दिया जा रहा। दिल्ली की कंपनी आउट सोर्स कर्मचारियों को 8 से 12 घंटे काम कराने के बाद 10 हजार रुपए 3 माहीने से नहीं दे पा रही। डॉक्टर के पद खाली पड़े हैं। बिल्डिंग के बजाय डॉक्टर ,नर्स अस्पतालों में रखें।

मशीनें खा रही जंग

उप मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि डॉक्टर उपलब्ध कराने के लिए हमें एमबीबीएस की सीटें बढ़ानी चाहिए। जो हमने बढ़ाई है। पीजी सीटें बढ़ीं हैं। 2 साल में 2000 पीजी की सीटें 2800 हो गई हैं। देश भर में 75000 एमबीबीएस की सीटें बढ़ी हैं। 19 मेडिकल कॉलेज बनकर तैयार हो गए हैं। 12 कॉलेज पीपीपी मोड पर आमंत्रित किया है।

गरीबों को दवाइयां निशुल्क मिल रही हैं। गर्भवती महिलाओं की हीमोग्लोबिन की जांच होती है। 50 लाख से 1 करोड़ की जनसंख्या को कवर किया है। शिशु मृत्यु दर में 43 से 37 प्रतिशत और मातृ मृत्यु दर में 173 से घटकर 142 हो गया है। शुक्ल ने कहा रीवा में पिछले साल 29-30 बायपास सर्जरी हुई है। 10 किडनी ट्रांसप्लांट हुआ। हजारों एंजियोप्लास्टी हुई है।

अब सीएम केयर योजना लांच करेंगे। इसमें हार्ट, कैंसर और आर्गन ट्रांसप्लांट होगा। गार्ड ऑफ ऑनर प्रोत्साहन के चलते 1700 लोगों ने आर्गन डोनेशन की सहमति जताई है। जबलपुर में ब्रेन डेड व्यक्ति के लीवर और हार्ट को ट्रांसप्लांट किया गया। आयुष्मान योजना में मप्र में 1800 अस्पताल हैं। 13 हजार करोड़ का भुगतान अस्पतालों को किया गया।

कांग्रेस विधायक भंवर सिंह शेखावत ने कहा कि 6-6 करोड़ रुपए की मशीनें जंग खा रही है, इन्हें चलाने के लिए विशेषज्ञ मैन पॉवर नहीं है। समय पर एंबुलेंस नहीं मिलती और मिलती है तो ड्रायवर नही होता यह भी हो गया तो डीजल नहीं रहता। डॉक्टर हम बनाते हैं और उन्हें वेतन इतन कम मिलता है कि वे विदेश जाकर काम करने लगते हैं।

Created On :   27 Feb 2026 1:43 PM IST

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