Bhopal News: 11 विभागों की सेवाएं अब सिंगल विंडो से मिलेगी, औद्योगिकीकरण के लिए ईज ऑफ डूईंग बिजनेस कानून के नियम जारी

11 विभागों की सेवाएं अब सिंगल विंडो से मिलेगी, औद्योगिकीकरण के लिए ईज ऑफ डूईंग बिजनेस कानून के नियम जारी
मप्र सरकार विधानसभा में 21 जुलाई 2026 को मप्र निवेश संवर्धन अधिनियम 2008 और मप्र उद्योगों की स्थापना एवं परिचालन का सरलीकरण अधिनियम 2023 को निरसित कर नया मप्र ईज ऑफ डूईंग बिजनेस कानून बनाया था।

डिजिटल डेस्क, भोपाल। मप्र सरकार विधानसभा में 21 जुलाई 2026 को मप्र निवेश संवर्धन अधिनियम 2008 और मप्र उद्योगों की स्थापना एवं परिचालन का सरलीकरण अधिनियम 2023 को निरसित कर नया मप्र ईज ऑफ डूईंग बिजनेस कानून बनाया था। इसे राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने 17 अगस्त 2026 को स्वीकृति दी थी और अब औद्योगिक निवेश एवं प्रोत्साहन विभाग के माध्यम से इस नये कानून के तहत मप्र ईज ऑफ डूईंग बिजनेस रुल्स जारी कर दिये हैं जो राज्य के अधिसूचित औद्योगिक क्षेत्रों में लागू होंगे। नियमों में 11 विभागों यथा औद्योगिक निवेश एवं प्रोत्साहन, पर्यावरण, ऊर्जा, नगरीय प्रशासन, श्रम, खाद्य, वाणिज्यिक कर, सहकारिता, राजस्व, पीएचई तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी की 76 सेवायें अब सिंगल विण्डो प्रणाली के अंतर्गत ऑनलाईन मिलेंगी।

अब नये नियमों के अंतर्गत राज्य निवेश सुविधा समिति, जिला निवेश सुविधा समिति, राज्य नोडल एजेंसी और ईज़ ऑफ डूईंग बिजनेस सचिवालय विनियामक स्वीकृतियों के समयबद्ध संसाधन हेतु एकल खिडक़ी प्रणाली, विनिर्दिष्ट प्रकरणों में स्व-घोषणा के आधार पर स्थापना और परिचालन का प्रारंभ, औद्योगिक भूमि और भवनों के कुशल प्रबंधन आवेदनों के डिजिटल संसाधन, प्रभावी अंतर विभागीय समन्वय तथा पारदर्शी जवाबदेह और निवेशक केंद्रित शासन ढांचे का उपबंध करके एक एकीकृत संस्थागत और विनियामक ढांचा स्थापित किया गया है। इससे अब सरलीकृत विनियामक प्रक्रियाओं, राज्य नोडल एजेंसी को शक्तियों के प्रत्यायोजन, औद्योगिक भूमि और भवनों के सुव्यवस्थित प्रबंधन, आधुनिक औद्योगिक अवसंरचना के संवर्धन, प्रक्रियात्मक बोझ में कमी तथा राज्य में डिजिटल शासन और व्यवसाय की सुगमता को सुदृढ़ किया गया ताकि औद्योगिक निवेश को सुगम बनाया जा सके।

नये औद्योगिक भूमि एवं भवन प्रबंधन नियम भी बने

राज्य सरकार ने नये मप्र औद्योगिक भूमि एवं भवन प्रबंधन नियम 2026 भी जारी किये हैं जो राज्य की सीमा में स्थित औद्योगिक निवेश एवं प्रोत्साहन विभाग की भूमि, औद्योगिक क्षेत्रों एवं भवनों, विभाग के अधीन कार्यरत एमपी आईडीसी के क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा विकसित/विकसित किये जाने वाले औद्योगिक क्षेत्रों, एसईजेड पर लागू होंगे और इन नये नियमों के तहत ही औद्योगिक क्षेत्रों में भूमि तथा शेड/भवन, औद्योगिक आवास प्रयोजन हेतु भूमि, व्यवसायिक प्रयोजन हेतु भूमि, लॉजिस्टिक एवं वेयरहाऊस प्रयोजन हेतु भूमि आवंटित की जायेगी।

नापतौल की 6 सेवाएं अब नहीं मिलेगी गारंटी से

मप्र लोक सेवा प्रबंधन विभाग ने खाद्य विभाग के अंतर्गत कार्यरत नियंत्रक नापतौल कार्यालय की छह सेवायें डीनोटिफाई कर दी हैं जिससे अब ये लोक सेवा गारंटी कानून के तहत उपलब्ध नहीं होंगी। इन्हें पांच साल पहले 29 जुलाई 2021 को लोक सेवा गारंटी कानून के तहत लाया गया था। डीनोटिफाई सेवाओं में शामिल हैं : नवीन निर्माता अनुज्ञप्ति प्रदाय, निर्माता अनुज्ञप्ति का नवीनीकरण, नवीन विक्रेता अनुज्ञप्ति प्रदायगी, विक्रेता अनुज्ञप्ति नवीनीकरण, नवीन सुधारक अनुज्ञप्ति प्रदायगी तथा सुधारक अनुज्ञप्ति का नवीनीकरण। पैकबंद वस्तुओं के निर्माता/पैककत्र्ता/आयातकत्र्ता का पंजीयन की सेवा लोक सेवा गारंटी कानून के तहत 7 कार्य दिवस में देने की सेवा यथावत रखी गई है।

Created On :   16 Oct 2026 11:56 PM IST

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