MP News: एनजीटी ने भोपाल के केरवा डेम क्षेत्र का निरीक्षण कर सीमाओं और कब्जों की मांगी रिपोर्ट

एनजीटी ने भोपाल के केरवा डेम क्षेत्र का निरीक्षण कर सीमाओं और कब्जों की मांगी रिपोर्ट
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने भोपाल के केरवा डैम इलाके का निरीक्षण करने और उनकी सीमाओं और कब्जों पर एक डिटेल्ड रिपोर्ट जमा करने के निर्देश दिए हैं।

डिजिटल डेस्क, भोपाल। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने भोपाल के केरवा डैम इलाके का निरीक्षण करने और उनकी सीमाओं और कब्जों पर एक डिटेल्ड रिपोर्ट जमा करने के निर्देश दिए हैं। बुधवार को होने वाला इंस्पेक्शन आखिरी समय में रद्द कर दिया गया। जिसके बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि टीम के शुक्रवार या शनिवार को जमीनी जांच कर सकती है। ट्रिब्यूनल ने कमेटी को तीन हफ़्ते के अंदर जलाशय के फाइनल फुल टैंक लेवल (एफटीएल) और बफर ज़ोन को तय करने का निर्देश दिया है।

एनजीटी ने कहा है कि प्रक्रिया में उपलब्ध सरकारी रिकॉर्ड, जल संसाधन विभाग के रखे कंटूर , टोपोग्राफिकल मैप और जलाशय की ऊंचाई को ध्यान में रखना होगा। फ़ाइनल असेसमेंट का आधार ड्रोन सर्वे, सैटेलाइट इमेज, फिजिकल इंस्पेक्शन और सरकारी रिकॉर्ड होना चाहिए। कमेटी को 29 अक्टूबर को होने वाली अगली सुनवाई में यह डिटेल्ड रिपोर्ट जमा करनी होगी। इससे पहले हुए निरीक्षण में केरवा जलाशय क्षेत्र में 33 कब्ज़ों की पहचान की गई थी। जिनमें सरकारी जमीन पर 18 और निजी ज़मीन पर 15 स्ट्रक्चर शामिल थे। नए सर्वे से साइट पर मौजूदा स्ट्रक्चरों की स्थिति जानी जा सकेगा। पुराने रिकॉर्ड के अनुसार, जलाशय का जलमग्न इलाका लगभग 462.150 हेक्टेयर है, जिसकी सीमा 1080 कंक्रीट ब्लॉक या खंभों से चिह्नित है।

त्योहारों के दौरान प्रदूषण पर नियंत्रण के निर्देश

एनजीटी ने मंगलवार को भोपाल में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के उपायों पर दो हफ़्ते के भीतर संबंधित अधिकारियों को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। त्योहारों के दौरान भी सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड की गाइडलाइन, राज्य के नियमों और सुप्रीम कोर्ट के संबंधित आदेशों का पालन करने के लिए कहा गया है। एनजीटी ने ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान के तहत प्रदूषण के स्तर के अनुसार कार्रवाई करने और त्योहारों के दौरान पटाखे फोड़ने से जुड़े नियमों को सख्ती से लागू करने के लिए कहा है। अधिकारियों को 20 मई 2026 के आदेश के पालन और समिति की सिफारिशों पर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है। आंकड़ों के अनुसार भोपाल में प्रदूषण घटा है। पीएम 10 का सालाना औसत स्तर 2023-24 में 113 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर से घटकर 2024-25 में 110 हो गया। वहीं इंदौर का पीएम 10 का स्तर 99 से बढ़कर 108 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर हुआ है। प्रदूषण कम करने के सुझाए गए उपायों में प्रदूषण वाले हॉटस्पॉट पर कार्रवाई, मशीनों से सड़कों की सफाई, निर्माण कार्य से निकले कचरे का बेहतर प्रबंधन और हवा की गुणवत्ता की निगरानी शामिल है। ट्रिब्यूनल ने प्रतिवादियों को दो हफ़्ते के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। अगली सुनवाई 18 नवंबर को होगी। एनजीटी ने सीपीसीबी की गाइडलाइंस, राज्य के नियमों और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन करने का निर्देश दिया है।

Created On :   16 Oct 2026 1:20 AM IST

Tags

Next Story