MP News: बिल्डिंग परमीशन के दौरान मिलने वाली स्वमेव नजूल एनओसी का प्रावधान होगा खत्म

बिल्डिंग परमीशन के दौरान मिलने वाली स्वमेव नजूल एनओसी का प्रावधान होगा खत्म
राज्य शासन के नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा स्थानीय निकायों द्वारा मप्र भूमि विकास नियम 2012 के तहत दी जाने वाली बिल्डिंग परमीशन एवं विकस कार्यों के अंतर्गत वह प्रावधान खत्म करने जा रही है जिसमें स्वमेव नजूल एनओसी मिलती थी।

डिजिटल डेस्क, भोपाल। राज्य शासन के नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा स्थानीय निकायों द्वारा मप्र भूमि विकास नियम 2012 के तहत दी जाने वाली बिल्डिंग परमीशन एवं विकस कार्यों के अंतर्गत वह प्रावधान खत्म करने जा रही है जिसमें स्वमेव नजूल एनओसी मिलती थी। यह नया प्रावधान 28 अक्टूबर 2026 के बाद पूरे प्रदेश में प्रभावशील हो जायेगा। दरअसल पहले नियमों में प्रावधान था कि यदि आवेदित भूमि राजस्व अभिलेख में आवेदक के नाम दर्ज है, तो प्राधिकारी आवेदन प्राप्त होने के सात दिवस के भीतर, नजूल अधिकारी को 30 दिवस की कालावधि में नजूल अनापत्ति प्रमाण-पत्र जारी करने हेतु लिखेगा या ई-मेल करेगा।

यदि उक्त निर्धारित कालावधि में नजूल अनापत्ति प्रमाण-पत्र / आपत्ति प्राप्त नहीं होती है, तो यह मानते हुए कि नजूल अनापत्ति प्रमाण-पत्र जारी कर दी गई है, आगामी कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा यह भी प्रावधान था कि संबद्ध नजूल प्राधिकारी के अनापत्ति प्रमाण पत्र केवल किसी भवन के परिनिर्माण, पुन: निर्माण अथवा निर्माण करने के प्रथम आवेदन पर ही अपेक्षित होगा।

यदि प्राधिकारी द्वारा पूर्व में ही भू-तल का अनुमोदन कर दिया गया हो, तो किसी भी दशा में ऊपर के तलों (मंजिलों) का निर्माण करने के लिए संबद्ध नजूल प्राधिकारी के अनापत्ति प्रमाण पत्र की अपेक्षा नहीं की जायेगी। अब ये दोनों प्रावधान खत्म किये जा रहे हैं। इससे आवेदक को बिल्डिंग परमीशन एवं विकास कार्यों के लिये अलग से स्वयं से ही एनओसी लेनी होगी।

Created On :   16 Oct 2026 12:05 AM IST

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