बांग्लादेशियों ने बौद्ध भिक्षु बनकर बनवाए फर्जी पासपोर्ट, की विदेश यात्राएं, दो गिरफ्तार

बांग्लादेशियों ने बौद्ध भिक्षु बनकर बनवाए फर्जी पासपोर्ट, की विदेश यात्राएं, दो गिरफ्तार
  • एक ही पते से कूटरचित दस्तावेज से बनाए गए पासपोर्ट
  • दोनों आरोपियों के पूर्वज बांग्लादेशी
  • 70 फर्जी पासपोर्ट की सूचना में से 22 नकली निकले

डिजिटल डेस्क, भोपाल। है। पकड़े गए पासपाेर्टधारी बांग्लादेशी नागरिकों ने डबरा के बौद्ध विहार में रहकर बौद्ध धर्म अपना लिया था। इन्होंने बौद्ध अनुयायी बनकर फर्जी पासपोर्ट बनवाया है। जप्त सभी पासपोर्ट में एक ही गवाह के हस्ताक्षर मिले हैं। एसटीएफ ने गवाह रियाल चौधरी को भी गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि गिरोह ने बांग्लादेशी नागरिकों के लिए स्थानीय स्तर पर फर्जी आधार कार्ड, वोटर आईडी, निवास प्रमाण पत्र और 10वीं की अंकसूची समेत अन्य दस्तावेज तैयार किए और पासपोर्ट के लिए आवेदन दिया। इन पासपोर्ट में गवाह के तौर पर रियाल ही है। ये पासपोर्ट करीब पांच साल पहले बनवाए गए थे। इनके आधार पर विदेश यात्राएं भी कर चुके हैं। अब एसटीएफ डाटा जुटा रहा कि ये किन देशों में किस किस काम के लिए गए और कौन सी गोपनीय जानकारियां ट्रांसफर की गई।

एसटीएफ भोपाल ने गिरोह के सदस्यों के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध कर लिया। जांच में प्रथम दृष्टया मप्र के अलग-अलग स्थानों से पतों के कूटरचित दस्तावेज तैयार कराकर लगभग 70 पासपोर्ट बनवाया जाना पाया गया। अभी तक 2 आरोपियों रियाल चौधरी (मितानंद ऊर्फ रियाल बरुआ) को बैतूल के आमला से और विपलव अधिकारी को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया है। पकड़े गए दोनों आरोपी मास्टरमाइंड है। अन्य फरार आरोपियों की तलाश की जा रही। पकड़े गए दोनों आरोपियों के पूर्वज बांग्लादेशी हैं। इनके द्वारा कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर पासपोर्ट बनवाने वाले आरोपियों का साथ देने वाले लोगों की जानकारी निकाली जा रही। अंतरराष्ट्रीय संगठित गिरोह को लेकर भी जांच की जा रही। अपराध में शामिल व्यक्तियों के विरुद्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्यवाही की जाएगी। भारतीय पासपोर्ट का इस्तेमाल कर कुछ बांग्लादेशी नागरिकों ने कई देशों की यात्रा की है। रियाल चौधरी की गिरफ्तारी के बाद 44 अन्य पासपोर्ट भी जांच के दायरे में हैं। ज्यादातर पासपोर्ट में एक जैसे पते और गवाह होने की जानकारी सामने आई है। मामले में एसटीएफ अन्य राज्यों में भी नेटवर्क का पता लगाया जा रहा।

पकड़े गए आरोपी के पूर्वज बांग्लादेशी

सहायक पुलिस महानिरीक्षक एसटीएफ राजेश सिंह भदौरिया ने बताया कि गवाह बना आरोपी रियाल चौधरी उर्फ मितानंद के पूर्वज बांग्लादेशी हैं। यह भी बांग्लादेशी है लेकिन खुद को असम का रहने वाला बता रहा है। आरोपी रियाल बैतूल में रह रहा था। आरोपी विपलव के पूर्वज भी बांग्लादेशी हैं। इसको दिल्ली से पकड़ा गया है। आरोपियों ने गलत मोबाइल नंबर और पते के साथ कूटरचित दस्तावेज के आधार पर पासपोर्ट बनवाए थे। इन्होंने गैरकानूनी इंफॉरमेंशन दी थी। इसके साथ ही अन्य नेक्सेस का भी पता लगाया जा रहा। अभी तक 70 पासपोर्ट की सूचना है। इनमें से 22 पासपोर्ट की पुष्टि हुई है। वहीं अन्य पासपोर्ट का भी पता लगाया जा रहा।

पुलिस की भूमिका भी होगी जांच

फर्जी पासपोर्ट मामले में पुलिस की भूमिका की भी जांच की जाएगी। एसपी भदौरिया ने कहा जांच में जो भी पुलिस वाले दोषी पाए जाएंगे उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। आपको बता दें पासपोर्ट बनवाने में पुलिस वेरिफिकेशन होता है। लेकिन पुलिस ने इतने पासपोर्ट एक ही पते के बनवाने पर क्या वेरिफिकेशन किया इस पर सवाल है। फिलहाल इसकी भी जांच एसटीएफ करेगी।

Created On :   8 Sept 2026 11:53 PM IST

Tags

Next Story