छतरपुर न्यूज: सभी राजस्व न्यायालयों में सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश, सतत निगरानी के एडीएम को निर्देश

सीएम हेल्पलाइन और लोक सेवा गारंटी के लंबित प्रकरणों की कलेक्टर ने की समीक्षा अविवादित नामांतरण-बंटवारे में संतोषजनक निराकरण नहीं मिलने पर छतरपुर ग्रामीण, नगर एवं नौगांव तहसीलदार को शोकॉज
डिजिटल डेस्क छतरपुर| कलेक्टर मृणाल मीणा ने कलेक्ट्रेट स्थित कक्ष से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिले के सभी अधिकारियों से चर्चा कर सीएम हेल्पलाइन एवं लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत लंबित प्रकरणों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को लंबित प्रकरणों का शीघ्र एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। समीक्षा बैठक में जिला पंचायत सीईओ नमः शिवाय अरजरिया, एडीएम विनय द्विवेदी सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने तहसीलदार नगर छतरपुर पीयूष दीक्षित, तहसीलदार ग्रामीण छतरपुर दुर्गेश तिवारी तथा नौगांव तहसीलदार विजय चौधरी की कार्यप्रणाली पर नाराजगी व्यक्त की। *तीन माह से अधिक समय से लंबित प्रकरणों में नाराजगी* समीक्षा में तीन माह से अधिक अवधि से लंबित अविवादित नामांतरण एवं बंटवारे के प्रकरणों की संख्या अधिक पाए जाने पर कलेक्टर ने गहरी नाराजगी जताई। छतरपुर शहरी तहसील में 432, छतरपुर ग्रामीण तहसील में 98 तथा नौगांव तहसील में 266 प्रकरण तीन माह से अधिक समय से लंबित पाए गए। कलेक्टर ने इन प्रकरणों के संतोषजनक निराकरण नहीं होने पर संबंधित तहसीलदारों को शोकॉज नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। *खराब प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों को नोटिस* कलेक्टर ने निर्देश दिए कि सीएम हेल्पलाइन एवं लोक सेवा गारंटी अधिनियम के प्रकरणों में खराब प्रदर्शन करने वाले तीन-तीन सीएमओ, जनपद पंचायत सीईओ एवं तहसीलदारों को भी शोकॉज नोटिस जारी किए जाएं। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत नागरिकों को उपलब्ध कराई जाने वाली सेवाओं के लिए निर्धारित अंतिम तिथि का इंतजार न किया जाए। जिस सेवा का निराकरण जितनी जल्दी संभव हो, उसे उतनी ही जल्दी नागरिकों को उपलब्ध कराया जाए। कलेक्टर ने राजस्व न्यायालयों में लंबित प्रकरणों की निगरानी तथा कार्यप्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सभी राजस्व न्यायालयों में जल्द से जल्द सीसीटीवी कैमरे स्थापित कराने के निर्देश एडीएम को दिए। उन्होंने कहा कि सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से राजस्व न्यायालयों की सतत निगरानी सुनिश्चित की जाए। कलेक्टर ने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि नागरिकों से जुड़ी सेवाओं और शिकायतों के निराकरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी अधिकारी लंबित प्रकरणों को प्राथमिकता में रखते हुए समय-सीमा में उनका गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करें।

Created On :   9 Aug 2026 7:37 PM IST

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