Chhindwara News: स्त्री-पुरुष की समानता का पर्याय है मोहगांव हवेली का अर्धनारीश्वर शिवलिंग, मप्र में दो ज्योतिर्लिंग के अलावा आधा ज्योतिर्लिंग अर्धनारीश्वर के रूप में मोहगांव हवेली में

स्त्री-पुरुष की समानता का पर्याय है मोहगांव हवेली का अर्धनारीश्वर शिवलिंग, मप्र में दो ज्योतिर्लिंग के अलावा आधा ज्योतिर्लिंग अर्धनारीश्वर के रूप में मोहगांव हवेली में
मध्यप्रदेश में महाकालेश्वर और ओंकारेश्वर दो ज्योतिर्लिंग के साथ तीसरा आधा ज्योतिर्लिंग अर्धनारीश्वर पांढुर्ना जिले में सौंसर तहसील के मोहगांव हवेली नगर में है। अर्धनारीश्वर शिवलिंग स्त्री-पुरूष की समानता का पर्याय है। भगवान शंकर का आधा शरीर स्त्री का तथा आधा शरीर पुरूष का है।

Chhindwara News: मध्यप्रदेश में महाकालेश्वर और ओंकारेश्वर दो ज्योतिर्लिंग के साथ तीसरा आधा ज्योतिर्लिंग अर्धनारीश्वर पांढुर्ना जिले में सौंसर तहसील के मोहगांव हवेली नगर में है। अर्धनारीश्वर शिवलिंग स्त्री-पुरूष की समानता का पर्याय है। भगवान शंकर का आधा शरीर स्त्री का तथा आधा शरीर पुरूष का है। भगवान शिव का यह स्वरूप स्त्री और पुरूष दोनों की समानता का संदेश देता है।

मंदिर में स्थित शिवलिंग को पुराणों के आधार पर विश्व के साढ़े बारह ज्योतिर्लिंग में से एक आधा शिवलिंग माना जाता है। यह अर्धनारीश्वर का अद्भुत मंदिर है। सावन मास के प्रति सोमवार और महाशिवरा़ित्र में शिवलिंग का पूजन व रूद्राभिषेक करने बड़ी संख्या में शिव भक्त पहुंचते हंै। मंदिर में स्थापित शिवलिंग प्राचीन है। बुजुर्ग बताते हंै कि प्रथम हिंदू सम्राट विक्रमादित्य इस मंदिर में पूजा करने आते थे। ईसवी 1300 सदी में हेमांद्री पंत महाराज द्वारा शिव मंदिर का निर्माण किया गया। रघुजी राजा ने मंदिर का जीर्णोद्धार किया था। तब पूजा अर्चना व व्यवस्था की जिम्मेदारी देवगढ़ के राजाओं द्वारा निभाई जाती रही है। यह क्षेत्र नागपुर के भोसले राज्य में स्थानांतरित होने पर भोसले महाराज ने दलपत शाह नरेश को यहां प्रतिनिधि नियुक्त किया था। मंदिर कमेटी के अध्यक्ष वीरेंद्र शर्मा बताते हैं कि इस महाशिवरात्रि पर मंदिर में शिव भक्तों को शिवलिंग के दर्शन की ही सुविधा उपलब्ध कराई गई है।

आधा काला और आधा लाल शिवलिंग

शिवलिंग का आधा भाग काले और आधा भाग हल्का लाल रंग का है, इसलिए यह भगवान शिव का साढ़े बारहवां अर्धनारीश्वर ज्योतिर्लिंग माना जाता है। प्रतिवर्ष विशेषतः ऋषि पंचमी में मप्र एवं महाराष्ट्र से बड़ी संख्या में महिलाएं आकर यहां सर्पिणी (सर्पा) नदी में स्नान कर शिवलिंग की पूजा अर्चना करती हैं।

अर्धनारीश्वर की पूजा कैसे करें

शेखर महाराज आष्टीकर बताते है कि भगवान शिव को चावल के अक्षत एवं माता पार्वती को कुमकुम चढ़ाया जाता है। यह पूजा सामंजस्य और संतुलन की भावना को बढ़ाने में मदद करती है। अर्धनारीश्वर रूप को चढ़ाया जाने वाला भोग ऐसा हो जो भगवान शिव एवं पार्वती को पसंद हो।

कैसे पहुंचे मोहगांव

पांढुर्ना जिले के तहसील मुख्यालय सौंसर से पश्चिम दिशा मोहगांव मार्ग से दूरी 6 किमी है। जिला मुख्यालय छिंदवाड़ा से 61 किमी और पांढुर्ना से 41 किमी है। महानगर नागपुर से 77 किमी है। रेलवे की यात्रा में सौंसर रेलवे स्टेशन है। वहीं वायुयान के लिए नागपुर एयरपोर्ट है। छिंदवाड़ा, नागपुर और पांढुर्ना से मंदिर पहुंचने के लिए सौंसर से होकर मोहगांव जाना होता है।

श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं....

यहां मंदिर कमेटी द्वारा निर्मित सामुदायिक भवन श्रद्धालुओं के लिए उपलब्ध रहता है। यहां अन्य राज्यों से भी सावन में शिव भक्त आते हैं, लेकिन इस स्तर की सुविधा यहां उपलब्ध नहीं हैं।

Created On :   14 Feb 2026 1:54 PM IST

Tags

और पढ़ेंकम पढ़ें
Next Story