17 दिन में दूसरी मौत: सिंचाई करने खेत जा रहे मजदूर को बाघ ने बनाया शिकार, बिछुआ के बफर जोन में हुई वारदात

सिंचाई करने खेत जा रहे मजदूर को बाघ ने बनाया शिकार, बिछुआ के बफर जोन में हुई वारदात
बिछुआ के बफर जोन में 17 दिनों में बाघ के हमले की दूसरी घटना सामने आई है। शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात खेत में सिंचाई करने जा रहे 36 वर्षीय मजदूर राजकुमार कहार पर बाघ ने हमला कर दिया।

Chhindwara News: बिछुआ के बफर जोन में 17 दिनों में बाघ के हमले की दूसरी घटना सामने आई है। शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात खेत में सिंचाई करने जा रहे 36 वर्षीय मजदूर राजकुमार कहार पर बाघ ने हमला कर दिया। जिससे मौके पर ही मजदूर की मौत हो गई। मृतक के भाई ने इसकी सूचना वनविभाग के अधिकारियों को दी। मौके पर पहुंची विभागीय टीम ने गांव में सतर्कता बढ़ाते हुए बाघ की लोकेशन ट्रेस करनी शुरु कर दी है। ग्रामीणों को सतर्क रहने की हिदायत दी गई है।

वनविभाग के अधिकारियों के मुताबिक छिंदवाड़ा क्षेत्र अंतर्गत कुंभपानी वन परिक्षेत्र में बीट गुमतरा के कक्ष क्रमांक पी.एफ.-1409 लालमाटी क्षेत्र के पास ये घटना घटित हुई। सिंचाई करने के लिए मृतक राजकुमार खेत जा रहा था। इस दौरान झाडिय़ों में छिपे बाघ ने मृतक पर हमला कर दिया। घटना की सूचना मृतक के छोटे भाई राजेश कहार द्वारा पेंच टाइगर रिजर्व के अधिकारियों को दी गई। वनविभाग की टीम को मौके पर बाघ के पग मार्क मिले हैं। घटना की सूचना पर टाइगर रिजर्व का स्टाफ एवं पुलिस थाना बिछुआ के पुलिस कर्मी द्वारा घटनास्थल पर पहुंचकर निरीक्षण किया गया एवं प्रथम दृष्टया बाघ द्वारा हमला किया जाना पाया है। मौके की कार्यवाही पूर्ण कर मृतक का शव पोस्टमार्टम हेतु सिविल अस्पताल बिछुआ भेजा गया। इस दौरान एसडीओ अतुल पारधी, गुमतरा रेंजर बलवंत सिंह कैशवाल, थाना प्रभारी सतीश उइके, वनरक्षक इनायत अली मौजूद थे।

घर का इकलौता कमाने वाला था मृतक

गुमतरा निवासी मृतक राजकुमार मजदूरी कर परिवार का पालन पोषण करता है। वह घर का अकेला कमाने वाला था। घटना के बाद उनकी पत्नी संतोषी बेसुध है। राजकुमार के दो भाई और दो बेटे है। बड़ा बेटा ओमकार और छोटा संस्कार पढ़ाई करते हैं। मृतक राजकुमार खेतों में मजदूरी करके परिवार का पालन करता था।

आसपास के गांव में दहशत, घर से निकलने कतरा रहे ग्रामीण

घटना के बाद गुमतरा के आसपास के गांव में दहशत का माहौल है। ग्रामीण घर से बाहर निकलने में कतरा रहे हैं। ग्रामीण दिन में भी अपने खेतों में जाने से साफ इंकार कर रहे हैं। इधर, वनविभाग की टीम ने सर्चिंग तेज करते हुए ग्रामीणों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हंै। खासकर, रात में घरों से नहीं निकलने की हिदायत दी गई है।

31 दिसंबर को भी हुई थी घटना

बिछुआ बफर जोन के पास 17 दिन में बाघ के शिकार की ये दूसरी घटना सामने आई है। इसके पहले 31 दिसंबर 2025 की सुबह बाघ ने हमला करते हुए किशनपुर खमरा निवासी बलराम डेहरिया को अपना शिकार बनाया था। मृतक सुबह खेत में पानी की मोटर चालू करने जा रहा था। इसी दौरान बाघ के हमले से मौके पर ही बलराम की मौत हो गई थी।

इनका कहना है...

- टाइगर रिजर्व प्रबंधन द्वारा मृतक के छोटे भाई को शासन के नियम अनुसार सहायता राशि चेक के माध्यम से प्रदान कर दिया गया है। साथ ही बाघ की लोकेशन ट्रेस कर रहे हैं। ग्रामीणों को रात में सतर्क रहने एवं जंगल के आसपास ना जाने के लिए अपील की है।

- अतुल पारधी, एसडीओ

पेंच नेशनल पार्क सिवनी

Created On :   19 Jan 2026 4:15 PM IST

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