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आक्रोश: गोंड गोवारी समाजबंधुओं ने एसडीएम कार्यालय के समक्ष शुरू किया बेमियादी अनशन

डिजिटल डेस्क, एटापल्ली (गड़चिरोली)। अनुसूचित जनजाति प्रवर्ग के क्रमांक 18 में आदिवासी समाज के गोंड-गोवारी प्रवर्ग का समावेश होकर उच्च न्यायालय ने इस प्रवर्ग के सभी विद्यार्थियों के साथ नागरिकों को जाति प्रमाणपत्र देने के निर्देश जारी किये हैं। बावजूद इसके एटापल्ली तहसील के तकरीबन 150 से अधिक व्यक्तियों को जाति प्रमाणपत्र से वंचित रखने का कार्य स्थानीय प्रशासन द्वारा किया जा रहा है। प्रशासन द्वारा हो रहे इस अन्याय के खिलाफ गोंड-गोवारी समाज बंधुओं ने शुक्रवार, 7 जून से यहां के उपविभागीय अधिकारी कार्यालय के समक्ष बेमियादी अनशन शुरू किया है। साथ ही जब तक जाति प्रमाणपत्र देने का लिखित आश्वासन नहीं दिया जाता तब तक अनशन समाप्त नहीं करने का निर्णय लिया है।
अपने ज्ञापन में समाजबंधुओं ने बताया कि, उच्च न्यायालय द्वारा सुनाए गये फैसले के बाद महाराष्ट्र सरकार ने सरकारी आदेश जारी किया और आदिवासी समाज में शामिल गोंड-गोवारी प्रवर्ग के लोगों को जाति प्रमाणपत्र देने के निर्देश जारी किये गये। इन्हीं निर्देशों के कारण करीब पांच वर्षों बाद तहसील के 150 से अधिक लोगों ने सेतु केंद्र के माध्यम से जाति प्रमाणपत्र के लिए अपने आवेदन पेश किये। लेकिन इन आवेदनों पर किसी तरह का ध्यान नहीं दिया गया।
इस संदर्भ में कुछ नागरिकों ने तहसील कार्यालय के साथ उपविभागीय अधिकारी कार्यालय पहुंचकर पूछताछ करने का प्रयास किया। लेकिन किसी अधिकारी ने इस संदर्भ में सही जवाब नहीं दिया। जिससे गोंड-गोवारी नागरिकों में रोष व्यक्त होने लगा है। सरकारी आदेश होने के बाद भी जाति प्रमाणपत्र नहीं मिलने से समाज के विद्यार्थियों का शैक्षणिक नुकसान हो रहा है। साथ ही सरकार की अनेक कल्याणकारी योजनाओं से वंचित भी रहना पड़ रहा है। इस अन्याय के खिलाफ अब लोगों ने आक्रमक भूमिका अपनाते हुए शुक्रवार से एसडीएम कार्यालय के समक्ष बेमियादी अनशन शुरू किया है। अनशन में स्वप्निल मडावी, बापूजी पुंगाटी, मंगेश गावडे, रामजी गावडे, गनु गावडे, बैसू मडावी, टांगरा पुंगाटी, देवू नैताम आदि ने हिस्सा लिया है।
Created On :   8 Jun 2024 6:04 PM IST














