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Gondia News: शाला में था एक ही विद्यार्थी, उसने भी निकाल ली टीसी, स्कूल को लगा ताला

Gondia News एक ओर मंगलवार, 30 जून से जिले की सभी स्कूलों में विद्यार्थियों का स्वागत कर प्रवेशोत्सव मनाया गया। लेकिन गोरेगांव पंचायत समिति के अंतर्गत आने वाली श्रीरामपुर जिला परिषद प्राथमिक शाला में एक भी विद्यार्थी नहीं होने के कारण स्कूल पर ताला लटका रहा और प्रवेशोत्सव नहीं मनाया जा सका। यही स्थिति तिरोड़ा पंचायत समिति के अंतर्गत आने वाली बोंडरानी जिला परिषद प्राथमिक शाला की भी रही।
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श्रीरामपुर स्कूल के संबंध में जानकारी लेने पर केंद्रप्रमुख श्वेता पटले ने बताया कि, इस स्कूल में केवल एक ही विद्यार्थी का प्रवेश शेष था। उसने भी स्कूल शुरू होने से पहले ही अपना टीसी (स्थानांतरण प्रमाणपत्र) निकलवा लिया। इसके कारण स्कूल में विद्यार्थियों की संख्या शून्य हो गई और प्रवेशोत्सव आयोजित नहीं किया जा सका। इसी प्रकार तिरोड़ा पंचायत समिति के अंतर्गत ग्राम बोंडरानी स्थित जिला परिषद प्राथमिक शाला में भी यही स्थिति रही। इस संबंध में शिक्षा विभाग से पूछताछ करने पर बताया गया कि स्कूल में एक भी विद्यार्थी नहीं होने के कारण फिलहाल स्कूल को बंद कर दिया गया है। विद्यार्थियों के अभाव में स्कूलों पर ताले लगना शिक्षा व्यवस्था के लिए खतरे की घंटी है। यदि इस विषय को गंभीरता से नहीं लिया गया, तो ग्रामीण क्षेत्रों की शिक्षा व्यवस्था संकट में पड़ सकती है।
सरकारी संसाधनों की बर्बादी : गोरेगांव के श्रीरामपुर में जिला परिषद की कक्षा पहली से चौथी तक की प्राथमिक शाला है। इस स्कूल का परिसर लगभग पांच एकड़ में फैला हुआ है। शासन ने यहां भव्य भवन का निर्माण कराया है और कई संसाधन भी उपलब्ध कराए हैं। बावजूद इसके शिक्षकों की कमी, आवश्यक सुविधाओं का अभाव तथा अन्य कारणों से विद्यार्थियों की संख्या लगातार घटती गई। परिणामस्वरूप आज विद्यार्थी नहीं होने के कारण स्कूल पर ताला लग गया। अब आशंका है कि यह भवन धीरे-धीरे खंडहर में तब्दील हो जाएगा। जिले में ऐसी कई अन्य स्कूलें भी हैं, जो भविष्य में बंद होने की कगार पर पहुंच सकती हैं। यह स्थिति सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग और बर्बादी की ओर भी इशारा करती है।
विद्यार्थियों की घटती संख्या बना कारण : इस विषय को लेकर विभिन्न स्त्रोतों के माध्यम से जानकारी ली गई तो पता चला कि स्कूलों में शिक्षकों की कमी, बुनियादी सुविधा उपलब्ध नहीं, कार्यरत शिक्षकों पर अशैक्षणिक कामों का बोझ तथा निजी स्कूलों की बढ़ती संख्या बताया गया है। इन समस्याओं को देखते हुए विद्यार्थियों के माता-पिता अब अपने पाल्यों को समीप के निजी अंग्रेजी स्कूलों में दाखिला देना पसंद कर रहे है। भले ही उनकी आर्थिक स्थिती मजबूत न हो लेकिन मजबूरन अपने पाल्यों को भविष्य बनाने के लिए इस तरह का कदम उठा रहे है।
विद्यार्थियों के अभाव में फिलहाल दोनों शालाएं बंद : गोरेगांव की श्रीरामपुर व तिरोड़ा तहसील की बोंडरानी जिला परिषद शाला में प्रवेश संख्या शून्य होने से दोनों स्कूलों को बंद रखा गया है। जिसकी जानकारी शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को दे दी गई है। - नरेंद्र डहाके, विस्तार अधिकारी, गोंदिया जिला परिषद प्राथमिक शिक्षा विभाग
Created On :   1 July 2026 2:39 PM IST















