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Jabalpur News: गौण खनिज, सारी स्वीकृति भोपाल पर निर्भर, बिचाैलियों को मिल रही हवा
Jabalpur News: जिले में चाहे मुरुम हो या फिर अन्य कोई भी खनिज, इनकी लीज पाना आसान नहीं है। पिछले कुछ समय पूर्व जिला स्तरीय अनुमति समिति समाप्त कर दी गई है जिससे अब सारी स्वीकृति भोपाल पर निर्भर हो गई है। पूर्व में जिला स्तरीय समिति (डिया) से लीज की अनुमति मिल जाती थी मगर इसे बंद करके भोपाल स्तर पर (शिया) से स्वीकृति लेना अनिवार्य हो गया है, जिसके चलते जहां आम आदमी के हिस्से में भटकाव आ रहा है ताे वहीं बिचौलियों को हवा मिल रही है।
इसमें सबसे बड़ी दिक्कत यह भी आ रही है कि जिन लोगों के पास स्वीकृत खदानें हैं मगर लीज की अवधि समाप्त हो गई है वह भोपाल के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन लीज रिन्यू नहीं हो रही है, जबकि बिना लीज वाले खुले आम अवैध उत्खनन कर रहे हैं।
गौरतलब है कि पहले 4 हेक्टेयर तक की गिट्टी, मुरुम व अन्य खनिज की लीज जिला स्तर पर भी संभव हो जाती थी। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन जमा करने के बाद संबंधित क्षेत्र के अधिकारियों के साथ माइनिंग इंस्पेक्टर की रिपोर्ट लगाकर कलेक्टर के समक्ष प्रस्तुत होती थी और उनके द्वारा या फिर संभागायुक्त की समिति से लीज स्वीकृत हो जाती थी। इसके लिए लोगों को ज्यादा यहां-वहां नहीं भटकना पड़ता था मगर अब यह स्थानीय स्तर का सिस्टम बंद कर दिया गया है।
सुलभ मार्ग के फेर में काट रहे चक्कर
कई लीज धारक बताते हैं कि उनके पास काफी पुरानी लीज है मगर पहले स्थानीय स्तर पर यह लीज हो जाती थी अब शिया से यानी भोपाल से लीज रिन्यू कराने की स्थिति में उन्हें चक्कर लगाना पड़ रहा है, मगर भोपाल में समिति का गठन नहीं होने के कारण लीज रिन्यू नहीं हो पा रही है। ऐसी स्थिति में वैध लीजधारक कार्य ही नहीं कर पा रहे हैं। कई बार तो व्यक्ति भोपाल के चक्कर काटने के बजाय सुलभ मार्ग की तलाश में बिचौलियों का सहारा ले रहे हैं, जिससे उन्हें शासन द्वारा निर्धारित शुल्क से कई गुना राशि बिचौलियों को देनी पड़ रही है।
शासन को भी हो रही राजस्व हानि
जानकार बताते हैं कि एक तरफ लीज रिन्यू नहीं होने के कारण राॅयल्टी पर्ची कटने में दिक्कतें आ रही हैं जिससे शासन को भी राजस्व की हानि हो रही है, वहीं दूसरी ओर अवैध उत्खनन करने वाले बेखौफ होकर उत्खनन कर रहे जिनसे शासन के खाते में एक रुपए भी जमा नहीं हो पा रहे हैं।
जिले में लीज की स्थिति
{ मुरुम की - 11 लीज।
{ मैंग्नीज, बॉक्साइट, आयरन ओर की -42 लीज।
{ डोलोमाइट, लेट्राइट, सिल्का सेंड, क्लेे की- 32 लीज।
Created On :   3 Jan 2026 6:07 PM IST












