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Jabalpur News: शोध से पता चला है कि मध्य प्रदेश का पूर्वी हिस्सा हाथियों के लिए बन सकता है "नया ठिकाना'
डिजिटल डेस्क,जबलपुर। भविष्य में कुंडम और मंडला के जंगलों में एक बहुत ही महत्वपूर्ण और दिलचस्प बदलाव होने वाला है। राज्य वन अनुसंधान संस्थान (एसएफआरआई) के वैज्ञानिकों का कहना है कि मध्य प्रदेश का पूर्वी हिस्सा अब हाथियों के लिए एक 'नया ठिकाना' बन रहा है।
लम्बे शोध के बाद पता चला है कि यहां का क्लाइमेट हाथियों को पसंद आ रहा है। वैज्ञानिकों के अनुसार बांधवगढ़ के बाद कुंडम के महानदी वाले एरिया और मंडला में कालपी के जंगलों में भी हाथियों की दस्तक दर्ज हो सकती है।
इसलिए आ रहे हैं हाथी
छत्तीसगढ़ में बढ़ते मानव-हाथी संघर्ष और खदानों के कारण उनके प्राकृतिक आवास सिमट रहे हैं। इसके विपरीत पूर्वी मध्य प्रदेश (जैसे सीधी, सिंगरौली, शहडोल और अनूपपुर) का क्लाइमेट और घना जंगल हाथियों को अनुकूल वातावरण दे रहा है।
यहां पर्याप्त पानी, बांस के जंगल और चारा उपलब्ध है। बांधवगढ़ का क्षेत्र पहले से ही हाथियों का स्थायी घर बन चुका है। घने वन क्षेत्रों के कारण आने वाले समय में हाथियों की आवाजाही कुंडम और मंडला के जंगलों तक भी देखी जा सकती है।
जैविक रूप से तैयार हैं यहां के जंगल
हाथियों का आगमन केवल प्रवास नहीं है, बल्कि यह दर्शाता है कि म.प्र. के जंगल अब हाथियों के संरक्षण और उनके स्थायी निवास के लिए जैविक रूप से तैयार हैं। हाथी एक दिन में लगभग 100 से 200 लीटर पानी पी सकते हैं।
इसलिए वे उन्हीं क्षेत्रों में प्रवास करते हैं जहां साल भर जल स्रोत उपलब्ध हों। हालांकि, यह बढ़ती सक्रियता भविष्य में 'मानव-हाथी द्वंद्व' की चुनौती भी पेश कर सकती है, जिसके लिए वन विभाग और स्थानीय समुदायों को अभी से ही जागरूक होने की आवश्यकता है।
जलवायु परिवर्तन का असर
एसएफआरआई के वैज्ञानिक डॉ. मयंक मकरंद वर्मा का कहना है कि बदलते परिवेश और जलवायु परिवर्तन के कारण हाथी रिहायशी इलाकों की ओर रुख कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ से मध्य प्रदेश (जैसे बांधवगढ़ या कान्हा) की ओर हाथियों का आना यह दर्शाता है कि वे बेहतर संसाधनों और अनुकूल वातावरण की तलाश में लंबी दूरी तय कर रहे हैं।
हाथियों को नमी वाली गर्मी और घनी हरियाली पसंद है। अगर हम हाथियों को बचाना चाहते हैं, तो उनके प्राकृतिक जल स्रोतों और जंगलों के गलियारों को सुरक्षित रखना होगा।
Created On :   7 May 2026 5:51 PM IST












