Jabalpur News: ओंकारेश्वर मंदिर में ट्रस्टी की नियुक्ति को हाई कार्ट में चुनौती

ओंकारेश्वर मंदिर में ट्रस्टी की नियुक्ति को हाई कार्ट में चुनौती
कोर्ट ने कहा- प्रथम अपील के रूप में करेंगे सुनवाई

डिजिटल डेस्क,जबलपुर। मध्यप्रदेश हाई कोर्ट ने ओंकारेश्वर मंदिर ट्रस्ट के कार्यकारी ट्रस्टी की नियुक्ति को चुनौती देने वाली अपील को पूरी तरह से मान्य किया है। जस्टिस आरसीएस बिसेन की एकलपीठ ने विविध अपील को प्रथम अपील के रूप में बदलकर उस पर सुनवाई करने के निर्देश दिए। यह मामला ओंकारेश्वर मंदिर पब्लिक ट्रस्ट के कार्यकारी/प्रबंध ट्रस्टी की नियुक्ति से जुड़ा है।

निचली अदालत (खंडवा) ने राव पुष्पेंद्र सिंह को योग्य मानते हुए ट्रस्टी नियुक्त किया था, जबकि याचिकाकर्ता राव देवेंद्र सिंह की आपत्ति खारिज कर दी गई थी। इसी आदेश को राव देवेंद्र सिंह ने हाई कोर्ट में चुनौती दी है। प्रतिवादी पुष्पेंद्र सिंह की ओर से दलील गई दी कि पहले से एक अपील लंबित थी, इसलिए दूसरी अपील स्वीकार नहीं की जा सकती।

अपीलार्थी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तन्खा एवं अधिवक्ता सिद्धार्थ शुक्ला ने बताया कि पहली अपील तकनीकी रूप से दोषपूर्ण थी और बाद में वापस ले ली गई, इसलिए वर्तमान अपील ही वैध है। कोर्ट ने माना कि याचिकाकर्ता ने पहले वाली अपील की जानकारी छुपाई नहीं थी।दूसरी अपील पहले ही दायर हो चुकी थी, इसलिए उसे खारिज नहीं किया जा सकता।

फैसले के बाद 242 दिनों की भारी देरी उचित नहीं, प्रदेश सरकार को झटका

मध्यप्रदेश हाई कोर्ट ने एक मामले में राज्य सरकार द्वारा एकलपीठ के फैसले के खिलाफ पुनरीक्षण याचिका दायर करने में 242 दिनों की भारी देरी को अनुचित करार दिया। जस्टिस आरसीएस बिसेन की एकलपीठ ने सरकार की याचिका निरस्त कर दी।

कोर्ट ने यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देश के तहत तृतीय व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों से सेवानिवृत्ति के बाद वसूली नहीं की जा सकती है। दरअसल, राज्य शासन ने हाई कोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी थी जिसमें सेवानिवृत्त कर्मी भोलानाथ विश्वकर्मा को 6 फीसदी ब्याज के साथ एक लाख 15 हजार रुपए की राशि लौटाने सरकार को कहा गया था।

कटनी लीज पट्टा आवंटन मामले में राहत

हाई कोर्ट के पूर्व आदेश का पालन न होने पर लीज पट्टा मामले में अवमानना याचिका दायर की गई। जिसके बाद कटनी निवासी गायत्री सोनी सहित अन्य को राहत मिल गई है। अवमानना प्रकरण में सुनवाई करते हुए नगरीय विकास एवं आवास विभाग के सचिव को कार्रवाई के निर्देश दिए गए। जिसके बाद याचिकाकर्ताओं को सुनवाई का अवसर देकर कलेक्टर कटनी, आयुक्त नगर पालिका निगम, कटनी को 30 दिनों में आदेश का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दे दिए गए।

इसके तहत भूखंडों को लाॅटरी पद्धति के आधार पर हितग्राहियों को आवंटित किया जाएगा। चूंकि आवंटन के लगभग 30 वर्ष हो गए हैं, अतः कब्जा देते समय लीज नवीनीकरण की कार्यवाही भी की जा सकेगी। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता शंकर प्रसाद सिंह व शुभंकर सोनकर ने पक्ष रखा।

Created On :   7 May 2026 5:42 PM IST

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