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Jabalpur News: अब अगले 18 माह में बनकर तैयार हो जाएगी 114 किलोमीटर लंबी रिंग रोड

डिजिटल डेस्क,जबलपुर। जबलपुर शहर की सबसे महत्वाकांक्षी सड़क रिंग रोड अब दिसंबर 2027 तक बनकर तैयार हो सकेगी। इस रिंग रोड की ऑनलाइन हर माह केन्द्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय समीक्षा करता है। नेशनल हाईवे अथाॅरिटी ऑफ इण्डिया ने रिंग रोड की जो अब तक निर्माण की प्रगति दर्शायी है उसमें 114 किलोमीटर में अब तक 70 फीसदी के करीब निर्माण हो सका है। इसमें हिस्सों की स्थिति अलग-अलग है।
कुल 5 हिस्सों में 3 हजार करोड़ की लागत से बन रहा रोड अब दावा किया जा रहा है कि अगले 18 माह यानी 2027 के आखिर में पूरा हो सकेगा। अमेरिका-ईरान युद्ध के चलते डामर की सप्लाई में असर पड़ा है। इसमें सड़क का काम नहीं रुका लेकिन सप्लाई धीमी होने से वर्क की गति प्रभावित हुई है।
जो काम मार्च 2027 में खत्म हो सकता था, वह उसी साल आखिरी में खत्म हो सकेगा। केन्द्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय ने निर्देश दिए हैं कि रिंग रोड के वर्क को किसी भी सूरत में समय-सीमा में पूरा किया जाए। डामर की दरों में जो अंतर आया है मंत्रालय उसकी भरपाई खुद करेगा लेकिन काम की गति पर असर नहीं होना चाहिए।
डामर से तैयार हो रही है पूरी रोड
शहर के चारों ओर बन रहा पूरा रिंग रोड सीमेंटेड न बनाकर डामर से बनाया जा रहा है। इसमें मुख्य रोड के साथ सर्विस रोड भी बनाई जा रही है, जिसकी कुल लंबाई 150 किलोमीटर के करीब है। सर्विस रोड में नगर निगम से जब्त सिंगल यूज प्लास्टिक, पाॅलीथिन इस्तेमाल किया जाएगा। इसके लिए एनएचएआई ने नगर निगम से जब्त किया गया पाॅलीथिन मांगा है जो सर्विस रोड के बड़े हिस्से में लगाया जाना है।
ब्रिज छोड़कर बाकी हिस्सा तैयार
रिंग रोड का पहला हिस्सा जो बरेला शारदा मंदिर से चूल्हा गोलाई तक आता है। 16 किलोमीटर के इस हिस्से में भटौली में नर्मदा के ऊपर बन रहा एक्स्ट्राडोज ब्रिज छोड़कर पूरी सड़क को लगभग बना लिया गया है। जानकारी के अनुसार इस पहले हिस्से में केवल मार्किंग सहित पेटिंग और इसी तरह के कुछ वर्क बाकी हैं। शेष वर्क इसमें पूरा कर लिया गया है। बाकी काम के लिए कंपनी जोर-शोर से लगी हुई है।
एक नजर इस पर
{ शहर के चारों ओर रिंग रोड की कुल लंबाई 114 किलोमीटर।
{ इसको पांच अलग-अलग हिस्सों में बनाया जा रहा है।
{ इसके सभी हिस्सों को मिलाकर लागत 3 हजार करोड़ है।
{ पहला हिस्सा बरेला शारदा मंदिर से चूल्हा गोलाई तक।
{ दूसरा हिस्सा चूल्हा गोलाई से भेड़ाघाट रेलवे स्टेशन।
{ तीसरा हिस्सा भेड़ाघाट रेलवे स्टेशन से कुशनेर पनागर।
{ चौथा कुशनेर पनागर से कुण्डम अमझर घाटी तक।
{ पांचवां हिस्सा कुण्डम अमझर घाटी से शारदा मंदिर बरेला तक।
Created On :   23 Jun 2026 6:47 PM IST










