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Jabalpur News: बेखौफ होकर नर्मदा सहित अन्य घाटों से हो रहा रेत का उत्खनन

डिजिटल डेस्क,जबलपुर। जिले में रेत और मुरुम के अवैध उत्खनन और परिवहन के खिलाफ कार्रवाई करने कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने सख्त निर्देश दिए हैं। इस निर्देश के चलते पिछले सप्ताह तीन दिन माइनिंग, राजस्व व पुलिस की संयुक्त टीम ने शहपुरा, पाटन और कुंडम क्षेत्र में कार्रवाई की। इस दौरान जहां शहपुरा क्षेत्र में दो दिन में 35 लाख रुपए की रेत नदी में वापस मिलाई गई।
वहीं कुंडम और पाटन क्षेत्र में भी इस तरह की कार्रवाई की गई। आश्चर्य की बात तो यह है कि इतने बड़े पैमाने पर रेत का अवैध उत्खनन होने के बाद भी अमला मात्र तीन दिन कार्रवाई कर बैकफुट में आ गया, अब न तो रेत के उत्खनन की जांच हो रही है और न ही परिवहन के खिलाफ सख्ती बरती जा रही है। नतीजतन रेत माफिया बेखौफ होेकर रेत निकाल रहा है।
ठेका चालू नहीं, मनमाने दामों पर विक्रय
जानकारों का कहना है कि शासकीय तौर नर्मदा सहित आसपास के सभी घाटों पर रेत निकासी का ठेका बंद है। इसके बाद भी शहर में रेत का परिवहन जारी है। इससे यह तो स्पष्ट है कि बड़े पैमाने पर रेत की निकासी हो रही है जो पूरी तरह से अवैध है। परमिट वाली रेत न मिलने के कारण रेत माफिया द्वारा मनमाने रेट पर रेत का विक्रय किया जा रहा है, यानी रेत के दाम तय नहीं हैं जो चाहे अपनी मर्जी से रेट तय कर रहा है। इससे आम आदमी लुट रहा है।
नर्मदा और हिरन नदी से निकाल रहे रेत
सूत्र बताते हैं कि इन दिनाें शासकीय अमले की शांति का लाभ उठाकर रेत माफिया नर्मदा के घाटों सहित हिरन और मालकछार क्षेत्र से बड़ी मात्रा में रेत निकाल रहा है। गौरीघाट से लेकर ललपुर, चरगवां क्षेत्र में जहां सुबह से लेकर देर शाम तक नदी के बीच से किश्ती के सहारे रेत निकाली जा रही है, तो वही हिरन नदी में बड़ी-बड़ी मशीनें लगाकर बीच से रेत निकालने का क्रम जारी है।
स्टॉक पर नजर तो सीधे अन्य परिवहन
जानकार बताते हैं कि पिछले सप्ताह हुई कार्रवाई के बाद अब रेत माफिया पहले से काफी ज्यादा सतर्क हो गया है और उसके द्वारा नदी से रेत निकाल कर घाटों के आसपास स्टॉक नहीं किया जा रहा है, बल्कि दूर-दराज खेतों के बीच रेत का स्टॉक किया जा रहा है ताकि यहां आसानी से टीम की नजर न पड़े। इसके बाद एक-दो दिन में उसे कहीं अन्यत्र शिफ्ट कर दिया जाता है।
Created On :   16 Feb 2026 7:07 PM IST












