Jabalpur News: पार्टनरशिप में सफाई का ठेका भी लेता रहा प्रभारी स्वास्थ्य अधिकारी

पार्टनरशिप में सफाई का ठेका भी लेता रहा प्रभारी स्वास्थ्य अधिकारी
ईओडब्ल्यू ट्रैप केस: समिति के दफ्तर में छापेमारी करने पहुंची टीम, पहले से ताला पड़ा देखा तो कर दिया सील

डिजिटल डेस्क,जबलपुर। आय से अधिक सम्पत्ति मामले में ईओडब्ल्यू की गिरफ्त में आए ननि के प्रभारी स्वास्थ्य अधिकारी पोला राव ने सफाई ठेके में भी जमकर पैसे कमाए। मंगलवार को उसके घर और दफ्तर से छापामारी के दौरान करीब पौने 3 करोड़ की सम्पत्ति मिली थी। जांच में उजागर हुआ कि नर्मदा सेवा सफाई समिति (फर्म) में उसकी साझेदारी है।

टीम ने बुधवार को यादव काॅलोनी स्थित समिति के दफ्तर में छापामारी करने पहुंची तो वहां ताला लटका था। जांच टीम ने समिति दफ्तर को सील कर दिया है। जानकारी के अनुसार छापे की कार्रवाई के दौरान जब्त किए गये दस्तावेजों की जांच में खुलासा हुआ कि पोला राव का मूल पद सुपरवाइजर का है।

कुछ समय पूर्व स्वास्थ्य विभाग का प्रभार हथियाने के बाद उसने अपना प्रभाव दिखाते हुए नर्मदा सफाई समिति में भी अपना शेयर बना लिया था। इस समिति के पास वर्तमान में 5 जाेन यानी करीब 25 वार्डों की सफाई का ठेका है। ईओडब्ल्यू समिति के दस्तावेजों को खंगालकर यह पता लगाएगी कि समिति में पोला राव की कितनी हिस्सेदारी है।

हुए थे चौंकाने वाले खुलासे

ईओडब्ल्यू द्वारा मंगलवार को ननि अधिकारी पोला राव के घर पर छापामारी की गई थी। जिसमें चौंकाने वाले खुलासे हुए थे और आय से अधिक संपत्ति उजागर हुई थी। पोला राव जिस फ्लैट में रह रहा था, उसकी कीमत करीब 45 लाख रुपए और 16 लाख रुपए कीमत का सामान भी मिला था।

जांच के दौरान घर से करीब साढ़े 22 लाख रुपए कीमत के 150 सौ ग्राम वजनी सोने के जेवर बरामद हुए थे। इसके अलावा 10 लाख से अधिक की बीमा पॉलिसी व अन्य निवेश, दो कारें, एक करोड़ 19 लाख रुपए के कैश लेनदेन के दस्तावेज, भूखंड व आंध्र प्रदेश में कृषि भूमि के दस्तावेज मिले थे।

Created On :   18 Jun 2026 6:28 PM IST

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