बायोयुग ग्रीन कमांड -2026: विश्व पर्यावरण दिवस पर लखनऊ से उठी हरित क्रांति की नई आवाज, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सराहा

विश्व पर्यावरण दिवस पर लखनऊ से उठी हरित क्रांति की नई आवाज, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सराहा
  • लखनऊ छावनी बोर्ड और बीसीएमएल ने लॉन्च किया 'बायोयुग ग्रीन कमांड -2026
  • रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस पहल की सराहना की

Lucknow News. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की मौजूदगी में शुक्रवार को विश्व पर्यावरण दिवस पर बलरामपुर चीनी मिल्स लि (बीसीएमएल) ने लखनऊ छावनी बोर्ड के सहयोग से 'बायोयुग ग्रीन कमांड- 2026' का औपचारिक शुभारंभ किया। इस अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि रक्षा मंत्री ने भारत की हरित विकास यात्रा में सस्टेनेबल सामग्री की भूमिका पर ज़ोर दिया।

'बायोयुग ग्रीन कमांड- 2026' का उद्देश्य कार्बन फुटप्रिंट को कम करना, सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाना और एक चक्रीय अर्थव्यवस्था का निर्माण करना है। राजनाथ सिंह ने कहा कि पर्यावरण के लिए हम सब ने मिलकर एक यह एक ऐतिहासिक पहल की है। उन्होंने कहा कि यह भारत के भविष्य के साथ राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा हुआ एक प्रभावी कदम है। उन्होंने कहा कि एक दशक पहले तक उत्तरप्रदेश में गन्ना की फसल को उसकी कीमत नहीं मिल पाती थी और चीनी मिलों की भी स्थिति भी अच्छी नहीं थी। कई समय तक कृषि और बायो इकॉनमी के लिए देश अच्छी नहीं थी। लेकिन आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में हमारा उत्तर प्रदेश बदल चुका है।

'भारत अपनी सस्टेनेबिलिटी यात्रा के एक अहम मोड़ पर है'

बीसीएमएल के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर विवेक सराओगी ने कहा कि भारत अपनी सस्टेनेबिलिटी यात्रा के एक अहम मोड़ पर है, जहाँ आर्थिक विकास और पर्यावरण के प्रति ज़िम्मेदारी को साथ-साथ आगे बढ़ना होगा। पारंपरिक सामग्री से सस्टेनेबल विकल्पों की ओर बढ़ना न सिर्फ़ पर्यावरण के लिए ज़रूरी है, बल्कि यह नए उद्योग बनाने, स्वदेशी निर्माण को बढ़ावा देने और समाज को दीर्घकालिक मूल्य प्रदान करने का एक मौका भी है। बायोयुग ग्रीन कमांड 2026 के ज़रिए, हम सरकार, उद्योग जगत, संस्थानों और समुदायों को एक साथ ला रहे हैं ताकि इस बदलाव को तेज़ी से आगे बढ़ाया जा सके।

इस अवसर पर बीसीएमएल की एक्ज़क्टिव डायरेक्टर अवंतिका सराओगी ने कहा कि बायोमटीरियल्स की ओर बढ़ना न सिर्फ़ पर्यावरण के लिए ज़रूरी है, बल्कि यह एक आर्थिक अवसर भी है। इसका उद्देश्य किसानों को सशक्त बनाना तथा नए उद्योगों एवं आत्मनिर्भर भारत को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि पिछली सदी तेल और पेट्रोकेमिकल्स की थी; अगली सदी किसानों और खेतों की हो सकती है। भविष्य की चीज़ें न सिर्फ़ ज़मीन के नीचे से निकाली जाएँगी, बल्कि खेती के ज़रिए ज़मीन के ऊपर भी उगाई जाएँगी। इस अवसर पर उत्तरप्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक की भी मौजूदगी रही।

Created On :   5 Jun 2026 9:23 PM IST

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