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देश का पहला अंडरवॉटर म्यूजियम: सिंधुदुर्ग के विजयदुर्ग में विश्व स्तर के स्कूबा डाइविंग और कृत्रिम रीफ का सपना जल्द होगा साकार, आईएनएस गुलदार को समुद्र में स्थापित

Mumbai News. महाराष्ट्र पर्यटन विकास महामंडल (एमटीडीसी) ने राज्य में जल पर्यटन को बढ़ावा देने और पर्यटकों को लुभाने के लिए सिंधुदुर्ग के विजयदुर्ग में विश्व स्तर के स्कूबा डाइविंग और कृत्रिम रीफ को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। इसके लिए भारतीय नौसेना के डीकमिशन्ड जहाज आईएनएस गुलदार को समुद्र की गहराई में सफलतापूर्वक स्थापित कर दिया गया है। इसके साथ ही देश का पहला अत्याधुनिक अंडरवॉटर म्यूजियम और पनडुब्बी आधारित पर्यटन प्रकल्प की शुरुआत हो गई है। राज्य के पर्यटन मंत्री शंभूराज देसाई ने बताया कि यह परियोजना भारतीय पर्यटन क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक कदम साबित होगी और महाराष्ट्र को वैश्विक समुद्री पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान दिलाएगी। यह प्रकल्प मझगांव डॉक शिप बिल्डर्स लिमिटेड के समन्वय से विकसित किया जा रहा है।
मंत्री देसाई ने कहा कि भारत में पहली बार पर्यटकों को सबमरीन आधारित अनुभवात्मक पर्यटन का अवसर मिलेगा। यहां पर्यटक गाइडेड व्रेक डायविंग, सबमरीन टूर, स्कूबा डाइविंग, अंडरवॉटर फोटोग्राफी तथा समुद्री अध्ययन और रिसर्च जैसी गतिविधियों का अनुभव ले सकेंगे। इस परियोजना के तहत 12 मीटर तक डिस्कवर स्कूबा डाइविंग, 18 मीटर तक प्रमाणित डाइवर अभियान, 30 मीटर तक एडवांस डाइविंग अनुभव, अंडरवाटर फोटोग्राफी टूरिज्म और समुद्री शिक्षा एवं रिसर्च सुविधाएं उपलब्ध होंगी। डाइविंग स्लॉट्स, सबमरीन बुकिंग और अन्य सुविधाओं की जानकारी जल्द ही जारी की जाएगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और दिवंगत पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार के मार्गदर्शन में इस महत्वाकांक्षी परियोजना को गति मिली है। केंद्र सरकार ने इसके लिए 46.91 करोड़ रुपए तथा राज्य सरकार ने 112.46 करोड़ रुपए मंजूर किए हैं।
विदेशों की तर्ज पर अंडरवाटर टूरिज्म
संयुक्त राज्य अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और कई यूरोपीय देशों ने अपने डीकमिशन्ड नौसैनिक जहाजों को डुबोकर कृत्रिम रीफ बनाए हैं। जिससे स्कूबा डाइविंग पर्यटन को बढ़ावा मिलता है। इसी से प्ररित होकर महाराष्ट्र पर्यटन विभाग ने भारतीय नौसेना के एक डीकमिशन्ड युद्धपोत का उपयोग करके अंडरवाटर पर्यटन की पहल की। जून 2023 में एमटीडीसी ने औपचारिक रूप से भारतीय नौसेना से उपलब्ध डीकमिशन्ड युद्धपोत आईएनएस गुलदार को बिना किसी लागत के सौंपने का अनुरोध किया। इसके बाद एक विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार की गई। फरवरी 2024 को भारतीय नौसेना ने गुलदार को राज्य सरकार को सौंपने को हरी झंडी दी। नवंबर 2024 में केंद्र सरकार ने आईएनएस गुलदार पर अंडरवाटर म्यूजियम, कृत्रिम रीफ और स्कूबा डाइविंग के लिए प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की। कृत्रिम रीफ के बनने से पर्यटन के माध्यम से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे बल्कि अर्थव्यवस्था को भी बल मिल सकेगा।
Created On :   21 May 2026 9:50 PM IST
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