समिति का गठन: माता और बाल मृत्यु को रोकने हरकत में सरकार, शहरों और ग्रामीण इलाकों के लिए अलग-अलग समिति का गठन

माता और बाल मृत्यु को रोकने हरकत में सरकार, शहरों और ग्रामीण इलाकों के लिए अलग-अलग समिति का गठन
  • स्वास्थ्य अधिकारी की अध्यक्षता में समिति
  • शहरों और ग्रामीण इलाकों के लिए अलग-अलग समिति का गठन

Mumbai News. प्रदेश सरकार ने माता और बाल मृत्यु की घटनाओं का प्रभावी रूप से अन्वेषण व उसके कारणों का पता लगाने और प्रतिबंधात्मक उपाययोजना को लागू करने के लिए कृति (एक्शन) समिति का गठन किया है। जिलास्तरीय (शहरी) माता व बाल मृत्यु अन्वेषण समिति के अध्यक्ष संबंधित मनपा आयुक्त होंगे। जबकि जिलास्तरीय (ग्रामीण) माता व बाल मृत्यु कृति समिति के अध्यक्ष संबंधित जिलाधिकारी होंगे। इस समिति के सह अध्यक्ष संबंधित जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी होंगे। यह दोनों समितियां तकनीकी समिति की रिपोर्ट के अनुसार माता मृत्यु की 25 घटनाओं और बाल मृत्यु के 5 घटनाओं की गहराई से अन्वेषण करेगी। समितियों को स्वास्थ्य सेवा की कमियों को पहचानकर दोष निवारण के लिए सुझाव देगी। इस समिति को प्रत्येक तीन महीने में कम से कम एक बैठक आयोजित करना होगा।

स्वास्थ्य अधिकारी की अध्यक्षता में समिति

राज्य के महानगर पालिका क्षेत्रों में माता व बाल मृत्यु का तकनीकी अन्वेषण के लिए संबंधित मनपा के कार्यकारी स्वास्थ्य अधिकारी अथवा चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी की अध्यक्षता में समिति बनाई गई है। जबकि ग्रामीण इलाकों में माता व बाल मृत्यु तकनीकी अन्वेषण समिति के अध्यक्ष जिला शल्य चिकित्सक (सिविल सर्जन) होंगे। जिलास्तरीय (ग्रामीण व शहरी) तकनीकी समिति का अन्वेषण रिपोर्ट माता व बाल मृत्यु निरीक्षण व प्रतिसाद समिति और राज्य के स्वास्थ्य विभाग के पास भेजना होगा। इस रिपोर्ट के आधार पर राज्यस्तरीय कृति दल आवश्यक नीतिगत फैसला करेगा। प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग के सचिव की अध्यक्षता में राज्यस्तरीय कृति दल (टास्क फोर्स) बनाया गया है।

वार्डस्तर पर भी समिति

महानगर पालिका क्षेत्रों में उप कार्यकारी स्वास्थ्य अधिकारी अथवा उप चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी की अध्यक्षता में वार्डस्तरीय माता व बाल मृत्यु अन्वेषण कृति समिति बनाई गई है। जबकि तहसील स्तर पर ग्रामीण अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक समिति के अध्यक्ष होंगे।

Created On :   21 May 2026 10:04 PM IST

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