ब्रांच का बड़ा ऑपरेशन: 25 लाख की रंगदारी मांगने वाला मकोका गैंग बेनकाब, मास्टरमाइंड समेत 12 आरोपी गिरफ्तार

25 लाख की रंगदारी मांगने वाला मकोका गैंग बेनकाब, मास्टरमाइंड समेत 12 आरोपी गिरफ्तार
  • ताज लैंड्स एंड होटल में मुंबई क्राइम ब्रांच का बड़ा ऑपरेशन
  • पुलिस ने खिलौने वाले नकली नोटों का जाँच बिछाकर आरोपियों को दबोचा

Mumbai News. अंडरवर्ल्ड और संगठित अपराध के खिलाफ मुंबई क्राइम ब्रांच की यूनिट 9 ने एक बड़ी और सनसनीखेज कार्रवाई को अंजाम दिया है और बांद्रा पश्चिम स्थित फाइव स्टार होटल ताज लैंड्स एंड के कैफे से पुलिस ने एक बड़े रंगदारी मकोका रैकेट का भंडाफोड़ किया है। सादे कपड़ों में मुस्तैद क्राइम ब्रांच की टीम ने मौके से मास्टरमाइंड समेत 12 शातिर आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया, जिसमें से तीन आरोपियों पर मकोका लगा हुआ है।

4 करोड़ के टेंडर पर गड़ी थी नजर

क्राइम ब्रांच के अनुसार, पूरे मामले की शुरुआत विले पार्ले पूर्व में म्हाडा द्वारा मंजूर 4 करोड़ की लागत वाली नाली व पैदल पथ मरम्मत परियोजना से हुई। घाटकोपर निवासी सिविल कांट्रैक्टर नीलेश अशोक जवरे (45) ने जानकी एंटरप्राइजेज के मालिक अमीर गावनकर के जरिए इस काम को सब-लेट पर लिया था। इस काम की निविदा सिकंदर तंवर नामक व्यक्ति की कंपनी एसएनटी कंस्ट्रक्शन ने भी भरी थी, लेकिन टेंडर हासिल करने में वह नाकाम रहा। टेंडर न मिलने से बौखलाए सिकंदर ने 20 जुलाई 2026 की दोपहर नीलेश जवरे को फोन किया और शाम को बांद्रा स्थित कलेक्टर कार्यालय के बाहर मिलने बुलाया। नीलेश के पहुंचते ही सिकंदर ने उन्हें अपनी बीएमडब्ल्यू कार में बैठाया और पिस्टल तान दी। सिकंदर ने सीधे तौर पर धमकी दी कि विले पार्ले का जो का काम मिला है, वो मेरी कंपनी से करवाना पड़ेगा। अगर ऐसा नहीं किया तो 25 लाख रुपये प्रोटेक्शन मनी देनी पड़ेगी। मैं तो सिर्फ नाम का ठेकेदार हूं, असल में मकोका कानून के तहत सजा काट चुके खूंखार गैंगस्टर जुल्फी भाई और मोहसिन भाई के लिए काम करता हूं। पैसे नहीं दिए तो जान से मार देंगे।

खिलौने वाले नकली नोटों का मास्टर ट्रैप

धमकी और 4 दिन की मोहलत मिलने के बाद नीलेश जवरे ने हिम्मत दिखाते हुए 22 जुलाई को क्राइम ब्रांच यूनिट-9 में शिकायत दर्ज कराई। प्रभारी पुलिस निरीक्षक सचिन पुराणिक के मार्गदर्शन में पुलिस ने अपराधियों को पकड़ने के लिए एक अनोखा जाल बिछाया।

  • नकली नोटों की खरीदारी - 24 जुलाई को मुंबई के प्रसिद्ध क्रॉफर्ड मार्केट स्थित शिव स्टेशनरी से 1,750 में बच्चों के खेलने वाले 25 लाख मूल्य वर्ग के नकली नोट खरीदे गए।
  • 50 स्पेशल बंडल - 27 जुलाई को 500 रुपये की 100 असली भारतीय नोटों की कलर फोटोकॉपी की गई। इसके बाद 50 बंडल इस तरह तैयार किए गए कि ऊपर और नीचे असली नोट रखे गए और बीच में खिलौने वाले 4,900 नकली नोट भरे गए।

ताज के कैफे में रंगे हाथों गिरफ्तारी

27 जुलाई 2026 को दोपहर 1:40 बजे शिकायतकर्ता नीलेश जवरे और सादे कपड़ों में पुलिसकर्मी ताज लैंड्स एंड के कैफे में अपनी स्थिति संभाल चुके थे। दोपहर करीब 2:40 बजे आरोपी अजय यादव अपने 10 साथियों के साथ वहां पहुंचा। जैसे ही अजय यादव ने नीलेश के हाथ से नोटों भरा बैग लिया और उसकी जिप खोलकर 25 लाख की रकम की जांच शुरू की, आसपास घात लगाए बैठी क्राइम ब्रांच की टीम ने तुरंत धावा बोल दिया और सभी 11 आरोपियों को रंगे हाथ दबोच लिया। उनकी निशानदेही पर मास्टरमाइंड सिकंदर तंवर को भी बाद में गिरफ्तार कर लिया गया। पकड़े गए आरोपियों में मास्टरमाइंड सिकंदर तंवर, सीए प्रैक्टिस करने वाला अजय रवींद्र यादव (34), मकोका सजायाफ्ता गैंगस्टर मोहसिन यासीन बेहलीम (41), जुल्फीकार यासीन बेहलीम (48), अनवर अहमद फारुकी, मो. आसिफ खान, मो. कलीम सैयद, रियाज शेख, आदिल कुरेशी, रितेश राम, बिलाल सैयद और नौशाद सलमानी शामिल हैं। कार्रवाई के दौरान आरोपी जुल्फीकार बेहलीम ने नीलेश को जान से मारने की धमकी भी दी, जिसके बाद पुलिस ने उसे तुरंत अलग कर सख्त सुरक्षा में लिया। पुलिस ने आरोपियों के पास से कई फ़ोन और अन्य चीजें बरामद की और आगे की जांच जारी है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि गैंगस्टर मोहसिन और जुल्फिकार ने कुछ सालों पहले दो बड़ी हत्याओं को भी अंजाम दिया था और यह गिरोह लगातार वसूली, फायरिंग और हत्या के मामलों में शामिल भी रहा है।

Created On :   28 July 2026 10:23 PM IST

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