- Home
- /
- राज्य
- /
- महाराष्ट्र
- /
- मुंबई
- /
- 15 मिनट में 5 बैंक खाते फ्रीज होने...
कैश आउट गैंग पर्दाफाश: 15 मिनट में 5 बैंक खाते फ्रीज होने से पहले लाखों का कैश साफ़, साइबर ठगों के फील्ड एजेंटों का पूरा इकोसिस्टम ऐसे हुआ बेनकाब

Mumbai News. दिवाकर सिंह. साइबर अपराध की दुनिया अब सिर्फ कंप्यूटर की स्क्रीन या टेलीग्राम ग्रुप्स तक सीमित नहीं रह गई है। मुंबई पुलिस की पूर्व रीजन साइबर पुलिस स्टेशन ने इस काले कारोबार की सबसे मजबूत कड़ी फील्ड एजेंटों और उनकी कैश-आउट गैंग के गुप्त इकोसिस्टम को पूरी तरह बेनकाब कर दिया है। घाटकोपर स्थित सीएसबी बैंक लिमिटेड के संदिग्ध खातों की जांच से साफ हुआ है कि साइबर ठगी की काली कमाई को सफेद करने और ठिकाने लगाने का काम जमीन पर तैनात यही फील्ड एजेंट्स कर रहे हैं, जो ठगी होने के बाद उसमें इस्तेमाल म्यूल बैंक खातों को पुलिस द्वारा फ्रीज करने से पहले ही महज 15 मिनट में उसमें आई रकम साफ़ कर देते हैं।
फील्ड एजेंटों की कार्यपद्धति, जमीन पर मुस्तैद खतरनाक सिंडिकेट
मुंबई पुलिस हवलदार राजेश रघुनाथ चव्हाण की शिकायत पर शुरू हुई जांच में सामने आया कि ये फील्ड एजेंट देश के कोने-कोने में एक सोचे-समझे नेटवर्क की तरह काम करते हैं। इस पूरे सिंडिकेट में मुख्य भूमिका कैश विथड्रॉल एजेंटों की होती है, जिन्हें साइबर ठगों की भाषा में रनर्स कहा जाता है।
- अलर्ट और कोऑर्डिनेशन - जैसे ही देश के किसी हिस्से में बैठा कॉलिंग एजेंट किसी पीड़ित को डिजिटल अरेस्ट, पार्ट-टाइम जॉब या इन्वेस्टमेंट के नाम पर ठगता है, वह पैसा सीधे किराए के म्यूल अकाउंट्स में ट्रांसफर होता है।
- लोकेशन ट्रैकिंग और अलर्ट - पैसे ट्रांसफर होते ही बैंक शाखाओं और एटीएम के पास मौजूद फील्ड एजेंटों को तुरंत मैसेज या सुरक्षित ऐप्स के जरिए अलर्ट भेजा जाता है।
- 15 मिनट की रेस- ये एजेंट बिना समय गंवाए बैंक काउंटर पर चेक प्रस्तुत करके या एटीएम मशीनों से लगातार विथड्रॉल कर पूरी रकम कैश में निकाल लेते हैं। जब तक पीड़ित नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराता है और पुलिस बैंक को खाता फ्रीज करने का आदेश देती है, ये फील्ड एजेंट महज 15 मिनट के भीतर पैसे साफ करके रफूचक्कर हो चुके होते हैं।
15-20 फीसदी का दिहाड़ी कमीशन और पैसे ठिकाने लगाने का खेल
जांच में खुलासा हुआ कि इन फील्ड एजेंटों का मुख्य लालच 15 से 20 प्रतिशत तक मिलने वाला रोजाना का भारी-भरकम कमीशन है। यदि किसी खाते में 10 लाख रुपये आए, तो 1.50 से 2 लाख रुपये का तुरंत कैश कमीशन इन फील्ड एजेंट्स और म्यूल खाताधारकों के बीच बांट दिया जाता है।
हवाला नेटवर्क और क्रिप्टो रूट
निकाला गया बाकी कैश एजेंट तुरंत अपने लोकल हैंडलर को सौंपते हैं। वहां से इस रकम को हवाला के जरिए या कैश डिपॉजिट मशीनों के माध्यम से दूसरे खातों में घुमाकर विदेश में बैठे साइबर आकाओं तक क्रिप्टो के रूप में भेज दिया जाता है।
घाटकोपर स्थित सीएसबी बैंक के खातों के डेटा एनालिसिस से पता चला है कि इन्हीं फील्ड एजेंटों ने लगातार विथड्रॉल किया, जिसमें एक खाते की 6 शिकायतों के 13.04 लाख में से 11.75 लाख चेक से और 39,612 रुपए एटीएम से तुरंत निकाल लिए गए। दूसरे खाते में 6 शिकायतों से जुड़े 11.59 लाख रुपये, तीसरे और चौथे से भी लाखों रुपये चेक और कैश विथड्रॉल के जरिए मिनटों में गायब कर दिए गए।
पुलिस ने इन फील्ड एजेंटों और खाताधारकों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 319(2), 61(2),3(5) और IT एक्ट की धारा 66(सी)व 66(डी) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस का स्पष्ट कहना है कि कमीशन के लालच में साइबर ठगों के लिए कैश निकालने या खाता देने वाला हर व्यक्ति इस गिरोह का सह-आरोपी माना जाएगा।
Created On :   28 July 2026 5:00 AM IST
Tags
- Mumbai News
- Thane News
- Navi Mumbai News
- Mira-Bhayandar News
- Kalyan-Dombivli News
- Vasai-Virar News
- Ulhasnagar News
- Bhiwandi News
- Panvel News
- Ambernath News
- Badlapur News
- Karjat News
- Alibaug News
- Palghar News
- Dahanu News
- South Mumbai News
- Dadar News
- Bandra News
- Andheri News
- Borivali News
- Malad News
- Goregaon News
- Kandivali News
- Kurla News
- Ghatkopar News
- Mulund News
- Chembur News
- Powai News
- Colaba News
- Byculla News
- Parel News
- Worli News
- Lower Parel News
- Santacruz News
- Vile Parle News
- Jogeshwari News
- Bhandup News
- Vikhroli











