- Home
- /
- राज्य
- /
- महाराष्ट्र
- /
- मुंबई
- /
- रोहित पवार ने कहा - ड्रग इंस्पेक्टर...
एमपीएससी पेपर लीक: रोहित पवार ने कहा - ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती में दो दिन पहले बेचा गया था पेपर, व्हाट्सएप से भेजे गए सवाल

Mumbai News. राज्य में सरकारी भर्ती परीक्षाओं में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों को लेकर राकांपा (शरद) विधायक रोहित पवार ने सोमवार को गंभीर आरोप लगाए। मुंबई में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने दावा किया कि एफडीए (अन्न एवं औषधि प्रशासन) के तहत आयोजित ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा का प्रश्नपत्र परीक्षा से दो दिन पहले ही अभ्यर्थियों तक पहुंच गया था। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ पेपर लीक का मामला नहीं, बल्कि पूरी भर्ती व्यवस्था में भ्रष्टाचार और संगठित नेटवर्क के सक्रिय होने का संकेत है। रोहित ने आरोप लगाया कि राज्य में पिछले कुछ वर्षों से सरकारी नौकरियों में भर्ती के लिए एक ऐसा नेटवर्क तैयार किया गया है, जो पैसे लेकर और अपनी विचारधारा से जुड़े लोगों को सरकारी व्यवस्था में पहुंचाने के उद्देश्य से पेपर लीक कर रहा है। उन्होंने कहा कि गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के लाखों छात्र वर्षों तक मेहनत करते हैं, लेकिन ऐसे गिरोह उनकी मेहनत पर पानी फेर रहे हैं। वहीं महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (एमपीएससी) ने इस मामले प्राप्त साक्ष्यों की जांच होगी और पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई जाएगी।
पूरा पेपर नहीं, पेपर सेट करने वाला व्यक्ति लीक हुआ
ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा का जिक्र करते हुए रोहित पवार ने कहा कि तकनीकी रूप से यह कहना सही नहीं होगा कि पूरा एमपीएससी का पेपर लीक हुआ, लेकिन पेपर तैयार करने वाले व्यक्ति ने ही प्रश्न पत्र बेच दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि नंदुरबार स्थित 'कौटिल्य अकादमी' के माध्यम से यह पूरा खेल हुआ। उनके मुताबिक परीक्षा से दो दिन पहले ही कुछ छात्रों को लगभग 90 प्रतिशत प्रश्न उपलब्ध करा दिए गए थे।रोहित ने दावा किया कि संबंधित व्यक्ति पैसे लेने के बाद अभ्यर्थियों को व्हाट्सएप पर प्रश्न भेजता था और कुछ मिनट बाद डिलीट फॉर ऑल कर देता था ताकि कोई सबूत न बचे। हालांकि, एक छात्र ने सभी प्रश्न डाउनलोड करने के बाद उन्हें अपने एक मित्र को फॉरवर्ड कर दिया, जिससे हमें सबूत मिले हैं।
यह भी पढ़े -नाशिक सिंहस्थ कुंभ मेले के प्रचार-प्रसार के लिए महाराष्ट्र सरकार से पर्यटन मंत्रालय को कोई प्रस्ताव नहीं मिला
कई भर्ती परीक्षाएं पहले भी हो चुकी हैं प्रभावित
रोहित पवार ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में राज्य में टीईटी, नीट, एसआरपीएफ, एचएससी केमिस्ट्री, जलसंधारण विभाग, सार्वजनिक बांधकाम विभाग, कोतवाल भर्ती, तलाठी भर्ती सहित कई परीक्षाओं में पेपर लीक या अनियमितताओं के मामले सामने आ चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार इन घटनाओं को रोकने में पूरी तरह विफल रही है। रोहित ने कहा गरीब परिवारों के बच्चे दिन-रात मेहनत करके सरकारी नौकरी पाने का सपना देखते हैं। लेकिन कुछ लोग पैसे लेकर भर्ती प्रक्रिया को प्रभावित कर रहे हैं, जिससे योग्य उम्मीदवारों के साथ अन्याय हो रहा है। रोहित के आलावा अन्य दलों के नेताओं ने भी एमपीएससी के कामकाज पर सवाल उठाए हैं।
भर्ती प्रक्रिया का पूरा टाइमलाइन
- • 29 जुलाई 2025 को ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती की अधिसूचना जारी हुई।
- • 22 मार्च 2026 को परीक्षा आयोजित की गई।
- • परीक्षा में 44,500 अभ्यर्थी शामिल हुए।
- • 12 जून 2026 को परिणाम घोषित हुआ।
- • 22 जुलाई 2026 को अस्थायी मेरिट सूची जारी हुई।
- • 21 जुलाई को मिली थी पेपर लीक की शिकायत।
- • कुल 506 उम्मीदवारों को पात्र घोषित किया गया, जिनमें से 154 अभ्यर्थियों का अंतिम चयन किया गया।
यह भी पढ़े -बिना योजना के नहीं होगी सड़क की खुदाई, बावनकुले ने कहा - एक एजेंसी सड़क बनाती है और दूसरी उसे खोद देती है
21 जुलाई को मिली थी पेपर लीक की शिकायत
एमपीएससी के सचिव महेंद्र हरपालकर के अनुसार 21 जुलाई को गौरव पाटील नामक ईमेल आईडी से आयोग को एक शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि 22 मार्च को आयोजित ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक हुआ था और इसका लाभ एक विशेष अभ्यर्थी को मिला। आयोग ने बताया कि प्रारंभिक शिकायत के साथ पर्याप्त साक्ष्य संलग्न नहीं थे। इसलिए शिकायतकर्ता से अतिरिक्त प्रमाण प्रस्तुत करने के लिए कहा गया। इसके बाद शिकायतकर्ता ने ईमेल के माध्यम से कुछ दस्तावेज और कथित साक्ष्य आयोग को उपलब्ध कराए। एमपीएससी ने 27 जुलाई को शिकायतकर्ता और जिस उम्मीदवार को कथित रूप से लाभ मिलने का आरोप लगाया गया है, दोनों को पूछताछ के लिए आयोग के कार्यालय में बुलाया गया था। लेकिन दोनों ही व्यक्ति पूछताछ के लिए उपस्थित नहीं हुए। हरपालकर ने कहा कि आयोग इस मामले को बेहद गंभीरता से देख रहा है। उपलब्ध कराए गए आरोपों और दस्तावेजों की विस्तृत जांच की जाएगी। यदि जांच में कोई तथ्य सामने आते हैं तो दोषियों के खिलाफ पुलिस के जरिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इस बीच रोहित पवार ने एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंढे से भी मिलकर इस पूरे मामले की जांच करने की मांग की है।
Created On :   27 July 2026 10:18 PM IST
Tags
- Mumbai News
- Thane News
- Navi Mumbai News
- Mira-Bhayandar News
- Kalyan-Dombivli News
- Vasai-Virar News
- Ulhasnagar News
- Bhiwandi News
- Panvel News
- Ambernath News
- Badlapur News
- Karjat News
- Alibaug News
- Palghar News
- Dahanu News
- South Mumbai News
- Dadar News
- Bandra News
- Andheri News
- Borivali News
- Malad News
- Goregaon News
- Kandivali News
- Kurla News
- Ghatkopar News
- Mulund News
- Chembur News
- Powai News
- Colaba News
- Byculla News
- Parel News
- Worli News
- Lower Parel News
- Santacruz News
- Vile Parle News
- Jogeshwari News
- Bhandup News
- Vikhroli











