तालमेल की कमी: बिना योजना के नहीं होगी सड़क की खुदाई, बावनकुले ने कहा - एक एजेंसी सड़क बनाती है और दूसरी उसे खोद देती है

बिना योजना के नहीं होगी सड़क की खुदाई, बावनकुले ने कहा - एक एजेंसी सड़क बनाती है और दूसरी उसे खोद देती है
  • सड़क खोदने का नियोजन किया जाएगा
  • हर किसी को पार्टी बनाने का अधिकार है

Nagpur News. एक एजेंसी सड़क बनाती है और दूसरी एजेंसी उसकी खुदाई कर देती है। दो एजेंसियों के बीच तालमेल की कमी के कारण ऐसा होता है। पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने इस मुद्दे पर कहा कि जिला नियोजन समिति (डीपीसी) की बैठक में इस पर चर्चा की जाएगी। संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर भूमिगत केबल, पाइपलाइन तथा अन्य सुविधाओं की जांच के बाद ही सड़क खोदने का नियोजन किया जाएगा। इसके लिए एक समिति का गठन किया जाएगा।

डीपीसी के फंड से मशीनरी उपलब्ध

महानगरपालिका को उपलब्ध कराई गई जेसीबी मशीनों के बारे में उन्होंने कहा कि ये मशीनें जिला नियोजन समिति के फंड से उपलब्ध कराई गई हैं। इनका उपयोग केवल अवैध अतिक्रमण हटाने के लिए किया जाएगा। मनपा आयुक्त के नेतृत्व में सात सदस्यीय समिति जिलेवार समीक्षा करेगी और आवश्यक कार्रवाई करेगी।

हर किसी को पार्टी बनाने का अधिकार है

नई 'ई-20' पार्टी के गठन के बारे में पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हर किसी को पार्टी बनाने का अधिकार है। उस पार्टी की भूमिका और मांगों को देखने के बाद ही उस पर कोई टिप्पणी की जा सकती है। जो लोग हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के संबंध में सरकार के निर्देशों का पालन नहीं करेंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

ठाकरे बंधुओं पर कसा तंज

उन्होंने ठाकरे बंधुओं पर तंज कसते हुए कहा, "बेगानी शादी में अब्दुल्ला दीवाना, बारसा किसी का भी हो, उन्हें लड्डू खाने दो।"

पेंच प्रोजेक्ट से पानी छोड़ने का फैसला

उन्होंने कहा कि बारिश की कमी के कारण पेंच प्रोजेक्ट से पानी छोड़ने का निर्णय लिया गया है। इससे किसानों को बड़ी राहत मिलेगी। कम बारिश के कारण धान की फसल के लिए पानी की सख्त जरूरत है। भंडारा और नागपुर जिलों के धान उत्पादक किसानों को राहत देने के लिए पेंच प्रोजेक्ट से पानी छोड़ने का फैसला लिया गया है।

दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी

आदिवासी आश्रम स्कूल में विषबाधा के मामले पर बात करते हुए बावनकुले ने कहा कि इस घटना में धारणी पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया है। फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने भी इसका संज्ञान लिया है। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए रसोई व्यवस्था का विकेंद्रीकरण (डीसेंट्रलाइजेशन) करना जरूरी है।

हलबा समुदाय की मांगों पर सकारात्मक विचार

पेपर लीक के मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि पेपर लीक होने से लाखों छात्रों का भविष्य खतरे में पड़ जाता है। इसलिए केंद्र और राज्य सरकारें ऐसी असामाजिक प्रवृत्तियों को रोकने के लिए सख्त कानून बना रही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस मुद्दे पर विशेष ध्यान दे रहे हैं। हलबा समुदाय सहित विभिन्न समुदायों की मांगों पर भी सकारात्मक रूप से विचार किया जा रहा है।

Created On :   27 July 2026 7:33 PM IST

Tags

Next Story