आषाढ़ी एकादशी: कारागृह में गूंजा विठ्ठल-विठ्ठल का जयघोष, पूजा कर रही पुलिस तो भक्ति में डूबे कैदी

कारागृह में गूंजा विठ्ठल-विठ्ठल का जयघोष, पूजा कर रही पुलिस तो भक्ति में डूबे कैदी
  • पालखी यात्रा, अभंग, भजन और फुगड़ी से सजी आध्यात्मिक संध्या
  • उपवासियों के लिए विशेष प्रसाद की व्यवस्था

Nagpur News. महाराष्ट्र कारागृह विभाग के "सुधार और पुनर्वसन" के संकल्प को साकार करते हुए नागपुर मध्यवर्ती कारागृह में आषाढ़ी एकादशी का पावन पर्व श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया। कारागृह अधीक्षक वैभव आगे के मार्गदर्शन में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम ने जेल परिसर को मानो पंढरपुर की भक्तिमय छटा से सराबोर कर दिया।

कार्यक्रम के दौरान कैदियों ने भगवान विठ्ठल-रुक्मिणी की प्रतिमा के साथ भव्य पालखी यात्रा निकाली। कारागृह के विभिन्न विभागों से होकर निकली इस पालखी के दर्शन सभी कैदियों ने श्रद्धापूर्वक किए। पूरे परिसर में "विठ्ठल-विठ्ठल" के जयघोष, भजन, अभंग और कीर्तन से ऐसा आध्यात्मिक वातावरण बना कि हर ओर भक्ति की गंगा बहती नजर आई।

महिला और पुरुष बंदियों ने पारंपरिक फुगड़ी खेलकर आषाढ़ी एकादशी का आनंदोत्सव मनाया। आषाढ़ी एकादशी का व्रत रखने वाले कैदियों के लिए कारागृह प्रशासन ने विशेष उपवास सामग्री और प्रसाद की व्यवस्था भी की।

श्रद्धा और अनुशासन के साथ मनाए गए इस आयोजन ने कैदियों के मन में सकारात्मकता, आत्मचिंतन और आध्यात्मिक चेतना का संचार किया। ऐसा प्रतीत हुआ मानो कारागृह की दीवारों के भीतर सचमुच "विठ्ठल नाम की पाठशाला" सज गई हो और प्रत्येक बंदी भक्ति का विद्यार्थी बन गया हो।

इस अवसर पर अतिरिक्त अधीक्षक दीपा आगे, मनोहर भोसले, वरिष्ठ जेल अधिकारी वामन निमजे, धम्मदीप जोगदंडे, नितीन क्षीरसागर, अमृत आगाशे, प्रकाश लोमटे, संतोष मदने, चंद्रकांत कदम सहित कारागृह के अधिकारी-कर्मचारी तथा महिला एवं पुरुष कैदी उपस्थित रहे।

Created On :   26 July 2026 6:54 PM IST

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