दिशा सालियन की संदिग्ध मौत: जांच के घेरे में मुंबई पुलिस के कई अधिकारी, 5 अहम सवालों के जवाब ढूंढेगी सीबीआई, राऊत ने कहा - ठाकरे परिवार को बदनाम करने की साजिश

जांच के घेरे में मुंबई पुलिस के कई अधिकारी, 5 अहम सवालों के जवाब ढूंढेगी सीबीआई, राऊत ने कहा - ठाकरे परिवार को बदनाम करने की साजिश
  • दिशा के पिता ने लगाए हैं गंभीर आरोप
  • साक्ष्यों में विरोधाभास और फॉरेंसिक रिपोर्ट का सच
  • राऊत ने कहा - ठाकरे परिवार को बदनाम करने की साजिश

डिजिटल डेस्क, मुंबई. बॉम्बे हाई कोर्ट के निर्देश पर केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने सेलिब्रिटी मैनेजर रही दिशा सालियन की संदिग्ध मौत मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच का दायरा सिर्फ दिशा की मौत की परिस्थितियों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसमें मुंबई पुलिस की लापरवाहियों, विरोधाभासों, सबूतों को दबाने और जांच को प्रभावित करने के आरोपों की भी गहन पड़ताल होगी। वैसे, जांच एजेंसी ने किसी को भी सीधे तौर पर नामजद नहीं किया है। मुंबई पुलिस के कई अधिकारी भी जांच के घेरे में आ सकते हैं। 8 जून 2020 को मालाड (पश्चिम) की एक बहुमंजिला इमारत से गिरने की वजह से कथित तौर पर दिशा की मौत हो गई थी।

दिशा के पिता सतीश सालियन ने सीबीआई को दिए बयान में मुंबई पुलिस की मंशा पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि सामूहिक दुराचार के बाद दिशा की हत्या की गई। गहरी साजिश के तहत इसे खुदकुशी का रंग देने की कोशिश की गई। पुलिस ने उनसे कई दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराए, मगर सामग्री कभी पढ़कर नहीं बताई। पुलिस ने न तो शव दिखाया और न ही पोस्टमार्टम रिपोर्ट और डेथ सर्टिफिकेट समय पर दिया। उन्होंने पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह, तत्कालीन पुलिस उपायुक्त विशाल ठाकुर सहित कई पुलिस अधिकारियों के नाम लिए हैं।

इन सवालों के जवाब जानना चाहेगी जांच एजेंसी

  • -दिशा की मौत की वास्तविक और सटीक परिस्थितियां क्या थीं?
  • -मुंबई पुलिस की जांच, पत्राचार में इतने विरोधाभास क्यों?
  • -स्वैब, पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट को लेकर अलग-अलग दावे क्यों किए गए?
  • -सीसीटीवी फुटेज और जब्त मोबाइल फोन से क्या छेड़छाड़ की गई?
  • -क्या किसी पुलिस अधिकारी या सरकारी कर्मचारी ने साक्ष्यों को नष्ट करने, दबाने या फर्जी रिकॉर्ड तैयार करने की साजिश रची?

साक्ष्यों में विरोधाभास और फॉरेंसिक रिपोर्ट का सच

फॉरेंसिक रिपोर्ट, घटना की रात के सीसीटीवी फुटेज और दिशा के मोबाइल फोन को लेकर पुलिस के दावों में विरोधाभास है। पुलिस पत्राचार में मृतका के प्राइवेट पार्ट्स के स्वैब को जांच के लिए लैब भेजने का उल्लेख था। बाद में पोस्टमार्टम डॉक्टर ने इसे गलती बताकर केवल स्मीयर स्लाइड लिए जाने का दावा किया। दिसंबर 2023 में एसआईटी के सामने दिए बयान में एपीआई देवदहे ने स्वैब लिए जाने की बात दोहराई।

राऊत ने कहा - ठाकरे परिवार को बदनाम करने की साजिश

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को कहा कि दिशा सालियन की मौत मामले में किसी भी तरह की अटकलें लगाना ठीक नहीं है। बॉम्बे हाई कोर्ट ने इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपी है। वहीं, शिवसेना (उद्धव) प्रवक्ता संजय राऊत ने इसे ठाकरे परिवार को बदनाम करने की साजिश बताया। केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि यह अनैतिक दबाव की राजनीति है। वहीं, भाजपा नेता नवनाथ बन ने इसमें सरकार की भूमिका से इनकार किया। उन्होंने कहा कि जांच के बाद दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। राकांपा (शरद) नेता रोहित पवार ने कहा कि इस मामले में आदित्य ठाकरे का नाम राजनीतिक तौर पर लिया गया है।

Created On :   16 Sept 2026 5:18 PM IST

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