UPI Charges: 'नुकसान आम लोगों को भुगतना पड़ता...', यूपीआई चार्जेज को लेकर शरद पवार गुट का सरकार पर सीधा हमला

नुकसान आम लोगों को भुगतना पड़ता..., यूपीआई चार्जेज को लेकर शरद पवार गुट का सरकार पर सीधा हमला
यूपीआई पेमेंट्स पर लगने वाले एमडीआर पर शरद पवार गुट का कहना है कि आखिर में तो आम जनता की जेब पर ही असर पड़ेगा।

डिजिटल डेस्क, मुंबई। यूपीआई से होने वाले ट्रांजेक्शन पर एमडीआर यानी मर्चेंट डिस्काउंट रेट को लेकर शरद पवार गुट के नेता जितेंद्र आव्हाड ने सरकार पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा है कि किसी भी तरह का टैक्स हो, उसका असर आखिर में आम लोगों पर ही पड़ता है। उनका कहना है कि सरकार ने लोगों को डिजिटल पेमेंट के लिए बढ़ावा दिया है। अब जब लोग इसका इस्तेमाल करने लगे हैं, तो टैक्स लगाने की बात हो रही है। आव्हाड ने यह भी कहा है कि इसका असर सामान की कीमत पर भी पड़ सकता है। सरकार को साफ-साफ बताना चाहिए कि लोगों से कितना पैसा लिया जा रहा है। इसके अलावा उन्होंने मनोज जरांगे और यूसीसी को लेकर भी अपनी बात रखी है।

यूपीआई शुल्क पर क्या बोले आव्हाड?

जितेंद्र आव्हाड ने कहा है कि अगर किसी तरह का नया टैक्स आता है, तो उसका असर आम लोगों पर पड़ सकता है। दुकानदार सामान का बिल बनाएंगे और ग्राहक को देंगे और ऐसे में लोगों को बढ़ा हुआ खर्च अपनी जेब से देना पड़ सकता है। उन्होंने कहा है कि सरकार पहले डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देती थी। तो अब टैक्स की बात क्यों हो रही है, यह साफ बताया जाना चाहिए। आव्हाड ने त्योहारों का उदाहरण देते हुए कहा कि अब दीवाली, नवरात्रि और गणेश उत्सव जैसे मौकों पर सामान पहले जैसा सस्ता नहीं मिलता है। उन्होंने पेड़े की कीमत का उदाहरण दिया। उनका कहना था कि सरकार को सीधे लोगों को बताना चाहिए कि नया टैक्स या शुल्क लगाया गया है। अलग-अलग नाम देकर लोगों को उलझाना बिल्कुल भी सही नहीं है।

मनोज जरांगे और यूसीसी पर क्या कहा?

मनोज जरांगे पाटील के मुद्दे पर आव्हाड ने कहा कि सरकार को उनसे बातचीत करनी चाहिए। उनका मानना है कि बातचीत से इस मामले पर आगे का रास्ता निकाला जा सकता है। वहीं, यूसीसी यानी यूनिफॉर्म सिविल कोड पर भी उन्होंने कहा कि यह केवल महाराष्ट्र का मुद्दा नहीं है बल्कि यह देश से जुड़ा विषय है।

Created On :   16 Sept 2026 3:59 PM IST

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