ट्रिब्यूनल: ट्रिब्यूनल ने वराल देवी तालाब के पीने के दूषित होने पर एमपीसीबी से मांगा रिपोर्ट, 27 मार्च तक सप्लाई पर रोक

ट्रिब्यूनल ने वराल देवी तालाब के पीने के दूषित होने पर एमपीसीबी से मांगा रिपोर्ट, 27 मार्च तक सप्लाई पर रोक
  • कामदघर, सेनगांव समेत भिवंडी के आस-पास के एक लाख लोगों को दूषित पानी का सप्लाई कर लोगों के स्वास्थ्य से हो रहा खिलवाड़
  • नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने भिवंडी निजामपुर महानगरपालिका का वराल देवी तालाब
  • वराल देवी तालाब से पीने के पानी की सप्लाई पर 27 मार्च तक लगाई रोक

Mumbai News. नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने भिवंडी निजामपुर महानगरपालिका के वराल देवी तालाब से पीने के पानी की सप्लाई पर 27 मार्च तक रोक लगा दी है। ट्रिब्यूनल ने इस पर वराल देवी तालाब के पीने के दूषित होने पर महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एमपीसीबी) से रिपोर्ट मांगा है। याचिका में दावा किया गया है कि कामदघर और सेनगांव समेत भिवंडी के आस-पास के इलाकों में एक लाख से अधिक लोगों को तालाब का दूषित पानी का सप्लाई कर लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ हो रहा है।

ट्रिब्यूनल के न्यायाधीश दिनेश कुमार सिंह के समक्ष सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. स्नेहल डोंडे की दायर याचिका सुनवाई हुई। डॉ. स्नेहल डोंडे की ओर से पेश वकील रोनिता भट्टाचार्य ने दलील दी कि वराल देवी मंदिर में नल के पानी में बहुत ज्यादा गंदगी दिखती है, क्योंकि 5 जनवरी 2026 को बायोकेमिकल ऑक्सीजन डिमांड (बीओडी) लेवल 4.6 और डिसॉल्व्ड ऑक्सीजन 5.8 पाया गया, जो तय लिमिट से ज्यादा है। फीकल कोलीफॉर्म भी 170 और टोटल कोलीफॉर्म (एमपीएन टेक्नीक) 1600 बताया गया है, जो बहुत अधिक है। इसलिए यह पानी बिल्कुल भी पीने लायक नहीं है। एमपीसीबी के वकील ने कहा है कि सैंपल 6 फरवरी 2026 को लिया गया था, जिसे नेशनल एक्रेडिटेड एजेंसी यानी स्काईलार्क लैब में एनालिसिस के लिए भेजा गया है। इसका रिजल्ट दो से तीन हफ्ता में मिलने की संभावना है। इसलिए वह इस ट्रिब्यूनल को यह रिपोर्ट जमा करने के लिए तीन से चार हफ्ता दी जाए।

न्यायाधीश दिनेश कुमार सिंह ने कहा कि हम उन्हें (एमपीसीबी) यह समय इस निर्देश के साथ देते हैं कि रिपोर्ट की कॉपी सभी पार्टियों को भी दी जाए। याचिकाकर्ता की वकील भट्टाचार्य ने अनुरोध किया कि जब तक एमपीसीबी की रिपोर्ट नहीं आ जाती है, तब तक उस जगह के लोगों को पीने के लिए नल का पानी की सप्लाई पर रोक लगाई जाए और भिवंडी निजामपुर महानगरपालिका को स्थानीय निवासियों को पीने का पानी सप्लाई करने का ऑर्डर दिया जाए। न्यायाधीश ने कहा कि हम याचिकाकर्ता के वकील के अनुरोध को स्वीकार करते हैं और महानगरपालिका को निर्देश देते हैं कि जब तक एमपीसीबी की अगली रिपोर्ट रिकॉर्ड पर नहीं आ जाती, तब तक लोगों को टैंकरों से पीने का पानी सप्लाई करने का इंतजाम करें।

न्यायाधीश ने यह भी कहा कि हमें यह भी पता चला है कि मनपा ने अपने जवाबी हलफनामे के जरिए 18 सितंबर 2025 को बताया है कि तालाब के बचाव का प्रस्ताव राज्य सरकार के प्रिंसिपल सेक्रेटरी (एनवायरनमेंट) की हेड वाली स्टीयरिंग कमेटी को 4 जुलाई 2023 को दिया गया है और इसे नेशनल प्लान फॉर कंजर्वेशन ऑफ एक्वेटिक इकोसिस्टम (एनपीसीए) के तहत मिनिस्ट्री ऑफ एनवायरनमेंट, फॉरेस्ट एंड क्लाइमेट चेंज, गवर्नमेंट ऑफ इंडिया के वेटलैंड डिवीजन से मंजूरी का इंतजार है। एमपीसीबी के वकील पुष्कल मिश्रा ने इस मामले में जवाबी हलफनामा फाइल करने के लिए चार हफ्ता का समय मांगा है।न्यायाधीश ने उन्हें चार हफ्ते का समय दे दिया है। इस मामले की अगली सुनवाई 27 मार्च को रखी गई है।

Created On :   15 Feb 2026 10:25 PM IST

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