Nagpur News: डीएनए जांच बिना 17 शवों की शिनाख्त संभव नहीं, परिजनों ने कहा- अब क्या बताएं साहब, सब कुछ तो खत्म हो गया

डीएनए जांच बिना 17 शवों की शिनाख्त संभव नहीं, परिजनों ने कहा- अब क्या बताएं साहब, सब कुछ तो खत्म हो गया
  • 3 शव तो इतनी बुरी हालत में थे कि गठरी में बांधकर लाना पड़ा
  • विश्वास ही नहीं कि सिर से साया उठ गया

Nagpur News. राउलगांव स्थित एसबीएल एनर्जी लिमिटेड में हुए विस्फोट में 18 जिंदगियां खाक हो गईं, जबकि 23 घायलों का उपचार दो निजी अस्पतालाें में चल रहा है। सभी मृतदेह मेडिकल के मर्च्युरी में लाए गए हैं। धमाके की तीव्रता ऐसी थी कि श्रमिकों के शरीर पहचान से परे हो गए। शवागार के बाहर खड़ी भीड़ में सिसकियां व खामोशी पसरी थी। 18 में से केवल एक मृतक की पहचान हो पाई है। 17 शव इतनी बुरी तरह से झुलस चुके हैं कि डीएनए परीक्षण के बिना उनकी शिनाख्त संभव नहीं। प्रशासन ने परिजनों को बुलाकर डीएनए सैंपल लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अस्पताल के भीतर कपड़ों में लिपटे, कई जगहों पर कोयले में तब्दील हुए शव इस त्रासदी की भयावहता बयान कर रहे हैं। तीन शव तो इतनी बुरी हालत में थे कि उन्हें गठरी में बांधकर लाना पड़ा। बाहर बैठे परिजनों व रिश्तेदारों की आंखों में आंसू हैं और होंठों पर बस एक ही वाक्य ‘अब क्या बताएं साहब, सब कुछ तो खत्म हो गया…’

विश्वास ही नहीं कि सिर से साया उठ गया

घटना के बाद दूर गांवों में रहने वाले परिजनों को इस बात का विश्वास ही नहीं हुआ कि उनके सिर से साया उठ गया है। किसी मां का बेटा, किसी की पत्नी तो किसी पत्नी का सहारा, किसी घर का इकलौता कमाने वाला, सब एक ही पल में राख हो गए। 30 साल की वर्षा अमोल टेकाम भी हादसे का शिकार हुई। अमोल के मित्रों ने बताया कि उसके छोटे-छोटे बच्चे हैं। अमोल क्या बोलेगा? उसकी तो दुनिया ही उजड़ गई है। वर्षा की पहचान हो गई है। अन्य मृतक के परिजन व रिश्तेदारों ने कहा कि उन्हें तो यह भी नहीं मालूम कि जिस पार्थिव देह को वे अंतिम विदाई देंगे, वह वास्तव में उनके अपने की ही है या नहीं। अपनों की पहचान करने डीएनए रिपोर्ट आने तक इंतजार करने के अलावा और कोई रास्ता नहीं है। मेडिकल के मर्च्युरी परिसर में मृतकों के रिश्तेदार व परिजन कुछ कहने-बताने की स्थिति में नहीं थे। सूत्रों ने बताया कि डीएनए रिपोर्ट आने में 24 घंटे से अधिक समय लगेगा।

फॉरेंसिक टीम ने शुरू की जांच

घटना के बाद दोपहर 1 बजे जिलाधिकारी डॉ. विपिन इटनकर मेडिकल के मर्च्युरी में पहुंचे। उन्होंने मेडिकल के अधिकारियों से मृतकों की जानकारी ली। संख्या को लेकर असमंजस था। असमंजस इसलिए कि गठरी में अलग-अलग अंग हैं। वह एक मृतक के हैं या और भी मृतक हैं, इसकी पुष्टि खबर लिखे जाने तक नहीं हाे पाई थी। दोपहर में ही फॉरेंसिक टीम ने पहुंचकर अपना काम शुरू कर दिया। बताया गया कि मृत देह का विसरा लेकर जांच के लिए भेजा जाएगा। इसके 24 घंटे बाद ही रिपोर्ट मिलेगी। तब जाकर यह पता चलेेगा कि कौन-सा मृतदेह किस परिवार का है। तब तक सभी को इंतजार करना पड़ेगा। बताया गया कि त्वचा का सैंपल भी लिया जानेवाला है, ताकि कौनसे-कौनसे विस्फोटक अथवा केमिकल है। जिन्होंने अपनों को खो दिया है, उनमें कंपनी के प्रति आक्रोश था। उन्होंने बताया कि वहां घोर लापरवाही बरती जाती है। सुरक्षा नियमों को ताक पर रखकर काम करवाया जाता है। मर्च्युरी के पास पहुंचने के दोनों तरफ के रास्ते बंद कर दिये गए थे। किसी भी अनहोनी को टालने के लिए सुरक्षा इंतजाम किये गए है। वहां पुलिस बल व मेडिकल के सुरक्षा रक्षकों को तैनात किया गया है। केवल सगे रिश्तेदारों को ही जाने दिया जा रहा था।

Created On :   2 March 2026 6:44 PM IST

Tags

और पढ़ेंकम पढ़ें
Next Story