- Home
- /
- राज्य
- /
- महाराष्ट्र
- /
- नागपुर
- /
- अब बारिश में भी होगी जंगल की सैर,...
Nagpur News: अब बारिश में भी होगी जंगल की सैर, पेंच के बफर में घूमेगी जिप्सी - टिकट ऑफलाइन

Nagpur News. राष्ट्रीय व्याघ्र संवर्धन प्राधिकरण (एनटीसीए), नई दिल्ली की ओर से बुधवार को नए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इनमें 1 जुलाई से जंगल सफारियों को बंद करने का आदेश दिया गया है। हालांकि, पर्यटकों के लिए अच्छी खबर यह है कि पेंच व्याघ्र प्रकल्प के बफर जोन और पवनी गेट में स्थिति के आधार पर सफारी की अनुमति दी गई है। इस निर्णय से बारिश के मौसम में भी ऑफलाइन बुकिंग के जरिए पर्यटक जंगल की सैर का आनंद ले सकेंगे। जंगल सफारी हर प्रकृति प्रेमी के लिए एक अनूठा अनुभव होता है। जिप्सी पर बैठकर जंगल की हरियाली, वन्यजीवों और प्राकृतिक सौंदर्य का दीदार करने के लिए हर साल उमरेड करांडला, पवनी और पेंच में हजारों पर्यटक पहुंचते हैं। बाघ, तेंदुआ, हिरण और अन्य शाकाहारी वन्यजीवों को देखने का रोमांच पर्यटकों को खींच लाता है। लेकिन मानसून के दौरान जंगल सफारियों पर रोक लगा दी जाती है। इसका मुख्य कारण बारिश के दौरान जंगल के रास्तों में नदियों का उफान और पेड़ों के गिरने का खतरा है, जो पर्यटकों की सुरक्षा के लिए जोखिम पैदा करता है। हालांकि, बारिश का हर दिन जोखिम भरा नहीं होता। मौसम साफ होने पर जंगल की सैर का मजा दोगुना हो जाता है। इसे ध्यान में रखते हुए इस बार पेंच व्याघ्र प्रकल्प के बफर जोन में ऑफलाइन टिकट बुकिंग के जरिए सफारी की अनुमति दी गई है। साथ ही, पवनी गेट पर भी पर्यटकों को बारिश में जंगल भ्रमण का अवसर मिलेगा। यह निर्णय पर्यटकों के लिए खुशी की बात है, क्योंकि बारिश में जंगल का प्राकृतिक सौंदर्य और भी निखर जाता है।
हरियाली, झरनों का बहाव और वन्यजीवों की सक्रियता इस मौसम में सफारी को और रोमांचक बनाती है। पेंच व्याघ्र प्रकल्प अपनी जैव-विविधता और बाघों की अच्छी संख्या के लिए जाना जाता है। बफर जोन में सफारी के दौरान पर्यटक न केवल वन्यजीवों को देख सकेंगे, बल्कि जंगल के शांत और मनोरम वातावरण का भी आनंद ले सकेंगे। ऑफलाइन बुकिंग की सुविधा से पर्यटकों को अंतिम समय में भी टिकट मिल सकेंगे, जिससे उनकी यात्रा आसान हो जाएगी। अधिकारियों ने बताया कि सफारी के दौरान सुरक्षा के सभी इंतजाम किए जाएंगे। मौसम की स्थिति पर नजर रखी जाएगी और किसी भी जोखिम से बचने के लिए गाइड और वन कर्मचारी तैनात रहेंगे। पर्यटकों से भी अपील की गई है कि वे जंगल के नियमों का पालन करें और सुरक्षित सफारी का आनंद लें। इस निर्णय से न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी लाभ होगा।
Created On :   25 Jun 2025 6:26 PM IST











