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Nagpur News: पूनम चैंबर्स के अवैध निर्माण पर 15 दिन में चलेगा हथौड़ा

- हाईकोर्ट में मनपा ने दी जानकारी
- प्रबंधन को कार्रवाई का नोटिस
Nagpur News ‘पूनम चैंबर्स’ इमारत में अवैध निर्माण के मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर खंडपीठ द्वारा दिए गए आदेश के बाद नागपुर महानगरपालिका ने आखिरकार सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। इसके तहत सिविल लाइंस स्थित विधान भवन के सामने और बेहरामजी टाउन, छावनी क्षेत्र में स्थित इमारत पर 15 दिन के भीतर हथौड़ा चलाया जाएगा। महानगरपालिका ने कंपनी के प्रबंध निदेशक सहित अन्य संबंधित व्यक्तियों को नोटिस जारी कर निर्देश दिए हैं कि वे 15 दिनों के भीतर अवैध निर्माण स्वयं हटा लें, अन्यथा महानगरपालिका स्वयं कार्रवाई कर निर्माण ध्वस्त करेगी और उसका खर्च संबंधितों से वसूला जाएगा।
याचिकाकर्ता ने यह दलील दी : इस संबंध में विजय बाभरे द्वारा याचिका दायर की गई थी, जिस पर न्यायमूर्ति अनिल पानसरे और न्यायमूर्ति निवेदिता मेहता की पीठ के समक्ष सुनवाई हुई। याचिका के अनुसार, सिविल लाइंस क्षेत्र स्थित यह इमारत विधान भवन के ठीक सामने स्थित है और लंबे समय से आपत्तियों के दायरे में रही है। वर्ष 2016 में याचिकाकर्ता ने यह याचिका दायर की थी। याचिकाकर्ता के अनुसार यह इमारत अवैध है और उसके निर्माण में कई अनियमितताएं की गई हैं। याचिका में यह भी दावा किया गया है कि इमारत अत्यधिक ऊंची है और सुरक्षा रिपोर्ट के अनुसार यह विधान भवन और आरबीआई दोनों के लिए खतरा पैदा करती है। इसलिए इस इमारत को गिराने की मांग भी याचिका में की गई है।
अदालत का बड़ा सवाल : न्यायालय के समक्ष मनपा ने शपथ पत्र दाखिल कर घटनाक्रम का ब्योरा प्रस्तुत किया, जिसमें बताया गया कि वर्ष 2004 में एमआरटीपी अधिनियम की धारा 53 के तहत नोटिस जारी कर सातवीं मंजिल को पूरी तरह अनधिकृत बताया गया था। इसके बाद संशोधित नक्शे, अपील, राज्य सरकार और सर्वोच्च न्यायालय तक मामला पहुंचा, लेकिन अंततः 27 नवंबर 2015 को लेटर्स पेटेंट अपील वापस ले ली गई और अवैध निर्माण की स्थिति अंतिम हो गई। न्यायालय ने इस पर कड़ा सवाल उठाया था कि जब 2015 में ही स्थिति स्पष्ट हो गई थी, तो उसके बाद लगभग नौ वर्षों तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई। सर्वोच्च न्यायालय ने भी 2015 से 2024 के बीच ठोस कार्रवाई न होने को गंभीर विषय बताया था।
मनपा की निष्क्रियता पर नाराजगी : पिछली सुनवाई में अदालत ने ‘पूनम चेंबर्स’ इमारत में हुए अवैध निर्माण को लेकर मनपा की वर्षों की निष्क्रियता पर कड़ी नाराजगी जताई है। साथ ही, अदालत ने मनपा को निर्देश दिए थे कि वह इस मामले में 21 जनवरी तक कानून के अनुसार ठोस निर्णय ले। इसके अनुपालन में मनपा ने दोनों इमारतों का अवैध निर्माण 15 दिनों में हटाने के निर्देश प्रबंधन को दिए हैं। अन्यथा मनपा स्वयं कार्रवाई कर खर्च वसूलेगी। मनपा की आेर से एड. जेमिनी कासट ने पैरवी की।
Created On :   23 Jan 2026 1:29 PM IST














