Nagpur News: रोडमैप तैयार : नई औद्योगिक नीति से बदलेगी विदर्भ की तकदीर

रोडमैप तैयार : नई औद्योगिक नीति से बदलेगी विदर्भ की तकदीर
  • उद्योग, निवेश एवं सेवा नीति-2025 की अधिसूचना जारी
  • एक रुपए प्रति एकड़ की दर से जमीन देने का प्रावधान

Nagpur News महाराष्ट्र सरकार ने राज्य की बहुप्रतीक्षित उद्योग, निवेश एवं सेवा नीति-2025 की अधिसूचना जारी कर दी है। इस महत्वाकांक्षी नीति के जरिए सरकार ने वर्ष 2030 तक महाराष्ट्र को देश का पहला 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था वाला राज्य बनाने का लक्ष्य तय किया है। नीति को राज्य मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद मंगलवार को आधिकारिक रूप से लागू किया गया। नई नीति के तहत 70.5 लाख करोड़ रुपये के निवेश को आकर्षित करने और 50 लाख नए रोजगार सृजित करने का रोडमैप तैयार किया गया है।

विदर्भ और नागपुर को मिलेगा लाभ : उद्योजक : उद्योग जगत से जुड़े लोगों का मानना है कि नई नीति में आकांक्षी जिला कार्यक्रम के तहत जोन-1 और जोन-2 के 27 जिलों को विशेष प्रोत्साहन दिया जाएगा। विदर्भ के अधिकांश जिले दोनों जोन में शामिल हैं। इन जिलों में उद्योगों को एक रुपए प्रति एकड़ की दर से जमीन जैसी आकर्षक सुविधाएं देने का प्रावधान किया गया है। रियायती दरों पर जमीन मिलने से यहां बड़े निवेशकों के साथ-साथ स्थानीय उद्योगों को भी फायदा मिलेगा।

‘इन्वेस्ट महाराष्ट्र’ बनेगा सिंगल विंडो प्लेटफॉर्म : निवेशकों की सुविधा के लिए सरकार 3 हजार करोड़ रुपये के बजट के साथ एक नई एकीकृत निवेश प्रोत्साहन संस्था ‘इन्वेस्ट महाराष्ट्र’ की स्थापना करेगी। यह प्लेटफॉर्म जमीन, अनुमति, प्रोत्साहन और सरकारी सेवाएं एक ही खिड़की पर उपलब्ध कराएगा। उद्योग विभाग का पुनर्गठन कर इसे उद्योग, निवेश एवं सेवा विभाग बनाया गया है। इसके अलावा एमएसएमई और सेवा क्षेत्र के लिए अलग-अलग आयुक्तालय गठित करने का निर्णय लिया गया है।

औद्योगिक इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़ा जोर : नई नीति में औद्योगिक बुनियादी ढांचे के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। राज्य में 20 से अधिक स्मार्ट इंडस्ट्रियल टाउनशिप और करीब 5 हजार एकड़ में अल्ट्रा मेगा इंडस्ट्रियल पार्क विकसित किए जाएंगे। इसके साथ ही औद्योगिक कॉरिडोर, मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को मजबूत किया जाएगा। जीआईएस आधारित लैंड बैंक और निजी औद्योगिक पार्कों को बढ़ावा देकर महाराष्ट्र को एशिया के टॉप-3 औद्योगिक केंद्रों में शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है।

छोटी-बड़ी इकाइयों के लिए राहत : विदर्भ और नागपुर जिले में पहले से मौजूद छोटी-बड़ी औद्योगिक इकाइयों के लिए यह नीति संजीवनी साबित हो सकती है। नई नीति से विदर्भ में नया निवेश आकर्षित होगा। मौजूदा उद्योगों को सुरक्षा और मजबूती भी मिलेगी। सरकार की नई औद्योगिक नीति स्वागतयोग्य है। इससे विदर्भ के उद्योगों को बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा और क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। -पी. मोहन, अध्यक्ष, एमआईए


Created On :   2 Jan 2026 12:09 PM IST

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