डिजिटल अरेस्ट: खुद को मुंबई पुलिस और एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड का अधिकारी बताकर बुजुर्ग से साढ़े 4 लाख की ठगी

खुद को मुंबई पुलिस और एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड का अधिकारी बताकर बुजुर्ग से साढ़े 4 लाख की ठगी
  • 11 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज
  • मुंबई पुलिस और एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड का अधिकारी बताकर बनाया दबाव
  • डिजिटल अरेस्ट कर बुजुर्ग से 4.50 लाख की ठगी

डिजिटल डेस्क, नागपुर। साइबर अपराधियों ने खुद को मुंबई पुलिस और एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (एटीएस) का अधिकारी बताकर धरमपेठ निवासी 65 वर्षीय बुजुर्ग को डिजिटल अरेस्ट किया और उससे 4.50 लाख रुपए की ठगी कर ली। आरोपियों ने बुजुर्ग को उसके दस्तावेजों के आधार पर मुंबई के एचडीएफसी बैंक में खाता खोले जाने और उसमें आतंकवादियों के लिए फंड जमा करने का आरोप लगाकर डराया। इस मामले में साइबर थाने में 11 आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है।

पुलिस के अनुसार, धरमपेठ निवासी सुरेश पोहणकर (65) एमआईडीसी से सेवानिवृत्त हैं। 8 अगस्त से 19 सितंबर 2026 के बीच साइबर गिरोह के आकाश वर्मा और उसके 11 साथियों ने अलग-अलग मोबाइल नंबरों से सुरेश को फोन किया। आरोपियों ने उन्हें बताया कि उनके दस्तावेजों के आधार पर मुंबई के एचडीएफसी बैंक में एक खाता खोला गया है। इस खाते में आतंकवादियों के लिए फंड जमा किया गया है और इसका इस्तेमाल देशविरोधी गतिविधियों के लिए किया गया है।

आरोपियों ने खुद को मुंबई पुलिस मुख्यालय और एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड का अधिकारी बताते हुए सुरेश को धमकाया कि उनके खिलाफ प्रकरण दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इसके बाद आरोपियों ने उन्हें डिजिटल अरेस्ट किए जाने की बात कहकर भयभीत किया।

आरोपियों की धमकी से घबराए सुरेश ने उनके बताए बैंक खातों में कुल 4 लाख 50 हजार रुपए ट्रांसफर कर दिए। बाद में उन्हें साइबर ठगी का एहसास हुआ। शिकायत के आधार पर साइबर पुलिस ने आकाश वर्मा सहित 11 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। फिलहाल आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है और पुलिस मामले की जांच कर रही है।

Created On :   16 Sept 2026 7:36 PM IST

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