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इनसाइड स्टोरी: एक माह पहले उजागर हुआ मामला प्रभाव से दबाया, सहायक ने ही बनाया था यौन शोषण का वीडियो - एसआईटी करेगी जांच

Nashik News. यौन शोषण के आरोप में गिरफ्तार हाई-प्रोफाइल ज्योतिषाचार्य अशोक उर्फ कैप्टन खरात से जुड़े मामले में लगातार नए खुलासे हो रहे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है। आशंका है कि जांच में और भी बड़े खुलासे सामने आ सकते हैं। भास्कर की पड़ताल में सामने आया है कि पूरे मामले का खुलासा जिस वीडियो से हुआ, उसे कैप्टन के सहायक नीरज जाधव ने गुप्त रूप से रिकॉर्ड किया था।
चौंकाने वाली बात यह है कि वीडियो सामने आने के बावजूद 18 फरवरी को शिर्डी में उल्टा नीरज जाधव के खिलाफ ही मामला दर्ज किया गया और इसे गोपनीय रखते हुए दबाने का प्रयास किया गया।
आरोप है कि कैप्टन सम्मोहन शास्त्र, तंत्र-विद्या और मानसिक परेशानियों से जूझ रही महिलाओं को अपने जाल में फंसाकर उनका शोषण करता था। इसके अलावा अवैध संपत्ति, ठगी और जमीन हड़पने जैसे कई अन्य मामलों की भी जांच की जा रही है। बताया जा रहा है कि उसके महाराष्ट्र के कई प्रभावशाली लोगों से संबंध थे, जिनका हवाला देकर वह अपना प्रभाव बढ़ाता था।
कार्यालय में कैमरे नहीं, फिर भी रिकॉर्ड हुआ वीडियो
पीड़िता द्वारा शिकायत दर्ज कराने के बाद यह मामला सामने आया। हैरानी की बात यह है कि कनाडा कॉर्नर स्थित कार्यालय में आधिकारिक रूप से सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे थे।
सूत्रों के अनुसार, वीडियो सहायक नीरज जाधव ने गुप्त रूप से कैमरे लगाकर बनाए थे। हालांकि कुछ सूत्र यह भी दावा कर रहे हैं कि नीरज इन वीडियो के आधार पर कैप्टन को ब्लैकमेल कर रहा था।
कैप्टन की शिकायत पर नीरज के खिलाफ आईटी एक्ट की धारा 66(E), 67(A) और धारा 351(2) के तहत मामला दर्ज किया गया था। इस पूरी कार्रवाई को गोपनीय रखा गया।
वीडियो में क्या है
सूत्रों के मुताबिक, वीडियो में कैप्टन अपने कार्यालय के भीतर एक महिला के साथ आपत्तिजनक कृत्य करते हुए दिखाई दे रहा है, जबकि बाहर लोगों की आवाजाही बनी हुई है।
प्रभावशाली संपर्कों के चलते दबाया गया मामला
सूत्रों का दावा है कि वीडियो सामने आने के बाद भी कुछ प्रभावशाली लोगों के दबाव में मामला दबा दिया गया था। बाद में जब वीडियो सार्वजनिक हुआ और मामला चर्चा में आया, तब पीड़िता आगे आई और शिकायत दर्ज कराई।
बताया जा रहा है कि मामला दर्ज करने से पहले वरिष्ठ अधिकारियों ने उच्च स्तर पर चर्चा की, जिसके बाद ही औपचारिक रूप से केस दर्ज किया गया।
Created On :   20 March 2026 5:59 PM IST












