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सुप्रीम कोर्ट: अदालत ने महाराष्ट्र में मामलों के निपटान में विलंब पर जताई नाराजगी, नाशिक से जुड़े एक मामले की हुई सुनवाई

New Delhi News. सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र में लंबित मामलों को लेकर नाराजगी जताई है। मंगलवार को नाशिक से जुड़े एक मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि महाराष्ट्र में मामलों के निपटारे में हो रही देरी समझ से बाहर है। न्यायाधीश ए. अमानुल्लाह और आर. महादेवन की पीठ ने नाशिक से जुड़े मामले की सुनवाई करते हुए निर्देश दिया कि पुलिस आयुक्त 2019 में दर्ज अपराध के संबंध में खुद हलफनामा जमा करे। हालांकि मामला, जून 2019 में दर्ज किया गया था, लेकिन अब तक सिर्फ एक गवाही पूरी हुई है। पीठ ने कहा कि इससे पता चलता है कि सरकारी पक्ष अपना काम किस गति से कर रहा है। विस्तार से बताना चाहिए कि मामला आगे क्यों नहीं बढ़ा, इसमें हर आरोपी की भूमिका का भी जिक्र होना चाहिए। पीठ ने इस मामले की सुनवाई की अगली तारीख 10 अप्रैल तय की है।
क्या है नाशिक का मामला
नाशिक में मुथूट फाइनेंस कंपनी की शाखा में कुछ आरोपियों ने घुसकर फायरिंग की और सोना लूट लिया। इस दौरान आरोपियों ने एक कमर्चारी की जान ले ली थी।मामले में एक आरोपी ने बॉम्बे हाई कोर्ट से अपील की थी कि उसे जमानत दी जाए, क्योंकि वह पिछले छह साल से जेल में है और मामले में कोई प्रगति नहीं हुई है। इस पर हाई कोर्ट ने पिछले महीने आरोपी को जमानत दे दी थी।
Created On :   17 March 2026 9:24 PM IST











