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Mumbai News: प्रदेश में टूट गई है केरोसिन आपूर्ति की श्रृंखला, एमआरटीपी कानून में संशोधन करेगी सरकार, प्रदेश में 58 सरकारी डॉक्टर हुए बर्खास्त

Mumbai News विधान परिषद में प्रदेश के खाद्य, नागरिक आपूर्ति मंत्री छगन भुजबल ने कहा कि महाराष्ट्र में केरोसिन आपूर्ति की श्रृंखला टूट गई है। कई दशक पहले मुंबई में बैलगाड़ी पर केरोसिन की आपूर्ति की जाती थी। लेकिन अब डीलरों और आईओसीएल, बीपीसीएल जैसी सरकारी तेल कंपनियों के पेट्रोल पंपों पर केरोसिन उपलब्ध कराया जाएगा। भुजबल ने कहा कि बड़े होटल मालिकों ने मुझसे मुलाकात भी की थी पर बड़े होटलों के लिए केरोसिन का इस्तेमाल करना मुश्किल है। लेकिन राज्य के छोटे रेस्टोरेंट ने कोयला और केरोसिन का इस्तेमाल शुरू कर दिया है। मंगलवार को भुजबल ने सदन में नियम 260 के तहत हुई चर्चा का जवाब दिया। भुजबल ने कहा कि कई साल पहले बाम्बे हाईकोर्ट की नागपुर खंडपीठ ने उज्ज्वला योजना के गैस कनेक्शन धारकों को केरोसिन देने पर रोक लगाई थी। लेकिन खाड़ी देशों में युद्ध की स्थिति में केरोसिन का इस्तेमाल जरूरी हो गया है। इस बारे में नागपुर खंडपीठ को अवगत करा दिया गया है। भुजबल ने कहा कि केंद्र सरकार ने घरेलू गैस सिलेंडर की दरों में 60 रुपए की बढ़ोतरी की है। राज्य में घरेलू गैस सिलेंडर की कमी नहीं है। लेकिन खाड़ी देशों में जहां पर हमला हुआ है वहां से ईंधन भारत में नहीं आ रहा है। भुजबल ने कहा कि घरेलू गैस सिलेंडर के बारे में झूठी खबरें फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। गेहूं और दाल की कीमतों में केवल दो से तीन रुपए प्रति किलो बढ़ोतरी हुई है।
शिकायतों के लिए व्हाट्सएप नंबर शुरू
भुजबल ने बताया कि राज्य में एलपीजी गैस सिलेंडर की आपूर्ति के लिए सुचारू करने के लिए सभी विभागों को निर्देश दिए गए हैं। राज्य स्तर पर नियंत्रण कक्ष शुरू करके किया गया है। इसके लिए व्हाट्सएप 9769919221 भी शुरू किया गया है। इस पर नागरिक शिकायतें कर सकेंगे। इसके अलावा राज्य में सतर्कता दस्ता भी शुरू किया गया है।
इथेनॉल का इस्तेमाल बढ़ाने के लिए अनुमति
भुजबल ने कहा कि पेट्रोल और डीजल में 20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रित किया जाता है। लेकिन इथेनॉल का इस्तेमाल बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार से मंजूरी लेने का प्रयास किया जाएगा।
एमआरटीपी कानून में संशोधन करेगी सरकार, विप में मंत्री उदय सामंत ने दिया आश्वासन
प्रदेश सरकार महाराष्ट्र क्षेत्रीय एवं नगर नियोजन (एमआरटीपी) कानून-1966 की धारा 18 में संशोधन करेगी। इससे गांवों में घर बनाने के लिए जिला मुख्यालय के बजाय तहसील स्तर पर मंजूरी मिल सकेगी। विधान परिषद में प्रदेश के कैबिनेट मंत्री उदय सामंत ने यह आश्वासन दिया है। सामंत ने कहा कि सरकार एक हजार से एक हजार 500 वर्ग फुट तक के घरों को मंजूरी देने का अधिकार ग्राम पंचायतों को देने का विचार कर रही है। जबकि बड़े घरों की मंजूरी का अधिकार तहसील कार्यालय को दिया जाएगा। मंगलवार को सदन में भाजपा विधायक विक्रांत पाटील ने नियम- 97 के तहत एमआरटीपी कानून में संशोधन का मुद्दा उठाया था। पाटील ने कहा कि गांवों में घर बनाने की मंजूरी के लिए जिला मुख्यालय में जाना पड़ता है। इससे लोगों को काफी मुश्किलें होती है। इस परेशानी से बचने के लोग बिना मंजूरी के ही निर्माण कार्य करते हैं। इसके जवाब में सामंत ने कहा कि मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर) समेत राज्य के बाकी इलाकों में घरों की मंजूरी ऑनलाइन दी जाती है। लेकिन जिला मुख्यालय के पास आवेदन काफी होने के कारण जल्दी मंजूरी नहीं मिल पाती है। इसलिए सरकार कानून में संशोधन करके मंजूरी के अधिकार का विकेंद्रीकरण करेगी।
जिगांव बांध के रास्ते के ठेकेदार की बैंक गारंटी जब्त, विप में जलसंसाधन मंत्री महाजन ने दी जानकारी
बुलढाणा के जिगांव परियोजना के बांध के बगल में रास्ता बनाने के काम का ठेका पाने के लिए फर्जी दस्तावेज जमा करने वाले ठेकेदार के खिलाफ मामला दर्ज करके कार्रवाई की गई है। नंदूरबार के इस ठेकेदार कंपनी नीलेश इन्फ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड को तीन साल के लिए काली सूची में शामिल किया गया है। इसके साथ ही ठेकेदार की 31 लाख 28 हजार रुपए की बैंक गारंटी जब्त की गई है। विधान परिषद में प्रदेश के जलसंसाधन (विदर्भ, तापी, कोंकण सिंचाई विकास महामंडल) मंत्री गिरीश महाजन ने यह जानकारी दी। प्रश्नकाल में कांग्रेस विधायक अभिजीत वंजारी ने इस संबंध में सवाल पूछा था। इसके जवाब में महाजन ने कहा कि सड़क के काम के लिए 15 करोड़ 53 लाख रुपए का टेंडर मंजूर किया गया था। लेकिन बाद शिकायतों के बाद जांच में पता चला कि ठेकेदार ने ठेका पाने के लिए फर्जी दस्तावेज जमा किया था।
प्रदेश में 58 सरकारी डॉक्टर हुए बर्खास्त, विप में स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश आबिटकर
प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में बिना अनुमति के अनुपस्थित रहने वाले 58 डॉक्टरों को बर्खास्त कर दिया गया है। विधान परिषद में प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश आबिटकर ने यह जानकारी दी। मंगलवार को सदन में नियम 260 के तहत हुई चर्चा के जवाब में आबिटकर ने कहा कि सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की गैरहाजिरी को लेकर सरकार की भूमिका सख्त है। राज्य में बिना अनुमति के अस्पतालों में गैर हाजिर करने वाले 710 चिकित्सा अधिकारियों को नोटिस दिया गया है। जिसमें से 442 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। इस कार्रवाई में 58 लोगों को बर्खास्त कर दिया गया है। आबिटकर ने कहा कि सेवा के दौरान अस्पतालों में डॉक्टरों को एप्रन पहनना अनिवार्य किया गया है। ऑनलाइन प्रणाली के जरिए डॉक्टरों की उपलब्धता व नियुक्ति का प्रबंधन सुलभ किया गया है।
Created On :   17 March 2026 10:39 PM IST











