विधानसभा प्रश्नोत्तर: बढ़ते ड्रग्स के मुद्दे पर फडणवीस ने कहा - विदेशी नागरिकों पर सख्ती, डायनॅमिक इमिग्रेशन सिस्टम लागू होगा

बढ़ते ड्रग्स के मुद्दे पर फडणवीस ने कहा - विदेशी नागरिकों पर सख्ती, डायनॅमिक इमिग्रेशन सिस्टम लागू होगा
  • बढ़ते ड्रग्स के मुद्दे पर विधानसभा में बोले मुख्यमंत्री
  • 12 साल में 136 सिफारिशें, आधे से ज्यादा लंबित, मानवाधिकार मामलों में देरी पर घिरी सरकार

Mumbai News. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा में घोषणा की कि राज्य में ड्रग्स नेटवर्क पर लगाम कसने के लिए अब ‘डायनॅमिक इमिग्रेशन सिस्टम’ लागू किया जाएगा। इसका मकसद वीजा खत्म होने के बाद भी अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों, खासकर ड्रग्स तस्करी में शामिल लोगों को ट्रैक करना है। फडणवीस ने यह जानकारी प्रश्नकाल के दौरान भाजपा विधायक स्नेहा दुबे के सवाल के जवाब में दी। मुख्यमंत्री ने बताया कि कई विदेशी नागरिक, खासतौर पर नाइजीरियाई, पढ़ाई या मेडिकल वीजा पर भारत आते हैं और वीजा खत्म होने के बाद छोटे-मोटे केस दर्ज कराकर देश में रुक जाते हैं। अब ऐसे मामलों में छोटे अपराध वापस लेकर उन्हें तुरंत उनके देश भेजने की प्रक्रिया शुरू की गई है। फडणवीस ने कहा कि सरकार अब तक 68 नाइजीरियाई नागरिकों को वापस भेज चुकी है, जबकि 122 लोग डिटेंशन सेंटर में हैं और उन्हें भी जल्द डिपोर्ट किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पुलिस को निर्देश दिए गए हैं कि संदिग्ध विदेशी नागरिकों के पासपोर्ट और वीजा की सख्ती से जांच की जाए और दस्तावेज सही न होने पर उन्हें सीधे डिटेंशन सेंटर भेजें। फडणवीस ने कहा कि अब पुलिस और इमिग्रेशन विभाग के बीच रियल-टाइम समन्वय बनाया जाएगा। इससे वीजा खत्म होने के बाद भी देश में रह रहे लोगों की जानकारी तुरंत पुलिस को मिल सकेगी। साथ ही बिना वैध दस्तावेज वाले विदेशी नागरिकों को मकान किराए पर देने वालों पर भी कार्रवाई होगी। ड्रग्स तस्करी पर सख्ती बढ़ाते हुए उन्होंने कहा कि बार-बार इस अपराध में शामिल पाए जाने वालों पर मकोका के तहत कार्रवाई की जाएगी और जरूरत पड़ने पर उन्हें तड़ीपार भी किया जाएगा। ड्रग्स सेवन वाले कैफे और होटलों पर छापेमारी होगी और बार-बार नियम तोड़ने वाले प्रतिष्ठानों का लाइसेंस हमेशा के लिए रद्द करने के लिए कानून में बदलाव किया जा रहा है। फडणवीस ने विधानसभा में बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि राज्य सरकार अब ड्रग्स के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाएगी। ऐसे मामलों में शामिल आरोपियों की संपत्ति जब्त करने सहित कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसी को देखते हुए अब हर पुलिस स्टेशन में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स का गठन किया गया है।

बिजली दरों में अगले 5 साल तक हर साल 1.2 फीसदी की कमी होगी- मुख्यमंत्री

विधानसभा में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि महावितरण की नई नीतियों और सुधारों के चलते राज्य में अगले पांच वर्षों में बिजली दरों में बढ़ोतरी नहीं होगी, बल्कि हर साल औसतन 1.2 फीसदी की कमी आएगी। साथ ही 2029 तक बिजली दरों में स्थिरता आने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री फडणवीस ने बताया कि राज्य की सबसे बड़ी बिजली कंपनी एमएसईडीसीएल ने 1 लाख करोड़ रुपये के वार्षिक राजस्व का आंकड़ा पार कर देश की सबसे बड़ी बिजली वितरण कंपनी बनने का गौरव हासिल किया है। सरकार ने सोलर एनर्जी के बढ़ते उपयोग को देखते हुए बिजली उपयोग का पैटर्न बदला है। पहले रात 12 से सुबह 6 बजे तक सस्ती बिजली मिलती थी, लेकिन अब सुबह 9 से शाम 5 बजे के बीच ‘सोलर आवर्स’ में बिजली इस्तेमाल करने पर उद्योगों को 25 प्रतिशत तक की छूट दी जाएगी। इससे उद्योगों को बड़ा फायदा होने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में फिलहाल औद्योगिक बिजली दर 8.32 रुपए प्रति यूनिट है, जो 2029-30 तक घटकर 7.38 रुपए प्रति यूनिट हो जाएगी। यह दर तमिलनाडु (9.35 रुपए) और गुजरात (8.43 रुपए) से भी कम होगी। राज्य में ‘मुख्यमंत्री सौर कृषि वाहिनी योजना’ के तहत बड़े पैमाने पर निवेश किया जा रहा है।

12 साल में 136 सिफारिशें, आधे से ज्यादा लंबित, मानवाधिकार मामलों में देरी पर घिरी सरकार

मानवाधिकार मामलों को लेकर राज्य सरकार एक बार फिर सवालों के घेरे में है। राज्य मानवाधिकार आयोग की सिफारिशों पर वर्षों तक कार्रवाई न होने का मामला सामने आने के बाद मंगलवार को खुद सत्ता पक्ष के विधायक अतुल भातखलकर ने अपनी ही सरकार को घेरा। भातखलकर ने विधानसभा में मुद्दा उठाते हुए कहा कि आयोग के पास लगातार शिकायत करने के बाद भी कार्रवाई नहीं हो रही है। जिस पर जवाब देते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि 136 लंबित मामलों में से 57 में कार्रवाई हो चुकी है। 30 मामले हाईकोर्ट में विचाराधीन हैं जबकि 9 मामलों में पुनर्विचार याचिका दायर है।

मुआवजा भी अटका, कोर्ट ने जताई नाराजगी

भातखलकर ने कहा कि आयोग के निर्देश के बावजूद पीड़ितों को मिलने वाली करीब 3.4 करोड़ की मुआवजा राशि भी समय पर नहीं दी गई। मामला जब बॉम्बे हाई कोर्ट पहुंचा, तो अदालत ने इस देरी पर कड़ी नाराजगी जताई और सरकार को निर्देश दिए। कोर्ट के आदेश के बाद रकम जमा भी कर दी। मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि 136 लंबित मामलों में से 57 में कार्रवाई हो चुकी है। जबकि 30 मामले हाईकोर्ट में विचाराधीन हैं। कुछ मामलों में शिकायतकर्ताओं ने मुआवजा लेने से इनकार कर दिया है। बाकी मामलों में विभागीय स्तर पर कार्रवाई जारी है।

Created On :   17 March 2026 9:38 PM IST

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