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दोनो सदनों की कार्यवाही: महंगा हुआ गैस सिलेंडर खाद्य तेल की कीमतें भी बढ़ी, 237 मेडिकल दुकानों का लाइसेंस रद्द, मंत्री फुंडकर की गैरहाजिरी पर हंगामा, मुंबई मनपा का सरकार के पास 10 हजार 931 करोड़ बकाया

- राज्य में 1208 गैस सिलेंडरों को जब्त, 18 गिरफ्तारी
- 3 करोड़ 77 लाख 85 हजार 669 रुपए का दंड, कोटपा कानून उल्लंघन के खिलाफ 23203 मामला दर्ज
- मंत्री फुंडकर की गैरहाजिरी पर विधानसभा में हंगामा, 15 मिनट तक रुका कामकाज
- राज्य में अवैध नर्सिंग होम और फर्जी डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई करने टास्क फोर्स का गठन
- राज्य में 94 बाल सुधार गृह बंद, सरकार ने माना- संस्थाओं ने शुरू ही नहीं किया संचालन
- मुंबई मनपा का राज्य सरकार के पास 10 हजार 931 करोड़ रुपए बकाया
Mumbai News. राज्य में जनवरी से 15 मार्च 2026 के बीच सतर्कता दस्ते ने 2129 गैस सिलेंडरों की जांच की है। जिसमें से 1208 गैस सिलेंडरों को जब्त किया गया है। इस कार्रवाई में 33 लाख 66 हजार 411 रुपए का माल जब्त किया गया है। 23 मामला दर्ज किया गया है। जबकि 18 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। खाड़ी देशों में युद्ध के कारण घरेलू गैस, व्यवसायिक गैस और तेल की कीमतें बढ़ गई हैं।सोमवार को विधान परिषद में प्रदेश के खाद्य, नागरिक आपूर्ति मंत्री छगन भुजबल ने यह जानकारी दी। सदन में नियम- 93 के तहत कांग्रेस विधायक अभिजीत वंजारी ने घरेलू और व्यवसायिक गैस सिलेंडर की किल्लत का मुद्दा उठाया था। इसके जवाब में भुजबल ने कहा कि केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि घरेलू गैस सिलेंडर का पर्याप्त भंडारण है। युद्ध की स्थिति में केंद्र सरकार ने ईंधन की आपूर्ति सुचारू रूप से करने के निर्देश कंपनियों को दिए हैं। राज्य में 8 मार्च को गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी रोकने के लिए जिला स्तर पर सतर्कता दस्ता स्थापित किया गया है।
गैस सिलेंडर की दर
भुजबल ने बताया कि केंद्र सरकार ने बीते 7 मार्च से घरेलू गैस की कीमत 852 रुपए 50 पैसे से बढ़ाकर 912 रुपए 50 पैसे किया है। जबकि व्यावसायिक सिलेंडर की कीमत 1720 रुपए 50 पैसे से बढ़ाकर 1835 रुपए कर दिया है।
तेल की कीमतें बढ़ी
भुजबल ने बताया कि 1 फरवरी की तुलना में 11 मार्च 2026 को मूंगफली खाद्य तेल की कीमत प्रति किलो 188 रुपए से बढ़कर 194 रुपए हो गई है। राई का तेल की कीमत प्रति किलो 200 रुपए से बढ़कर 204 रुपए हो गई है। सोया तेल प्रति किलो 153 रुपए के बजाय अब 159 रुपए में मिल रहा है। सनफ्लावर तेल प्रति किलो 172 रुपए से बदले 178 रुपए और पाम तेल प्रति किलो 145 रुपए से बढ़कर 148 रुपए हो गया है।
अस्पतालों और शिक्षा संस्थानों में 100 प्रतिशत सिलेंडर आपूर्ति
भुजबल ने बताया कि राज्य के अस्पतालों, शिक्षा संस्थानों, वृद्धाश्रमों, अनाथ आश्रमों को 100 प्रतिशत गैस सिलेंडर आपूर्ति, सरकारी और सेना क्षेत्र, रेलवे, हवाई परिवहन, पुलिस और जेल की कैंटीन को 70 प्रतिशत गैस सिलेंडर और एसटी महामंडल की कैंटीन, दवाई उद्योग, मत्स्यपालन समेत अन्य जगहों पर 50 प्रतिशत गैस सिलेंडर आपूर्ति की जा रही है। भुजबल ने कहा कि राज्य में लोगों को केरोसिन उपलब्ध कराया जा रहा है। बाम्बे हाईकोर्ट की नागपुर की खंडपीठ ने पहले एक आदेश में उज्जवला योजना गैस कनेक्शन धारकों को केरोसिन देने पर रोक लगाई थी। लेकिन वर्तमान परिस्थिति में केरोसिन की जरूरत है। इसलिए इस बारे में नागपुर खंडपीठ को अवगत करा दिया गया है।
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राज्य में 237 मेडिकल दुकानों का लाइसेंस रद्द, 2559 मेडिकल दुकानों का लाइसेंस निलंबित, विप में एफडीए मंत्री जिरवाल ने दी जानकारी
उधर राज्य में अप्रैल 2024 से जनवरी 2026 के बीच बिना पर्ची के दवाई देने वाली 237 मेडिकल दुकानों का लाइसेंस रद्द किया गया है। जबकि 2559 मेडिकल दुकानों का लाइसेंस निलंबित किया गया है। विधान परिषद में प्रदेश के अन्न व औषधि प्रशासन (एफडीए) मंत्री नरहरी जिरवाल ने एक सवाल के लिखित जवाब में यह जानकारी दी। जिरवाल ने बताया कि राज्य में कुल 17 हजार 650 मेडिकल दुकानों की जांच की गई थी। भाजपा विधायक परिणय फुके ने इस बारे में लिखित सवाल पूछा था।
3 करोड़ 77 लाख 85 हजार 669 रुपए का दंड, कोटपा कानून उल्लंघन के खिलाफ 23203 मामला दर्ज
प्रदेश में कोटपा कानून- (सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम) के तहत अप्रैल 2025 से जनवरी 2026 के बीच 23 हजार 203 मामला दर्ज किया गया। इस कार्रवाई में 3 करोड़ 77 लाख 85 हजार 669 रुपए का दंड वसूला गया है। विधान परिषद में पूछे गए एक सवाल के लिखित जवाब में प्रदेश के अन्न व औषधि प्रशासन (एफडीए) मंत्री नरहरी जिरवाल ने यह जानकारी दी। जिरवाल ने बताया कि 1 अप्रैल 2025 से 31 अक्टूबर 2025 के बीच स्कूलों और कॉलेजों के 67 दुकानों की जांच की थी। जिसमें 6 दुकानों पर प्रतिबंधित अन्नपदार्थों का भंडारण जब्त किया गया है। इन जगहों पर से 1 लाख 250 रुपए का प्रतिबंधित खाद्य भंडारण जब्त किया गया है। इन सभी घटनाओं में मामला दर्ज किया गया है। जिरवाल ने बताया कि महाराष्ट्र जुआ प्रतिबंध अधिनियम के तहत 32 हजार और महाराष्ट्र शराबबंदी अधिनियम के तहत 1 लाख 23 हजार 33 मामले दर्ज किए गए हैं। सदन के भाजपा विधायक प्रवीण दरेकर ने राज्य के स्कूलों के 100 मीटर परिसर में तंबाखूजन्य पदार्थों की बिक्री करने वाले दुकानों के खिलाफ कार्रवाई के बारे में सवाल पूछा था।
मंत्री फुंडकर की गैरहाजिरी पर विधानसभा में हंगामा, 15 मिनट तक रुका कामकाज, उद्धव के विधायक सुनील प्रभु बोले, कामगारों पर चर्चा हो रही और मंत्री ही नहीं है मौजूद
उधर सोमवार को विधानसभा में बजट सत्र के दौरान अनुदान की मांगों पर चर्चा के समय कामगार मंत्री आकाश फुंडकर की गैरमौजूदगी को लेकर हंगामा हो गया। शिवसेना (उद्धव) के विधायक सुनील प्रभु ने इस पर कड़ी नाराजगी जताते हुए सवाल उठाए, जिसके चलते करीब 15 मिनट तक सदन की कार्यवाही बाधित रही। प्रभु ने सदन में कहा कि जब कामगारों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हो रही है तो संबंधित मंत्री का सदन में मौजूद न रहना गंभीरता की कमी दर्शाता है। प्रभु को जवाब देते हुए संसदीय कार्य मंत्री चंद्रकांत पाटील ने कहा कि सदन में जब 8-10 मंत्री पहले ही मौजूद हैं तो इसे मुद्दा नहीं बनाना चाहिए। प्रभु ने आरोप लगाया कि मंत्री अक्सर सदन में मौजूद नहीं रहते और कई बार गलत जानकारी भी देते हैं। उन्होंने कहा कि कामकाज पत्रिका के अनुसार कामगार मंत्री को सदन में मौजूद रहना चाहिए था। जिसको लेकर सत्ता और विपक्ष के सदस्यों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। इस दौरान संसदीय कार्य मंत्री चंद्रकांत पाटील ने स्थिति को संभालने की कोशिश करते हुए कहा कि सदन में अन्य मंत्री मौजूद हैं, इसलिए इसे बड़ा मुद्दा नहीं बनाया जाना चाहिए। हालांकि सुनील प्रभु अपनी मांग पर अड़े रहे और उन्होंने कहा कि जब तक संबंधित मंत्री सदन में नहीं आते, तब तक चर्चा शुरू नहीं की जानी चाहिए। इस बीच करीब 15 मिनट तक चली बहस और गतिरोध के बाद जब मंत्री आकाश फुंडकर सदन में पहुंचे, तब जाकर सुनील प्रभु ने अपने सवाल उठाने शुरू किए और चर्चा आगे बढ़ सकी।
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राज्य में अवैध नर्सिंग होम और फर्जी डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई करने टास्क फोर्स का गठन
प्रदेश में अवैध नर्सिंग होम और फर्जी डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई के लिए राज्य के नगर विकास विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव और राज्य के स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव का संयुक्त टास्क फोर्स बनाया जाएगा। इस टास्क फोर्स में राज्य के स्वास्थ्य सेवा निदेशक, विभागीय आयुक्त और पुलिस महानिरीक्षक को शामिल किया जाएगा। इसके साथ ही नर्सिंग होम एक्ट में संशोधन किया जाएगा। सोमवार को विधान परिषद में प्रदेश के कैबिनेट मंत्री उदय सामंत ने यह घोषणा की। प्रश्नकाल में भाजपा विधायक चित्रा वाघ और कांग्रेस विधायक भाई जगताप ने मुंबई के अवैध निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम के खिलाफ कार्रवाई को लेकर सवाल पूछा था। जवाब में सामंत ने कहा कि हाईकोर्ट ने मुंबई समेत राज्य भर के अवैध नर्सिंग होम के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। इसलिए यह टास्क फोर्स राज्य भर के नर्सिंग होम की जांच करके कार्रवाई करने संबंधित रिपोर्ट 90 दिनों में सरकार को देगा। फिर टास्क फोर्स की रिपोर्ट विधानमंडल के मानसून अधिवेशन में सदन में पेश की जाएगी। सामंत ने कहा कि मुंबई मनपा के स्वास्थ्य विभाग के अफसरों, राज्य के स्वास्थ्य विभाग और राज्य के चिकित्सा शिक्षा विभाग के अफसरों को भी अपने स्तर पर अस्पतालों के जांच के आदेश दिए जाएंगे।
मुंबई में 35 अवैध नर्सिंग होम के खिलाफ कार्रवाई
सामंत ने बताया कि मुंबई में 1371 पंजीकृत नर्सिंग होम हैं। जबकि कुर्ला, गोवंडी और चेंबूर समेत अन्य इलाकों के 35 अवैध नर्सिंग होम के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
महज 50 रुपए दंड, छह महीने की छह सजा
सामंत ने कहा कि नर्सिंग होम एक्ट के नियमों का उल्लंघन करने वालों पर 50 रुपए का दंड और छह महीने की सजा का प्रावधान है। इसलिए नर्सिंग होम एक्ट में संशोधन आवश्यकता है।
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राज्य में 94 बाल सुधार गृह बंद, सरकार ने माना- संस्थाओं ने शुरू ही नहीं किया संचालन
राज्य में नाबालिक बच्चों की देखभाल और संरक्षण के लिए स्वीकृत 94 बाल सुधार गृह अभी तक शुरू नहीं हो पाए हैं। विधानसभा में पूछे गए एक प्रश्न के लिखित जवाब में महिला एवं बाल विकास मंत्री आदिती तटकरे ने यह जानकारी दी। भाजपा विधायक सुधीर मुनगंटीवार ने सवाल पूछते हुए कहा कि राज्य में कई बाल गृह स्वीकृत होने के बावजूद कार्यान्वित क्यों नहीं हैं और उन्हें फिर से शुरू करने के लिए सरकार क्या कदम उठा रही है। इस पर मंत्री तटकरे ने अपने जवाब में कहा कि जरूरतमंद बच्चों की देखभाल और संरक्षण के लिए इन 94 बाल सुधार गृहों को मान्यता दी गई थी। इन संस्थाओं को संबंधित कानूनों के तहत प्रमाणपत्र भी जारी किए गए थे। हालांकि, संबंधित संस्थाओं ने अपने स्तर पर विभिन्न कारणों से इनका संचालन शुरू नहीं किया। मंत्री तटकरे ने यह भी बताया कि बॉम्बे हाई कोर्ट ने इस मामले में अप्रैल 2025 के पहले सप्ताह में राज्य सरकार को स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए थे। अदालत ने पूछा था कि बंद पड़े बाल गृहों को शुरू करने के लिए सरकार ने क्या कार्रवाई की है। सरकार के अनुसार इन संस्थाओं को कैसे अनुमति दी गई थी। महिला एवं बाल विकास विभाग का कहना है कि अब इन बंद बाल गृहों के मामले की समीक्षा की जा रही है और जरूरतमंद बच्चों को आश्रय और संरक्षण उपलब्ध कराने के लिए आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मुंबई मनपा का राज्य सरकार के पास 10 हजार 931 करोड़ रुपए बकाया
मुंबई मनपा का राज्य सरकार के पास 10 हजार 931 करोड़ रुपए बकाया है। सरकार के पास मुंबई मनपा का प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा अनुदान 7 हजार 241 करोड़ 38 हजार रुपए, गृहनिर्माण विभाग का 934 करोड़ 28 लाख रुपए समेत विभिन्न विभागों, संपत्ति कर, सीवेज टैक्स, जल टैक्स की राशि देना बाकी है। विधान परिषद में प्रदेश के कैबिनेट मंत्री उदय सामंत ने यह स्वीकार किया है। सामंत ने कहा कि सरकार की ओर से चरणबद्ध तरीके से बकाया राशि मुंबई मनपा की दी जाएगी। सोमवार को प्रश्नकाल में शिवसेना (उद्धव) के विधायक सुनील शिंदे ने मुंबई मनपा पर राज्य सरकार के पास बकाया अदा करने को लेकर सवाल पूछा था। इसके जवाब में सामंत ने बताया कि मुंबई मनपा की 1 लाख 41 हजार 356 करोड़ रुपए परियोजनाएं शुरू हैं। इसमें कोस्टल रोड, गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड, विभिन्न पुल और नदियों को सफाई समेत अन्य परियोजनाओं का समावेश है। मुंबई मनपा को विभिन्न जमीन लीज पर देने से 1152 करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त होगा।
मनपा आयुक्त निकालेंगे रास्ता
सामंत ने कहा कि मुंबई मनपा ने प्राथमिक शिक्षा अनुदान 5 हजार 655 रुपए का बकाया होने का दावा किया है। जबकि राज्य का स्कूली शिक्षा विभाग ने केवल 200 करोड़ रुपए बकाया होने की बात कही है। मुंबई मनपा सातवें वेतन आयोग के अनुसार राशि मांग रही है। जबकि स्कूली शिक्षा विभाग चौथे वेतन आयोग के अनुसार बकाया राशि देना चाहता है। इसलिए मुंबई मनपा के आयुक्त भूषण गगराणी को बीच का रास्ता निकालने के निर्देश दिए जाएंगे। सामंत ने कहा कि आरटीई के तहत मुंबई मनपा का 86 करोड़ रुपए मानसून अधिवेशन शुरू होने से पहले दिया जाएगा।
गद्दारी और हिम्मत की कीमत शब्द पर भिड़े सामंत और परब
इस बीची सदन में शिवसेना (उद्धव) के विधायक अनिल परब ने कहा कि सामंत के उत्तर में विसंगति है। एक ओर मुंबई मनपा का राज्य सरकार के पास करोड़ों रुपए का बकाया है और दूसरी तरफ मुंबई मनपा की अदायगी बढ़कर कई लाख करोड़ रुपए हो गई है।परब ने कहा कि पिछले तीन सालों में सत्तारूढ़ विधायकों और सांसदों को 1600 करोड़ रुपए की विकास निधि दी गई है। इस पर सामंत ने कहा कि हिम्मत की कीमत है। यह सुनकर परब भड़क गए। परब ने कहा कि यह हिम्मत की कीमत नहीं बल्कि गद्दारी है। पहले निजाम गद्दारी करने वालों को पैसे देते थे। उसी तरह अब पैसे दिए गए हैं। इसके जवाब में सामंत ने कहा कि मिठी नदी के गाद निकालने में हुआ भ्रष्टाचार, अभिनेता डिनो मोरिया के भाई सांतनु मोरिया को ठेका देना, नाईट बार चलाने वाले केतन कदम को काम देना, कोरोना काल में खिचड़ी वितरण में भ्रष्टाचार गद्दारी है। गठबंधन किसी दल के साथ करना और सरकार किसी और दल के साथ बना लेने को गद्दारी करते हैं। सामंत ने कहा कि परब को उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर टिप्पणी नहीं करनी चाहिए।
फर्जी लेटरहेड पर पास बनाकर तीन हजार में बेचा जा रहा है- उदय सामंत
महाराष्ट्र राज्य औद्योगिक विकास महामंडल (एमआईडीसी) के फर्जी लेटरहेड पर उद्योग विभाग के 50 अधिकारियों का नाम और पद लिखकर पास लिया गया है। सोमवार को विधान परिषद में प्रदेश के उद्योग मंत्री उदय सामंत ने यह खुलासा किया है। विधानमंडल सचिवालय के कुछ कर्मियों ने उद्योग समेत कई सरकारी विभागों का फर्जी लेटरहेड तैयार किया है। विधानमंडल के ये कर्मचारी बजट अधिवेशन का पास ढाई से तीन हजार रुपए में बेचते हैं। इसको लेकर सभापति राम शिंदे ने कहा कि इस मामले की जांच करके दोषियों के खिलाफ बजट अधिवेशन खत्म होने से पहले कार्रवाई की जाएगी। वहीं सामंत ने कहा कि इस बारे में मुख्यमंत्री सचिवालय ने उद्योग विभाग से इस बारे में पूछताछ की थी। इसके बाद विधानमंडल सचिवालय के अफसरों ने फर्जी पास तैयार करने वालों से कर्मियों से पूछा तो उन्होंने गलती स्वीकार की है। इससे सरकार की बदनामी हुई है। इसलिए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
भाजपा सांसद निशिकांत दुबे सरकार के दामाद हैं क्या – सचिन अहिर
विधान परिषद के सदन में शिवसेना (उद्धव) के विधायक सचिन अहिर ने झारखंड के भाजपा सांसद निशिकांत दुबे को पाबंदी के बावजूद पुणे के भीमाशंकर मंदिर में दर्शन की अनुमति देने का मुद्दा उठाया। सोमवार को सदन में अहिर ने पूछा कि दुबे सरकार के दामाद हैं क्या ? अहिर ने कहा कि भीमाशंकर मंदिर में दर्शन पर रोक है। राज्य के विधायकों को भी प्रवेश की अनुमति नहीं है। लेकिन हेलीकॉप्टर आकर दुबे ने सीधे भीमाशंकर मंदिर में दर्शन किया है। पिछले साल दुबे ने ही कहा था कि हमारे राज्य में आने पर मराठी भाषियों को पटक-पटक कर मारेंगे। ऐसे में दुबे को वीआईपी व्यवस्था कैसे दी गई ? इस पर प्रदेश के उद्योग मंत्री उदय सामंत ने कहा कि दुबे के मामले की जांच की जाएगी। पुणे के जिला प्रशासन से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। इसके बाद सरकार सदन में बयान में देगी। सामंत ने कहा कि दुबे के विवादित बयान का सत्तारूढ़ दलों ने कभी समर्थन नहीं किया था।
सोनारों को मानधन तय करने नीति बनाई जाएगी, विप में सहकारिता राज्य मंत्री भोयर ने दिया आश्वासन
सोने का मूल्यांकन करने वाले सोनारों (गोल्ड वैल्यूअर्स) को मानधन तय करने के लिए एक नीति बनाई जाएगी। विधान परिषद में प्रदेश के सहकारिता राज्य मंत्री पंकज भोयर ने यह आश्वासन दिया। भोयर ने कहा कि सरकार ने सोनारों की सुरक्षा के लिए एक सतर्कता समिति का गठन किया है। यह समिति मुंबई के महाराष्ट्र सहकारी बैंकर्स एसोसिएशन, पुणे के राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति और सोनारों के विभिन्न संगठनों के साथ बैठक करेगी। इसके बाद सरकार सोनारों का मानधन तय करने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तय करेगी। सोमवार को सदन में भाजपा विधायक चित्रा वाघ ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जरिए सोनारों की समस्या का मुद्दा उठाया था। इसके जवाब में भोयर ने कहा कि सोना गिरवी रखकर कर्ज लेते समय सोने का मूल्यांकन सोनार करते हैं। बैंकों और अन्य संस्थाओं की ओर से सोनारों की नियुक्ति की जाती है। लेकिन ऐसे सोनारों को कितना मानधन देना चाहिए? आरबीआई ने इसका कोई नियम नहीं बनाया है। सोने का मूल्यांकन करने वाले सोनारों को एक लाख रुपए तक कर्ज मंजूर होने पर केवल तीन सौ रुपए और दस लाख तक कर्ज के लिए दो हजार रुपए मिलते हैं।
Created On :   16 March 2026 9:54 PM IST












