यात्री परिवहन पर फैसला: राज्य में ई-रिक्शा और ई-बाइक टैक्सी के लिए भी परमिट होगा अनिवार्य, एमएमआर में पार्किंग के लिए नई नीति बनाएगी सरकार

राज्य में ई-रिक्शा और ई-बाइक टैक्सी के लिए भी परमिट होगा अनिवार्य, एमएमआर में पार्किंग के लिए नई नीति बनाएगी सरकार
  • परमिट की प्रक्रिया होगी सरल
  • बनेगा सिंगल विंडो सिस्टम
  • परमिट प्रक्रिया होगी सरल, बनेगा सिंगल विंडो सिस्टम
  • एमएमआर में पार्किंग के लिए नई नीति बनाएगी सरकार

Mumbai News. मुंबई सहित राज्य में अब ई-रिक्शा और ई-बाइक के लिए भी परमिट अनिवार्य कर दिया गया है। यह निर्णय सरकार ने राज्य में ईंधन आधारित ऑटोरिक्शा और टैक्सियों के नए परमिट जारी करने की प्रक्रिया को अस्थायी रूप से निलंबित करने के बाद लिया है। परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने बताया कि यात्री परिवहन के ई-रिक्शा और ई-बाइक के लिए मोटर वाहन विभाग में पंजीकरण कराना और लाइसेंस प्राप्त करना अब अनिवार्य होगा। इसके लिए सिंगल विंडो योजना शुरू की जाएगी।

परिवहन मंत्री सरनाईक ने कहा कि अब तक इलेक्ट्रिक रिक्शा (ई-रिक्शा) के लिए (यात्री परिवहन पर) अलग से परमिट लेने की आवश्यकता नहीं थी। लेकिन अब ई-वाहनों की बढ़ती संख्या को देखते हुए केंद्र सरकार की 2016 में जारी अधिसूचना के तहत यात्री परिवहन में एकरूपता लाने के लिए ई-रिक्शा और ई-बाइक के लिए भी परमिट प्रक्रिया को अनिवार्य करने का निर्णय लिया गया है। इस निर्णय के साथ पारंपरिक रिक्शा, टैक्सी और इलेक्ट्रिक रिक्शा सहित सभी प्रकार के वाहनों पर समान नियम लागू होंगे। मंत्री सरनाईक ने यह भी कहा कि इसका उद्देश्य यात्री परिवहन प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाना और अनियमितताओं को रोकना है।

परमिट प्रक्रिया होगी सरल, बनेगा सिंगल विंडो सिस्टम

परिवहन विभाग द्वारा परमिट प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए एक 'सिंगल विंडो योजना' शुरू करने की तैयारी चल रही है। इस योजना के तहत आवेदन स्वीकार करना, दस्तावेजों का सत्यापन और अनुमोदन प्रक्रिया एक ही स्थान पर सुविधाजनक तरीके से की जाएगी। हालांकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या अनियमितता से बचने के लिए सार्वजनिक यात्री परिवहन करनेवाले सभी प्रकार के वाहनों के लिए परमिट प्राप्त करना अनिवार्य रहेगा।

प्रताप सरनाईक, परिवहन मंत्री के मुताबिक यह निर्णय यात्री परिवहन प्रणाली में अनुशासन लाएगा, नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करेगा और भविष्य में यात्रियों को सुरक्षित और नियंत्रित सेवाएं प्रदान करने में मदद करेगा।

एमएमआर में पार्किंग के लिए नई नीति बनाएगी सरकार

मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर) में पार्किंग के लिए नई नीति बनाई जाएगी। इसके लिए राज्य सरकार के नगर विकास विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव की अध्यक्षता में समिति का गठन किया जाएगा। इस समिति में एमएमआरडीए के सभी विधायकों को शामिल किया जाएगा। विधान परिषद में प्रदेश के कैबिनेट मंत्री उदय सामंत ने यह घोषणा की। शुक्रवार को सदन में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जरिए भाजपा विधायक निरंजन डावखरे और भाजपा विधायक प्रवीण दरेकर ने ठाणे समेत एमएमआर क्षेत्र में पार्किंग के लिए नीति बनाने का मुद्दा उठाया था। जवाब में सामंत ने कहा कि सरकार की ओर से गठित समिति को 90 दिनों में रिपोर्ट देना होगा। यह रिपोर्ट मिलने के बाद सरकार एमएमआर में पार्किंग व्यवस्था के लिए नीति बनाएगी।

ठाणे में 2085 वाहनों के लिए होगी नई पार्किंग व्यवस्था

इसी बीच सामंत ने कहा कि ठाणे में गडकरी रंगायतन, शाहू मार्केट, वागले एमआईडीसी इन तीन जगहों पर कुल 2085 वाहनों के लिए नई बहुमंजिला पार्किंग सुविधा निर्माण की जा रही है। इन तीनों परियोजनाओं का काम साल 2027 के आखिरी तक पूरा करने का लक्ष्य है। सामंत ने बताया कि फिलहाल ठाणे शहर में रेलवे स्टेशन के पास गांवदेवी मार्केट, गांवदेवी मैदान, विवियाना मॉल, अशर पार्किंग, कशिशि पार्क में कुल 2152 वाहनों के पार्किंग सुविधा उपलब्ध है।

ठाणे में बनेंगे दो ट्रक टर्मिनल

सामंत ने कहा कि ठाणे शहर के संशोधित विकास प्रारूप के अनुसार साल 2046 की जरूरतों को देखते हुए दो जगहों पर ट्रक टर्मिनल बनाए जाएंगे। ठाणे शहर में 7.71 हेक्टेयर क्षेत्र में दो ट्रक टर्मिनल का निर्माण होगा। इसके साथ ही ठाणे 55 जगहों पर पार्किंग के आरक्षण का प्रस्ताव सितंबर 2025 में सरकार को प्राप्त हुआ है। सरकार पार्किंग आरक्षण के प्रस्ताव को जल्द ही मंजूरी प्रदान करेगी। इस दौरान डावखरे ने कहा कि मैं विधायक हूं। इसके बावजूद मुझे नहीं पता है कि दो ट्रक टर्मिनल किस जगह पर बनेंगे। इस पर सामंत ने कहा कि ठाणे मनपा को पार्किंग प्रारूप बनाते समय विधायकों को जानकारी देने के लिए निर्देश दिए जाएंगे।

Created On :   13 March 2026 9:11 PM IST

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