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Mumbai News: निजी स्कूलों के कर्मियों को भी चरित्र सत्यापन कराना अनिवार्य, प्री-प्राइमरी के लिए बनाया जाएगा नया अधिनियम

Mumbai News. प्रदेश के स्वयं वित्तपोषित स्कूलों को भी चपरासी, शौचालय सफाई कर्मी, बस ड्राइवर समेत अन्य कर्मियों का पुलिस से चरित्र सत्यापन करना अनिवार्य किया गया है। विधान परिषद में प्रदेश के स्कूली शिक्षा मंत्री दादाजी भुसे ने यह जानकारी दी। गुरुवार को सदन में भाजपा विधायक प्रसाद लाड, शिवसेना (शिंदे) विधायक मनीषा कायंदे ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जरिए स्कूलों में छात्राओं के खिलाफ अत्याचार की बढ़ती घटनाओं का मुद्दा उठाया था। जवाब में भुसे ने कहा कि राज्य में सरकारी के अलावा निजी स्कूलों के कर्मियों का पुलिस से चरित्र सत्यापन करवाना अनिवार्य है। ऐसा नहीं करने वाले स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। भुसे ने कहा कि बदलापुर में बच्ची के साथ हुई घटना के बाद आरोपी को एनकाउंटर में मारा गया था। इसके बावजूद दुर्भाग्य से बदलापुर में ही बच्चियों के साथ दो और घटनाएं हुई हैं। इसलिए समूचे समाज को मिलकर जन जागरूकता के माध्यम से क्रूर मानसिकता बदलने की आवश्यकता है।
स्कूलों में छात्राओं के लिए होंगे पिंक कमरे
भुसे ने कहा कि राज्य के स्कूलों में छात्राओं के लिए पिंक कमरे बनाए जाएंगे। स्कूल में छात्राओं को सेल्फ डिफेंस का प्रशिक्षण दियाजा रहा है। स्कूलों में शिकायत पेटी, सखी सावित्री समिति का गठन करने समेत अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। भुसे ने कहा कि स्कूल परिसर में ही अभिभावकों को बैठने अथवा खड़े रहने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए जाएंगे। क्योंकि अभी कई स्कूलों के बाहर ही अभिभावक बच्चों को छोड़ने अथवा लेने के लिए खड़ा रहना पड़ता है।
प्री प्राइमरी के लिए नया कानून
भुसे ने कहा कि राज्य में 3 से 6 साल के बच्चों के लिए प्री- प्राइमरी (पूर्व प्राथमिक) स्कूलों को लेकर नया अधिनियम बनाया जाएगा। इसके लिए प्रारूप तैयार किया जा रहा है।
बच्चों की सुरक्षा के लिए नीति बनाई जाएगी क्या - सिंह
भाजपा विधायक राजहंस सिंह ने कहा कि सरकार स्कूली बच्चों की सुरक्षा के लिए कोई नीति बनाएगी क्या ? इसके जवाब में भुसे ने कहा कि हाईकोर्ट की समिति के निर्देशों का पालन किया जा रहा है।
Created On :   12 March 2026 8:37 PM IST










